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क्या ऐसे होगा अन्धविश्वास का अंत? जब डॉक्टर ही मरीज़ की जान बचाने के लिए लेंगे झाड़-फूंक का सहारा

आज के मॉर्डन जमाने की बात करें, तो आपको अपने आस-पास ऐसे बहुत से लोग मिल जाएंगे जो किसी भी प्रकार के अंधविश्वास पर रत्ती भर भी यकीन नहीं करते होंगे. ऐसे लोगों को सोशल मीडिया पर छाए एक वीडियो को देखना चाहिए. इस वीडियो को देख कर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी क्योंकि […]

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आज के मॉर्डन जमाने की बात करें, तो आपको अपने आस-पास ऐसे बहुत से लोग मिल जाएंगे जो किसी भी प्रकार के अंधविश्वास पर रत्ती भर भी यकीन नहीं करते होंगे. ऐसे लोगों को सोशल मीडिया पर छाए एक वीडियो को देखना चाहिए. इस वीडियो को देख कर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी क्योंकि इसमें एक डॉक्टर ही अपने मरीज़ की जान बचाने के लिए एक बाबा का सहारा लेते दिखाई दे रहा है.

जी हां, एक डॉक्टर जो MBBS की ड्रिग्री लेने के बाद किसी मरीज़ का इलाज करने के लायक बनता है. वही अपने पेशे पर विश्वास न करते हुए झाड़-फूंक पर यक़ीन करता है. हैरानी की बात ये है कि उसी डॉक्टर ने अपने पेशेंट को सर्जरी कराने की सलाह दी थी. दुखद बात ये है कि इसके बाद मल्टीपल ऑर्गन फ़ेल्यूर की वजह से उसकी मौत हो गई.

ये पूरा मामला महाराष्ट्र के पुणे का है. यहां संध्या सोनावड़े नाम की महिला के शरीर में गांठ की शिकायत थी. उसने जब ये बात वहां के एक डॉक्टर को बताई तो उसने इसे निकालने के लिए सर्जरी करने की सलाह दी. वो इसके लिये तैयार हो गई, लेकिन आईसीयू में इसी डॉक्टर ने उसकी जान बचाने के लिए एक बाबा को बुलाकर तंत्र-मंत्र का सहारा लिया.

इस घटना का वीडियो अस्पताल के किसी कर्मी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. इसी का संज्ञान लेते हुए ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा उन्मूलन सीमिती’ ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ़ केस दर्ज कराया है. फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

अब सवाल ये है कि जब हमारे डॉक्टर ही ऐसे अंधविश्वास पर यक़ीन करने लगेंगे, आम जनता का क्या हाल होगा? इस तरह तो हमारे देश से अंधविश्वास का खात्मा होना नामुमकिन हो जाएगा.

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