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पानीपत

क्‍या कोई बस के अंदर से बैठे-बैठे ही टायर के नीचे कुचला जा सकता है। पानीपत में ह त्‍यारी व्‍यवस्‍था में ऐसा भी हो गया।

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पानीपत में मंगलवार को ब्रेकर पर बस उछलने से उसके अंदर बैठा बच्चे टूटे हुए फ्लोर से नीचे गिर गया और उसी बस ने उसे कुचल दिया। बच्चे की मौके पर मौत हो गई। वह अपने बड़े भाई और मां के साथ सत्संग सुनकर घर आ रहा था। घटना के बाद मौके पर मौजूद भीड़ ने बस को तोड़ दिया, वहीं ड्राइवर मौके से फरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बस के पीछे बाइक लेकर चल रहे चाचा की आंखों के सामने नीचे गिरा था बच्चा

पानीपत के कच्चा कैंप इलाके की पूरे वाला कॉलोनी में रहने वाला कार्तिक (5) अपनी मां रजनी, बड़े भाई जतिन (7) और चाचा मनोज के साथ डेरा बाबा जोध सचियार के सत्संग में गया हुआ था। सत्संग आसन कलां गांव में हो रहा था।

मृतक बच्चा कार्तिक। (फाइल)

सत्संग सुनने के लिए वे बाइक पर चाचा मनोज के साथ गए थे लेकिन वापिस लौटते समय दोपहर 1 बजे का समय था। ज्यादा गर्मी होने की वजह से वहां खड़ी बस में घर आने के लिए बैठ लिए। बस जोध सचियार स्कूल की थी। चालक ने उनसे 20 रुपए लिए और अंदर बैठा दिया। वे तीनों एक सीट पर बैठ गए और चाचा मनोज बस के पीछे बाइक पर चल दिया।

जिस सीट पर वे बैठे थे, वहां से बस का फ्लोर टूटा हुआ था। उस फ्लोर पर लड़की का फट्टा लगाया गया था। आसन कलां गांव में बने ब्रेकर पर बस जैसे ही उछली तो 5 वर्षीय कार्तिक उस फट्टे वाली जगह से नीचे गिर गया। नीचे गिरते ही बस का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया।

बस के अंदर टूटा हुआ फ्लोर, जहां से बच्चा नीचे गिरा।

चाचा मनोज ने बच्चा गिरता देख कुछ दूरी पर बस को रुकवाया। उन्होंने देखा तो बच्चा कोई और नहीं बल्कि उसका भतीजा कार्तिक था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी दौरान गांव के लोगों ने गु स्से में बस के शीशे तोड़ दिए। मौके का फायदा उठाकर बस चालक वहां से फरार हो गया।

ऐसा हादसा न कभी देखा और न ही कभी सुना।

क्‍या कोई बस के अंदर से बैठे-बैठे ही टायर के नीचे कु चला जा सकता है। पानीपत में ह त्‍यारी व्‍यवस्‍था में ऐसा भी हो गया। पांच साल का मासूम बस के अंदर बैठा था। बस का फर्श टूटा था। उसी सुराख से नीचे गिरकर वो टायर के नीचे कु चला गया। इसे स्कूल प्रबंधन और परिवहन विभाग की लचर कार्यशैली की इंतहा कहा जा सकता है। पांच वर्षीय कार्तिक के लिए काल बनी इसी बस से 17 बच्चों को हर रोज परीक्षा केंद्र पर लाया और ले जाया जाता रहा। एक महीने से बस के टूटे फर्श पर जुगाड़ का पैबंद लगाया गया था। बस के टायर के नीचे आया मासूम का सिर लापरवाह सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक चेहरों से जवाब मांग रहा है।

इस सुराग की जानकारी गुरुद्वारा और स्कूल प्रबंधन को थी, फिर भी इसे ठीक नहीं कराया गया। सिर्फ लकड़ी का फट्टा रख एक जुगाड़ कर सुराग को बंद कर दिया गया।

इस लचर सिस्टम का जिम्मेदार आरटीए भी है। जिसने बस की पासिंग के दौरान सही कार्य नहीं किया। उधर, आक्रोशित लोगों का कहना है कि भले ही गुरुद्वारा व स्कूल प्रबंधन कमेटी राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक पहचान रखती हो, लेकिन शायद ही कमेटी के किसी सदस्य ने बस में चढ़ उसकी हालत जानी हो।

boy dead panipat

जो बेटा हंसी-खुशी साथ गया था। वह कफन में लिपट हाथ आया। सबका रो रोकर बुरा हाल है। मां रजनी बार-बार बेहोश होती रहीं। दादी कह रही थी कि हादसे ने उनकी खुशियां तो छीनी ही, कभी पूरी नहीं होने वाली क्षति दे दी।

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सामान्य अस्पताल में परिजनों ने रोष जताया। वे अड़े हुए थे कि बच्चे की मौत का जिम्मेदारी सिर्फ बस चालक ही नहीं, बल्कि स्कूल मालिक और प्रबंधक भी हैं। पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार करे। गुरुद्वारा संचालन समिति के प्रधान भी अस्पताल आए। डीएसपी बिजेंद्र ने उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। तभी वे शांत हुए।

शहर की विधायक रोहिता रेवड़ी ने कहा कि आरटीए को पाङ्क्षसग में सीट बेल्ट से लेकर नट बोल्ट तक चेक करने होते हैं। यहां पर बस का फर्श ही टूटा हुआ मिला है। यह आरटीए अधिकारियों की गलती से हुआ है। अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए

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परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बताया कि हादसा दुखदायी है। उनकी संवेदनाए पीडि़त परिवार के साथ हैं। इस बारे में आरटीए से रिपोर्ट ली है। उन्होंने बस की जून 2018 में पाङ्क्षसग करने की रिपोर्ट दी है। आरटीए से इस मामले की जांच कराई जाएगी। पासिंग के दौरान किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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पानीपत ग्रामीण हलका के विधायक महीपाल ढांडा ने कहा कि आरटीए के पास करने के बाद बस में इतनी बड़ी खामी मिलना चिंतनीय है। इसमें अधिकारी भी बराबर के दोषी हैं। यह कोई छोटी घटना नहीं है। इस तरह से किसी बच्चे की मौत होना गंभीर विषय है। वे परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री से बात कर अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग करेंगे।

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मामला सदर थाने का है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। एसएचओ का कहना है कि शव का पो स्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

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