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अपने आलसीपन से ग्रस्त HSPCB को NGT जगाने में लगी, पर सरकारी बाबुओं की नींद नहीं खुलती

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प्रदूषण काे लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक अाैर सख्त कदम उठाया है। एनजीटी ने हरियाणा स्टेट पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड (एचएसपीसीबी) काे पानीपत में नियमाें के खिलाफ चल रही इंडस्ट्रियाें पर कार्रवाई की रिपाेर्ट 11 फरवरी 2020 तक पेश करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने दिसम्बर 2018 में सेंट्रल पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड (सीपीसीबी) के सर्वे का हवाला भी दिया है।

एनजीटी ने बाेर्ड के अधिकारियाें काे कैटेगरी वाइज जांच के लिए समय-सीमा तय कर दी है। एचएसपीसीबी काे अवैध रूप से भूजल निकालने वाली इंडस्ट्रियाें पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा कि ‌पिछले साल दिसंबर में सीपीसीबी की टीमों ने पानीपत के 55 उद्योगों का निरीक्षण किया था। इनमें से 31 उद्योग नियमों के खिलाफ चल रहे थे। ये पर्यावरण को प्रदूषित करने के दोषी पाए गए थे। इन पर एक्शन के लिए कहा गया था। वहीं 54 और उद्योगों का जायजा लिया गया था।

लोगों की कब्र पर नहीं किया जा सकता औद्योगिक विकास, एनजीटी की हरियाणा को फटकार

यह करनी थी कार्रवाई

मई 2019 में असंताेषजनक रिपाेर्ट पेश की

निर्देश के तहत पाॅल्यूशन पर कंट्राेल के लिए कैटेगरी वाइज करनी हाेगी जांच

80 इंडस्ट्रियों पर की छापेमारी, 11 को किया है बंद : आरओ यहां सांसद ने उद्यमियों से कहा, आपको एनजीटी के आदेशों की परवाह नहीं, हमने फोन कर बंद कराई इंडस्ट्री

 

बदला माैसम लाया राहत… बूंदाबांदी से 10 डिग्री गिरा तापमान, 50 पॉइंट गिरकर 369 से 319 पर आया एक्यूआई

सांसद संजय भाटिया ने हरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की बैठक में उद्यमियों और अधिकारियों को सुधरने के लिए कहा है। सांसद ने कहा कि अधिकारियाें ने पानीपत काे साेमनाथ का मंदिर समझकर रखा है। जिसका जब मन किया लूटने के लिए अा गए। अब एेसा नहीं चलेगा। हम पानीपत काे साेमनाथ मंदिर नहीं बनने देंगे। साथ ही उद्यमियाें काे भी सुधरना हाेगा। नियमाें में रहकर काम कराेगाे ताे किसी हिम्मत नहीं है, काेई अापके दरवाजे पर अा जाए। मुझे खुद कहना पड़ रहा है कि एनजीटी के निर्देश के बाद भी कई उद्याेगपति ताे अपनी इंडस्ट्री बंद करने काे भी तैयार नहीं थे। हमने खुद फाेन करके बंद कराई। सांसद ने कहा कि हमें मिलजुलकर ही पर्यावरण प्रदूषण की समस्या का समाधान करना है इसलिए सबको अपना फर्ज समझना होगा। मंदिर न समझें…पढ़ें पेज 4 पर

पानीपत | प्रदूषण की मार झेल रहे पानीपत वासियों को गुरुवार को हुई बूंदाबांदी ने कुछ राहत दिलाई। एक्यूआई 369 से गिरकर 319 तक आ गया। वहीं, अधिकतम तापमान भी 10 डिग्री नीचे आ गया। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी बूंदाबांदी की संभावना है। 28 अक्टूबर से पानीपत जहरीली गैसों को चैंबर बन गया था। एयर क्वालिटी इंडेक्स 489 तक पहुंच गया था। हवा में पीएम 2.5 अाैर पीएम 10 कणाें की मात्रा इतनी बढ़ गई थी कि सांस लेना भी मुश्किल हाे गया था। मंगलवार से 20 किलाेमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने के कारण प्रदूषण से राहत मिलना शुरू हाे गया था। पश्चिमी विक्षाेभ के कारण गुरुवार सुबह से ही अासमान में काले बादल छाना शुरू हाे गए थे। दाेपहर 12 बजे से बूृंदाबांदी हुई।