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एक और ‘नीरव मोदी’: लगाई 14 बैंकों को हजार करोड़ की चपत, देश से फरार

घोटालों के मौसम में एक और बैंकिंग घोटाला सामने आया है। चेन्नई स्थित ज्वेलरी कंपनी के मालिक ने एक साथ 14 को एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगाई और बाद में विदेश फरार हो गया है। अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। हालांकि अभी तक किसी तरह की कोई एफआईआर फिलहाल […]

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घोटालों के मौसम में एक और बैंकिंग घोटाला सामने आया है। चेन्नई स्थित ज्वेलरी कंपनी के मालिक ने एक साथ 14 को एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगाई और बाद में विदेश फरार हो गया है। अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। हालांकि अभी तक किसी तरह की कोई एफआईआर फिलहाल दर्ज नहीं की गई है।

लिया था 842 करोड़ का लोन

कनिष्क गोल्ड के मालिक भूपेश जैन और उनकी पत्नी नीता जैन ने एसबीआई सहित 13 अन्य बैंकों से करीब 842.15 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इन बैंकों में पीएसयू और प्राइवेट शामिल हैं। एसबीआई ने सबसे ज्यादा लोन कनिष्क गोल्ड को दिया था।

फिलहाल भूपेश और उसकी पत्नी फरार चल रहे हैं और उनके मॉरीशस में होने की संभावना है। अब ब्याज मिलाकर के यह एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है।

2007 से चल रहा था लोन

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एसबीआई की ओर से लिखे पत्र के अनुसार, कनिष्क गोल्ड ने 2007 से कर्ज लेना शुरू किया और बाद में उसने अपनी क्रेडिट की सीमा बढ़वा लिया। मार्च 2017 में पहली बार कंपनी ने सभी 14 बैंकों की लोन की किश्त चुकाना बंद कर दिया था।

इसके बाद एसबीआई ने 11 नवंबर 2017 को पहली बार आरबीआई को फ्रॉड होने की सूचना दी। इसके बाद जनवरी 2018 में अन्य बैंकों ने आरबीआई को फ्रॉड होने की सूचना देकर के आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा।

मई में बंद मिला ऑफिस, फैक्टरी और शोरूम

बैंकों ने 5 अप्रैल 2017 को सबसे पहले कंपनी का स्टॉक ऑडिट करना शुरू किया। लेकिन तब भी कंपनी के प्रमोटर से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद 25 मई को जब बैंकों ने कनिष्क के ऑफिस, फैक्टरी और शोरूम का दौरा किया तो वहां पर ताला लटका मिला।

krizz नाम से खोली थी फैक्टरी

भूपेश ने हाल ही क्रिज नाम से चेन्नई में ज्वेलरी बनाने की फैक्टरी खोली थी। यह फैक्टरी केवल व्यापारियों के लिए थी, जो कंपनी से सीधे गोल्ड ज्वैलरी खरीद सकते थे।

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