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पानीपत

एसडी पीजी कॉलेज में 9वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस उल्लास के साथ मनाया गया

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Spread the love एसडी पीजी कॉलेज में 9वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता पानीपत की उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सुमेधा कटारिया आईएएस ने की. इस अवसर पर नगराधीश पानीपत सुश्री शशि वसुंधरा एचसीएस, अतिरिक्त उपायुक्त पानीपत श्री सुजान सिंह और एसडीएम पानीपत श्री […]

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एसडी पीजी कॉलेज में 9वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता पानीपत की उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सुमेधा कटारिया आईएएस ने की. इस अवसर पर नगराधीश पानीपत सुश्री शशि वसुंधरा एचसीएस, अतिरिक्त उपायुक्त पानीपत श्री सुजान सिंह और एसडीएम पानीपत श्री विवेक चौधरी भी कार्यक्रम में विशिष्ट मेहमान के तौर पर उपस्थित रहे. एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान डॉ एसएन गुप्ता एवं प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने माननीय मेहमानों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया. कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य युवाओं में वोट के महत्व और प्रजातन्त्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का बोध करवाना था.

इस अवसर पर मतदाता जागरूकता एवं मत के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने वाले उत्कृष्ठ व्यक्तियों एवं श्रेष्ठ बीएलओ को भी सम्मानित किया गया. मतदान के महत्व पर भिन्न-भिन्न स्कूलों और कालेजो में आयोजित निबंध, भाषण, पेटिंग, स्लोगन एवं पोस्टर मेकिंग प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को भी उपयुक्त महोदया द्वारा सम्मानित किया गया. मंच का संचालन डॉ (श्रीमति) संगीता गुप्ता ने किया. इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सुमेधा कटारिया ने जिले के लगभग हर कॉलेज और स्कूल से आए छात्र-छात्राओं को निर्भीक, जागरूक और निरंतर वोट डालने की शपथ भी दिलाई.

लोक संपर्क विभाग हरियाणा से श्रीपाल एंड पार्टी ने रागिनी “वोट के महत्त्व को सब समझो-समझाओ, लोकतंत्र मजबूत बने जब सारे कदम उठाओ” के माध्यम से उपस्थित युवा मतदाताओ को जागरूक किया. “बढ़ाये कदम, दिखाए वोट का दम” थीम से पूरा हाल लबरेज था. कार्यक्रम के अंत में माननीया उपायुक्त महोदया ने जिला निर्वाचन विभाग पानीपत की वैन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया जो शहर-गाँव जाकर लोगो को मतदान के प्रति जागरूक करेगी.
माननीय उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सुमेधा कटारिया आईएएस ने अपने प्रेरणापूर्ण वक्तव्य में कहा की देश में क्रान्ति लाने के लिए वोट का एक ठप्पा ही काफी है. उन्होनें कहा की वोट का महत्व हमारे पूर्वजों से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता. राष्ट्रीय voterमतदाता दिवस हमारी संवेदनशीलता को जगाने वाला दिन है. वोट न सिर्फ हमारा अधिकार है बल्कि यह हमारा कर्तव्य भी है.

वोट के कारण ही भारतीय प्रजातंत्र में असंभव को संभव करने की ताकत आई है. जो लोग वोट नहीं डालते वे गुनाह करते है. ऐसे व्यक्तियों को असल में देश शब्द की परिभाषा ही मालूम नहीं है. हमें अपना उदासीन रवैया आज ही बदलना होगा और उस वोट का प्रयोग सुनिश्चित करना होगा जिसके लिए हमारे पूर्वजों ने इतनी कुर्बानियां दी. उन्होनें कहा की भारत एक युवा देश है और भारत का भविष्य युवाओं के हाथो में है. परन्तु फिर भी बहुत से युवा अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल नहीं करते.आज से 70 साल पहले भारत अंग्रेजो के अधीन था तथा तब और अब में यही फर्क है की तब हमें वोट डालने और हमारी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार नहीं था. आज है तो हम इसका इस्तेमाल नहीं करते. देश के शहीदों ने इसी अधिकार के लिए अपने प्राण न्यौछावर किये.

एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान डॉ एसएन गुप्ता ने अपने सन्देश में कहा की जो भी युवा 18 वर्ष की आयु को प्राप्त कर गया है उसे आज यह प्रण लेना चाहिए की वह अपने इस अधिकार का निरंतर और बेखौफ प्रयोग करेगा. उन्हे जीवन में वयस्क होते ही सबसे ज्यादा ज़िम्मेदारी का कार्य सौंपा गया है और अब देखना सिर्फ यह है की वह इस ज़िम्मेदारी पर कितना खरा उतरता है.
भारत एक गणतांत्रिक देश है और गणतांत्रिक देश में सबसे अहम होता है चुनाव और मत का प्रयोग. गणतंत्र एक यज्ञ की तरह होता है जिसमें मतों की आहुति बेहद अहम है. यहां एक वोट भी सरकार और सत्ता बदलने के लिए काफी होती है. ‘आलस’ और ‘मेरे एक वोट से क्या होगा’ जैसे रवैये से ही देश को नुकसान होता है और इसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते. हम खुद को बदलेंगे तो, सिस्टम भी खुद-ब-खुद बदल जाएगा.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की इंटरनेट पर भारतीय सिस्टम और राजनीति पर बड़ी-बड़ी बहस करने वाले अकसर मतदान वाले दिन सिर्फ इसलिए वोट डालने नहीं जाते क्यूंकि उन्हें वहां लाइन में लगता पड़ता है और कुछ देर के लिए अनुशासन का पालन करना पड़ता है. गणतांत्रिक प्रणाली तभी सुचारु रूप से चल सकती है जब हर इंसान अपने मत का प्रयोग करे और अपनी इच्छा-अनिच्छा को जाहिर करे. 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था.

यह दिन भारत के सभी मतदाताओं के नाम है ताकि उन्हें लोकतंत्र के प्रति उनके दायित्वों की याद रहे और वह खुद इसके महत्व को समझ सकें. 26 जनवरी से पहले इस दिवस की प्रासंगिकता बेहद सटीक बैठती है. दरअसल मतदाता और उसका मत ही भारतीय लोकतंत्र या किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र का मूल आधार होता है. पिछले कई वर्षों से भारतीय लोकतंत्र में मतदाताओं की मतदान में कम होती रुचि जनता की लोकतंत्र में घटती आस्था को इंगित करती है. इससे देश के राजनेताओं का चिंतित होना भी स्वाभाविक है.

इसी चिंता को खत्म करने के लिए सरकार ने 25 जनवरी के दिन कई बड़े-बड़े कदम उठाए है ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकें और उनका खास ज़ोर युवा वर्ग की ओर है. राष्ट्रीय मतदाता दिवस का यह 9वां वर्ष है तथा एसडी पीजी कॉलेज को इनमे से 8 कार्यक्रमों को आयोजीत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. यह कॉलेज के शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक बोध का भी परिचायक है. देश कि स्वच्छता, लडकियों की सुरक्षा और बौद्धिक विकास – वोट के सही प्रयोग के ही विस्तार है.

इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर जिले के कॉलेज और स्कूल में हुए रंगोली, निबन्ध, भाषण, मेहँदी प्रतियोगिताओ में स्थान पाए छात्र-छात्राओ को पुरस्कार भी बांटे गए. सर्वश्रेष्ठ बीएलओ को भी पुरस्कृत किया गया जिनमे कैलाश रानी, मनोज कुमार आदि शामिल थे. इस अवसर पर एसडी कॉलेज के प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने एक नाटक “सोच कर, वोट कर” भी मंचित किया जिसमे दिखाया गया कि कैसे लोग पैसे, शराब, जात, धर्म के नाम पर पहले अपने वोट का गलत इस्तेमाल करते है और फिर बाद में पछताते है जिसकी उपायुक्त महोदया ने खूब प्रसंशा की. इस अवसर पर प्रसाशन की तरफ से युवा मतदाताओं को रिफ्रेशमेंट भी वितरित की गई.

मंच संचालन डॉ (श्रीमति) संगीता गुप्ता ने किया. इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ एसके वर्मा, डॉ राकेश गर्ग, प्रो पवन कुमार, प्रो मनोक कुमार, प्रो यशोदा अग्रवाल, प्रो इंदु पुनिया, श्री शशी मोहन गुप्ता, श्री दीपक मित्तल भी मौजूद रहे.

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