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इस मंदिर में बंदरों को पिलाई जाती है शराब.. मन्नत पूरी होने का जरिया बन गए बंदर

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Spread the loveइसमें कोई शक नहीं है कि दुनिया में सबसे  ज्यादा मान्यताओं का देश भारत है। दुनिया के सबसे ज्यादा धार्मिक आडंबर भी यहीं होते हैं। कुछ ऐसा ही यूपी के एक मंदिर में भी होता है। जानकारी के मुताबिक, सीतापुर जिले से लगभग 70 किमी दूर अटवा कुरसठ गांव में एक मंदिर है। […]

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इसमें कोई शक नहीं है कि दुनिया में सबसे  ज्यादा मान्यताओं का देश भारत है। दुनिया के सबसे ज्यादा धार्मिक आडंबर भी यहीं होते हैं। कुछ ऐसा ही यूपी के एक मंदिर में भी होता है।

जानकारी के मुताबिक, सीतापुर जिले से लगभग 70 किमी दूर अटवा कुरसठ गांव में एक मंदिर है। जहां पर बंदरों को शराब पिलाई जाती है। चूंकि मंदिर गांव से भी दूर जंगल के बीच में बना है। यह चारों तरफ से खुला है और उसमें कोई दरवाजा या खिड़की नहीं है, इसलिए यहां कोई पुजारी भी नहीं बैठता।

इस मंदिर को हरदोई के राजेश कुमार सिंह ने 1992 में बनवाया था। मंदिर अटवा गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति रहे रामगुलाम सिंह सूर्यवंशी की जन्मभूमि पर बना है। हालांकि आने वाले भक्त बाइक और अपनी कार से यहां आते हैं। इस मंदिर के भगवान को प्रसन्न करने के लिए यहां शराब का चढ़ावा चढ़ता है।

यह शिव का बहुत पुराना मंदिर है। यहां शिवलिंग पर लोग अपनी मनोकामना के लिए शराब चढ़ाते हैं। कहा जाता है कि शिवलिंग पर चढ़ने वाली शराब अगर बंदर पी लेते हैं, तो प्रसाद चढ़ाने वाली की मन्नत जरूर पूरी होती है।

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इस मंदिर में भक्त शिवलिंग पर शराब और लाई का भोग चढ़ाते हैं। इस भोग को वहां रहने वाले बंदर मजे से पीते और खाते हैं। भक्तजन यहां मिट्टी या प्लास्टिक के ग्लास में बंदरों के लिए शराब भरकर रख जाते हैं। बंदर वहां चढ़ाई गई लाई को शराब के साथ खाते हैं।
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