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अफगानिस्तान में मिले महाभारत के सबूत, भारत का ही हिस्सा था अफगानिस्तान-ईरान तक था पूरा आर्यव्रत

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क्या आप जानते हैं कि अफगानिस्तान जो कि आज एक मुस्लिम राष्ट्र है वह कभी हिंदुस्तान का एक अभिन्न हिस्सा हुआ करता था और वर्ष 1980 में अफगानिस्तान में हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग बहुत संख्या में थे। एक वक्त था जब हिंदुस्तान की सीमाएं अफगानिस्तान के पार जाकर ईरान को छूती थी।

वर्ष 1980 में अफगानिस्तान पर राजा जयपाल का शासन हुआ करता था और वह एक हिंदू राजा था, लेकिन मुसलमान सुल्तानों ने लगातार उन पर हमला करके उनको सत्ता से बेदखल कर दिया और इसके बाद धीरे-धीरे अफगानिस्तान भारत वर्ष की नक्शे से बाहर चला गया। 17वीं सदी तक तो अफगानिस्तान नाम का कोई राष्ट्र भी नहीं था। अफगानिस्तान नाम का प्रचलन अहमदशाह दुर्रानी के शासन काल में शुरू हुआ। भारत पर सबसे पहले सफल हमला मोहम्मद बिन कासिम ने किया था। अफगानिस्तान का सीधा संबंध महाभारत से भी है। क्योंकि कौरवों की मां गांधारी अफगानिस्तान के गांधार शहर से थी जिसे आज कंधार नाम से जाना जाता है।

गांधारी गांधार देश के सुबल राजा की इकलौती कन्या थी और बाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड में भी गांधार का गंधर्व देश नाम से वर्णन किया गया है। अफगानिस्तान के पठानों को पहले पक्का और पख्तून कहा जाता था और अंग्रेज शासन में जीन पिंडारी समुदाय के लोगों ने इनके खिलाफ जंग छेड़ दी थी वह पठान थे। यहां के बामियान शहर में भगवान गौतम बुद्ध की दो विशाल प्रतिमा हुआ करती थी। जिसमें से एक तो पूरे विश्व में भगवान बुद्ध की सबसे ऊंची प्रतिमा थी लेकिन मार्च 2001 में एक कट्टरपंथी संगठन (ISIS) ने इस मूर्ति को तोड़कर इए ऐतिहासिक धरोहर को नष्ट कर दी थी।

लेकिन यह काम उनके लिए इतना आसान नहीं था। क्योंकि पांचवी सदी में बनाई गई यह मूर्तियां बलुआ पत्थर में एक पहाड़ को तराश कर बनाई गई थी और काफी विशाल थी। पहले रॉकेट लांचर का इस्तेमाल करके इन्हें तोड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाए। इसके बाद मूर्तियों में बने छोटे गड्ढों में बारूद लगाकर विस्फोटों किए गए, फिर भी उन्हें कामयाबी नहीं मिली। इससे मूर्तियों की सिर्फ टांगे ही नष्ट हुई। बाद में कट्टरपंथियों ने लगातार 25 दिनों तक इन मूर्तियों के हर हिस्से में बारूद भरकर विस्फोटक किए उसके बाद जाकर उन्हें कामयाबी मिली।

आपको बता दें मूर्तियों को गिराने की यह कोई पहली कोशिश नहीं थी। इससे पहले चंगेज खान ने 1221 में उसके बाद 18वीं सदी में औरंगजेब और इसके साथ ही कई और मुसलमान राजाओं ने इन मूर्तियों को तोड़ने की प्रयास किया लेकिन इनमें से किसी को भी सफलता नहीं मिली थी।

इसी तरह यहां की म्यूजियम में रखी गई बौद्ध और हिंदू देवताओं की मूर्तियां को भी कट्टरपंथियों ने नष्ट करने की कोशिश की थी और इसमें वह काफी हद तक सफल भी रहे, लेकिन अफगानिस्तान की बौद्ध और हिंदू इतिहास के सबूत यहां कि काबुल म्यूजियम में आज भी संभाल कर रखे हुए हैं तो यह था हमारे भारतवर्ष की इतिहास का छोटा सा हिस्सा जो अफगानिस्तान का उल्लेख किए बिना अधूरा है।

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18 से 28 साल के बेरोजगार युवाओं को बड़ा तोहफा; एक फोन पर काम देगी सरकार-10 वीं पास होना जरूरी

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बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) शुरू की गई है। किसी भी वर्ग का ऐसा कोई व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 28 साल है, वो इस योजना का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, उन्हें 10वीं पास होना जरूरी है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को ट्रेनिंग देकर खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।

इसमें ट्रेनिंग की फीस का भुगतान सरकार करती है। युवा वर्ग को संगठित करके उनके कौशल को निखार कर उनकी योग्तानुसार रोजगार देना भी इस योजना में शामिल है। इस योजना में कई सारी स्कीम्स शामिल हैं। फॉर्म भरते समय आप अपनी पसंद की स्कीम चुनकर उसका प्रशिक्षण ले सकते हैं। फाइनल एग्जाम पास होने पर उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए 8000 रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके लिए किसी तरह की फीस या पैसा नहीं देना पड़ता है। उल्टा सरकार आपको पुरस्कार राशि के रूप में 8 हजार रुपए देती है। स्कीम में 3 महीने, 6 महीने और 1 साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। जो सर्टिफिकेट दिया जाता है, वह पूरे देश में मान्य होगा। ट्रेनिंग के बाद सरकार आर्थिक सहायता करने के साथ नौकरी दिलाने में भी मदद करती है। यानी कम पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार पाने के लिए भटकना नहीं पड़ता है।

पाठ्यक्रम पूरा होने पर एसएससी द्वारा स्वीकृत मूल्यांकन एजेंसी आपका मूल्यांकन करेगी। फिर आपको सरकारी प्रमाण-पत्र तथा स्किल कार्ड प्राप्त होगा। सभी तरह की टेक्निकल जानकारी और कम्प्यूटर नॉलेज को बढ़ावा देना। कम-पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं कक्षा ड्राप आउट (बीच में स्कूल छोड़ने वाले) युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देना। साथ ही उनकी योग्यता के अनुसार उनका काम-धंधा शुरू करने में मदद करना। सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों पर युवाओं को अलग-अलग एरिया में ट्रेनिंग के साथ पुरस्कार राशि भी देना। जो युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं उनमें आत्मविश्वास भरना तथा उनके अन्दर छिपे कौशल को विकसित करना।

आवेदन करने के लिए कौन से डॉक्युमेंट्स जरूरी : आधार कार्ड , दो पासपोर्ट साइज के फोटो , कहां तक पढ़े हैं, उसकी मार्कशीट , आपके परिवार के किसी सदस्य का आधार कार्ड।

कोई भी कर सकता है अप्लाई

भारत का कोई भी बेरोजगार नागरिक आवेदन कर सकता है। : ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद आवेदक जिस तकनीकी क्षेत्र में ट्रेनिंग करना चाहता है, उसे चुनना होगा। इनमें कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, फूड प्रोसेसिंग,फर्नीचर व फिटिंग, हैंडीक्रॉफ्ट, जेम्स एवं ज्वेलरी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों की सूची दी गई है। आवेदक को अपने नगर, घर के आसपास ट्रेनिंग सेंटर मिल सके, इसके लिए सरकार ने कई टेलीकॉम कंपनियों को जोड़ रखा है। ये कंपनियां योजना से जुड़े लोगों को मैसेज कर ट्रोल-फ्री नंबर देंगी जिस पर कैंडिडेट को मिस कॉल देना होता है। तुरंत आपको फोन आता है, जिसके बाद आप आईवीआर सुविधा से जुड़ जाएंगे। इसके बाद आवेदक द्वारा दी गई जानकारी कौशल विकास योजना के सिस्‍टम में सेव हो जाती है। फिर आवेदनकर्ता को उसे निवास स्थान के पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ दिया जाता है।

कैसे करें अप्लाई : सबसे पहले कौशल विकास योजना की वेबसाइट (pmkvyofficial.org) पर जाना होगा। उसके बाद कैंडिडेट्स रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करेंगे तो फॉर्म दिखेगा। उसमें मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भर दें। वेबसाइट पर कई सारे तकनीकी क्षेत्र दिए गए हैं। आप अपनी पसंद व योग्यता के विषय पर मार्क कर दें। फिर जैसे ही सबमिट करेंगे आपके मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन नंबर आएगा। आपके मोबाइल नंबर पर आपको आगे की जानकारी मिलती रहेगी। इसके अलावा आप साइट से नज़दीकी ट्रेनिंग सेंटर खोज कर डायरेक्ट वहां जाकर भी इनरोलमेंट करवा सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर : यदि आपको रजिस्ट्रेशन से जुड़ी या ट्रेनिंग से संबंधित किसी प्रकार की कोई और सूचना चाहिए तो आप इस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18001028056) पर बात कर सकते हैं। इसके अलावा आप मोबाइल नंबर (8800055555, 9289200333) पर भी जानकारी ले सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए भी आप इस नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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200 और 2000 के नोट पर RBI ने अचानक लिया बड़ा फैसला…हर किसी को जानना जरूरी है

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आप 200 और 2000 रुपये के गंदे और कटे-फटे नोट को आसानी से बदल सकते है। रिजर्व बैंक ने कटे-फटे और गंदे नोट बदलने के RBI (नोट रिफंड) रूल्स 2009 में बदलाव कर दिया है। अब आप 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2000 रुपये के नोट बदल सकते है।

आम आदमी की बड़ी टेंशन दूर- दो हजार का नोट जारी हुए करीब दो साल से ज्यादा हो गए हैं। 2000 और 200 के नोटों का भी रंग उतरने, कटने-फटने के बाद कई शहरों में शिकायतें आई थीं कि बैंक इन्हें बदल नहीं रहे हैं। बैंकों का कहना है कि उनके पास आरबीआई से इसकी इजाजत ही नहीं है। इससे छोटी पूंजी से लेकर बड़ा कारोबार करने वाले भी परेशानी झेल रहे थे।

पहले कोई प्रावधान नहीं था- नोट बदलने का कानून आरबीआई एक्ट की धारा 28 के अंतर्गत आता है। इसमें नोटबंदी के पहले जैसे ही कटे फटे या गंदे नोट बदलने की इजाजत थी। नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने अब तक इसमें कोई भी संशोधन नहीं किया था। अब नए मसौदे में संशोधन कर 200 और 2000 रुपये के नोट बदलने के प्रावधान को जोड़ दिया गया है।

दो हजार रुपये के नोट नवंबर 2016 को नोटबंदी लागू होने के बाद जारी किए गए थे, जबकि 200 रुपये का नोट सितंबर 2017 के बाद जारी हुआ है। देश भर में बड़ी तादाद में लोग इस बात को लेकर काफी परेशान हैं कि नोट नहीं बदले जा रहे हैं। बैंक भी कानून न होने की वजह से लोगों के नोट नहीं बदल पा रहे हैं। कानून में बदलाव होने के बाद लोगों को राहत मिल सकेगी।

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ये हैं इंडिया की वो 6 जगहें, जहां खुलेआम रोमांस कर सकते हैं लव-बर्ड्स

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भारत एक ऐसा देश है, जहां प्रेमियों पर कई बंदिशें लगाई जाती हैं। पार्क और गार्डन में गार्ड्स तो गली-मोहल्लों में पड़ोसियों की नजर से बचकर अगर कोई लव बर्ड प्यार के कुछ पल चुरा भी ले, तो घर वालों की नजरों से बच पाना नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारत की ऐसी 6 जगहों के बारे में जहां कपल्स खुलेआम रोमांस कर सकते हैं।

एवरग्रीन है गोवा…

गोवा में दुनियाभर के कई देशों से पर्यटक आते हैं। इस जगह के लोग भारत में बाकी जगहों की तुलना में थोड़े से खुले विचारों के होते हैं। बस आपको यहां के लोकल्स की नजरों से बचकर रहना होगा। यहां फैले बीचेस के पास रोमांस करते हुए अगर आपको कोई देख भी ले तो शायद वो अपने काम से काम रखेगा। अगर आपको अपने पार्टनर के साथ रोमांस करने की आजादी चाहिए, तो ये आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है।

दायरा बुग्याल, उत्तराखंड

उत्तराखंड की पहाड़ियों पर बसे दायरा बुग्याल की खूबसूरती पर्यटकों को अपनी तरफ खिंचती है। वैसे तो इस जगह पर ऐसे कई पॉइंट्स हैं, जहां आप अपने पार्टनर के साथ रोमांस कर सकते हैं लेकिन आप चाहें तो कैंप लगाकर यहां स्टे कर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप अपने साथ एक गाइड रखें और उसे कैंप से थोड़ा दूर रहने को कहें। फिर तो शायद इससे रोमांटिक डेट आपके लिए कोई नहीं होगी।

कुडेल बीच, कर्नाटक


ॐ बीच के नजदीक बसे इस बीच पर काफी कम लोग ही आते हैं। यहां का नजारा काफी शांत और मनमोहक है। ऐसे नजारे के बीच अपने पार्टनर के साथ समय बिताना किसे अच्छा नहीं लगेगा। तो देर किस बात की, अभी पहुंच जाइए अपने पार्टनर के साथ यहां।

त्रिउंड, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के मैक्लॉडगंज
से 3 घंटे की चढ़ाई पर बसा है त्रिउंड। सालों-साल यहां आने वाले टूरिस्ट्स की संख्या बढ़ती जा रही है। रात के अंधेरे में टेंट लगाकर तारों के नीचे अपने पार्टनर की बाहों में समय बिताना चाहते हैं, तो ये जगह आपके लिए बेस्ट है।

रेवडंडा बीच, महाराष्ट्र

अलीबाग के नजदीक मौजूद इस बीच पर हर साल कई इवेंट्स का आयोजन होता है। इन इवेंट्स में हिस्सा लेने आए कपल्स के लिए टेंट किराए पर दिया जाता है। अगर आप यहां रोमांस करते हैं और कोई आपको देख भी ले, तो किसी को फर्क नहीं पड़ेगा। आप यहां बिलकुल सुरक्षित रहेंगे।

खुरई रेगिस्तान, राजस्थान

जैसलमेर से 50 किलोमीटर दूर खुरई रेगिस्तान में रोमांस करने का अपना ही मजा है। हर तरफ फैली धूल और उसमें आप अपने कपल के साथ समय बिताते हुए। जैसे-जैसे शाम ढलती है, यहां का माहौल रोमांटिक हो जाता है। वैसे आपको यहां घुमाने लेकर आए ऊंट सवार भी आपके कैंप से थोड़ी दूर रहना ही पसंद करते हैं, ताकि आपको प्राइवेसी मिल सके।

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