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पानीपत

आम आदमी की ज़िंदगी पर चोट जैसी सरकारी कर्मियों की हड़ताल, जाने क्या क्या होगा असर

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देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर मंगलवार और बुधवार को सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि कुछ कर्मचारी संगठन हड़ताल में शामिल नहीं होंगे, लेकिन बड़े संगठन हड़ताल कर रहे हैं।

सरकार की ओर से आउट सोर्सिंग पॉलिसी और प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे कर्मचारियों के सहारे व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करेगी। इधर, रोडवेज कर्मचारियों पर पहले से एस्मा लागू है। इसलिए परिवहन विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से उनके खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई होगी।

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बता दें कि 30-31 अक्टूबर को भी प्रदेश के सभी महकमों के कर्मचारियों ने रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में हड़ताल की थी। उस वक्त करीब 2.5 लाख कर्मचारियों में करीब 2 लाख कर्मचारी हड़ताल पर गए थे। इससे आमजन को काफी परेशानी हुई थी। परिवहन विभाग के निदेशक आरसी बिधान ने बताया कि रोडवेज में पहले से ही एस्मा लागू है। कोर्ट की भी डायरेक्शन है कि कर्मचारी हड़ताल नहीं करेंगे। जो हड़ताल पर जाएगा, उसके खिलाफ एस्मा के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल है। इसमें काफी संख्या में कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे।

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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा व सीटू के महासचिव जय भगवान ने बताया कि 8-9 जनवरी की देशव्यापी हड़ताल में सभी विभाग, बोर्ड, निगम के कर्मचारी शामिल होंगे। इनके अलावा उद्योगों में भी कामकाज ठप रखने का दावा किया है। राज्य में सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस, यूटीयूसी, कर्मचारी संगठन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ,  संयुक्त कर्मचारी मंच, बैंक व बीमा क्षेत्र की यूनियनें ने दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

उन्होंने दावा किया कि हड़ताल ऐतिहासिक होगी और पूरे देश में 20 करोड़ से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी, मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ हड़ताल में शामिल होंगे।  कर्मचािरयों की 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन, स्थाई रोजगार, समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ठेके व आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मियों को स्थाई करने के अलावा हरियाणा में पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन देने, सफाई कर्मचारियों सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने, शिशु शिक्षा भत्ते में दोगुना बढ़ोतरी करने जैसी मांगे शामिल हैं।

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फेडरेशन ने किया हड़ताल का बहिष्कार :
ऑल हरियाणा शेड्यूल कास्ट एंप्लाइज फेडरेशन से जुड़े कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष रामकुमार और प्रदेश महासचिव चंद्रमोहन ने कहा कि हड़ताल मुद्दाहीन है। इसलिए उनका संगठन शामिल नहीं होगा। आरोप लगाया कि दूसरे संगठन एससी-बीसी कर्मचारियों की कभी मांग नहीं उठाते हैं। बिना आरक्षण के कच्चे कर्मचारियों को पक्का कराना संवैधानिक नहीं है।

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों को नहीं मिलेगी छुट्‌टी :
देश व्यापी हड़ताल को लेकर सरकार ने कर्मचारियों पर शिकंजा कस दिया है। 8 व 9 जनवरी को किसी भी कर्मचारी को अवकाश नहीं मिलेगा। इसके लिए मुख्य सचिव डीएस ढेसी की ओर से सभी एचओडी और डीसी को आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा सभी कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने को कहा है। साथ ही लिखा गया है कि दोनों दिन दोपहर को 2 बजे मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए। जिसमें उपस्थित और अनुपस्थित रहने वाले रेगुलर, कांट्रेक्ट और आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों की पूरी जानकारी दी जाए।

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