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यमुनानगर

चालक को झपकी आने पर ट्रक की टक्कर सीधे रोडवेज से हो गई।

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ट्रक चालक की लापरवाही रोडवेज यात्रियों की जान पर बन आई। जगाधरी पोंटा हाईवे पर गांव मुंडाखेड़ा के पास ट्रक व रोडवेज डिपो की बस की भिडंत हो गई। इससे करीब 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसमे पांच लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।

हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। आसपास केलोगों ने घायलों को बस से बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और बस व ट्रक को सड़क से हटवाया।

यमुनानगर डिपो की बस
खिजराबाद से चंडीगढ़ जाने वाली यमुनानगर डिपो की बस सुबह करीब आठ बजे निकली। जब बस मुंडाखेड़ा के पास पहुंची, तो सामने से आ रहे ट्रक ने उसे सीधी टक्कर मारी। प्रत्यक्षदर्शी जुबेर ने बताया कि रोडवेज बस अपनी साइड में जा रही थी। ट्रक चालक को झपकी लगी और ट्रक बस की साइड में आया। जिससे वह सीधा बस से टकरा गया।

ट्रक चालक की लापरवाही से हादसा

हादसे में दोनों वाहनों के आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में बस के चालक सलीम, परिचालक आजाद सिंह, नबी आलम मेरठ उत्तर प्रदेश, नर सिंह अराइयांवाला व गुलाबगढ़ निवासी कृष्ण जख्मी हो गए।

सलीम की छाती में घुसी नुकीली चीज

सलीम की छाती में कोई नुकीली चीज घुस गई और सिर में भी चोट आई है। जबकि अन्य घायलों के बाजू व टांगों चोटें आई हैं। एसआइ जगबीर सिंह ने बताया कि ट्रक चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है। घायलों को भर्ती करवा दिया गया है। वह थोड़ा ठीक होंगे, तो बयान लेकर आगामी कार्रवाई होगी।

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पानीपत

नर्स हीटर चला वार्ड में सो गयी, जबकी सर्दी में माँ बच्चे को लेकर बाहर ही बैठी रही

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सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों के स्टाफ का रवैये रोंगटे खड़ा करने वाला है। उनकी संवेदनहीनता की वजह से एक मासूम की मौत हो गई। तीन महीने के मासूम की मौत पर परिजनों ने हंगामा काट दिया।

तीन माह के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने सिविल अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि रात के समय बच्चा रो रहा था। नर्स ने बच्चे को वार्ड से बाहर परिजनों को दे दिया। डॉक्टर को नहीं बुलाया। गुस्साए परिजनों ने सिविल सर्जन का घेराव किया। इस मामले में आरोपित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सिविल सर्जन और सिटी थाने में शिकायत दी।

चार अक्टूबर को बच्चे का जन्म हुआ था
महादेव कालोनी की सुमन पत्नी नरेंद्र को चार अक्टूबर को जगाधरी के सिविल अस्पताल में बेटा सवि पैदा हुआ था। उसे निमोनिया हो गया। सोमवार की रात करीब दस बजे बुखार होने पर सिविल अस्पताल ले आए। यहां डॉक्टर अनिल त्यागी ने प्राथमिक उपचार के बाद भर्ती कर लिया।

सवि रोया तो नर्स ने परिजनों को सौंप बाहर कर दिया
सुमन और नरेंद्र का आरोप है कि रात को सवि रो रहा था। स्टाफ नर्स ने बच्चा उन्हें दे दिया। उन्होंने स्टाफ के सामने हाथ जोड़े और कहा कि डॉक्टर को बुलवा दो। इसकी तबीयत खराब है, लेकिन स्टाफ नर्सों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। कहा कि डॉक्टर सुबह देखेंगे। वार्ड का गेट बंद कर अंदर वह हीटर लगाकर सोते रहे, जबकि रात के समय सर्दी में वह बच्चे को लेकर बाहर ही बैठे रहे। सुबह करीब छह बजे सवि की मौत हो गई।

मां का रो-रोकर बुरा हाल 
सवि की मौत से सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रोते-रोते बदहवास हो रही थी। डॉक्टरों को कोस रही थी। दोपहर करीब एक बजे सिविल सर्जन पहुंचे। पीडि़त परिवार और कालोनी के अन्य लोगों ने सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप का घेराव किया।

पैनल से कराएंगे जांच
सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने कहा कि डॉक्टरों के पैनल से जांच कराएंगे। लापरवाह पर कार्रवाई होगी। बच्चे का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज खानपुर में कराया जाएगा।

बच्चे की हालत गंभीर थी  
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल त्यागी ने कहा कि शिशु को जिस समय लाया गया, उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। उसे एडमिट किया गया था।

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चंडीगढ़

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, गांवों में अब लाल डोरा खत्म, होंगी जमीन की रजिस्ट्री

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हरियाणा के पांच नगर निगमों में भारी जीत से उत्साहित भाजपा अब ग्रामीणों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुट गई है। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और शहरी निकाय मंत्री कविता जैन की सदस्यता वाली कैबिनेट सब कमेटी गांवों का लाल डोरा खत्म करने के हक में है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाले मंत्री समूह में जब यह प्रस्ताव आया तो पूरी सरकार इससे सहमत नजर आई।

कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंत्री समूह सहमत, -जींद उपचुनाव के बाद लग सकती मुहर

जींद उपचुनाव के मद्देनजर सरकार फिलहाल गांवों का लाल डोरा खत्म करने का विधिवत एेलान तो नहीं कर पा रही, लेकिन इस पर लगभग सहमति बन चुकी है। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के सदस्यों ने गांवों की तमाम जमीनें लाल डोरे के दायरे से बाहर निकालने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उपचुनाव के बाद मंत्रिमंडल की बैठक में इसको विधिवत मंजूरी दी जा सकती है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी के नाते सबसे पहले राजीव जैन ने गांवों का लाल डोरा खत्म करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। उनके पत्र को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सब कमेटी बनाई। इसके बाद एक के बाद एक हुई बैठकों में लाल डोरा खत्म करने पर सहमति बनी। बैठक में हालांकि यह प्रस्ताव भी आया कि लाल डोरे का दायरा बढ़ा दिया जाए, लेकिन सहमति तमाम प्रॉपर्टी को लाल डोरे के दायरे से बाहर करने पर बनी।

क्या होता है लाल डोरा

जब गांव बसता है तो लाल डोरे की लाइन खींच दी जाती है। इसके अंदर ही घर बनाना होता है यानी कि इस लाल डोरे के अंदर आबादी होती है। डोरे के अंदर रहने वाले लोगों को अगर जमीन की रजिस्ट्री करानी होती है तो सरपंच उन्हें लिखवाना होता है। इसके बाद ही इंतकाल होता है। अगर किसी व्यक्ति ने लाल डोरे की लाइन (फिरनी) के बाहर जमीन खरीदनी है तो उसकी सीधी रजिस्ट्री हो जाती है।

लाल डोरा खत्म होने से होंगी जमीन की रजिस्ट्री

लाल डोरा खत्म करने से करीब 70 फीसद गांव में बसने वाली आबादी को सीधा फायदा होगा। लाल डोरे के दायरे में आने वाली तमाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी और भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त शुरू होने के साथ ही जमीन की मार्केट वेल्यू में इजाफा होगा।

गांव में सुधरेगा शिक्षा का स्तर, मिलेंगे लोन

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की शिक्षा बड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों को अब बच्चों की उच्च शिक्षा और नौकरियों के लिए एजुकेशन के लिए प्रॉपर्टी पर लोन मिल सकेंगे। राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मंत्री समूह की बैठक में हुई लाल डोरा खत्म करने की चर्चा की पुष्टि करते हुए कहा कि देश के इतिहास में यह आज तक का बहुत बड़ा फैसला होगा।

प्रॉपर्टी बाजार में आएगी तेजी, रुकेंगे अवैध निर्माण

गांव में अवैध निर्माण और उन्हें नियमित कराना बड़ी समस्या थी। गांवों के लोग लाल डोरा बढ़ाने का दबाव सरकार पर लंबे समय से बना रहे थे। इस दबाव और लोगों की जरूरत को समझते हुए कैबिनेट सब कमेटी ने राजीव जैन के प्रस्ताव पर मुहर लगाई और मंत्री समूह ने सिफारिशों को मान लिया। अब अवैध निर्माण बंद होंगे और प्रापर्टी का बाजार गर्माएगा।

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गुड़गांव

पानीपतवासी हो जाएं सतर्क, बादल छाए धुंध बढ़ी, ओले गिरने के आसार

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मौसम ने एक साथ करवट ले ली है। आसमान में हल्के बादल छा गए हैं और ग्रामीण क्षेत्र में सुबह व शाम को धुंध भी बढऩे लगी है। मौसम विशेषज्ञों ने पांच जनवरी को बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

सुबह तेज धुंध छा गई। दृश्यता करीब 10 मीटर की रही। करीब नौ बजे धुंध घटने लगी। दोपहर कुछ देर तक धूप निकली रही। इसके बाद शाम को आसमान में हल्के बादल छाने लगे।शाम होते फिर से धुंध ने आसमान को घेरना शुरू कर दिया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों की माने तो पांच जनवरी वेस्टर्न डिस्ट्रबेंस के कारण मौसम गड़बड़ा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बरसात के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. सुनील मान ने बताया कि किसानों को अभी गेहूं की ङ्क्षसचाई रोक लेनी चाहिए। वे बारिश का इंतजार करें। बारिश गेहूं के लिए वरदान साबित होगी।

सुबह घने कोहरे ने परेशानियां बढ़ाई तो दिन के समय आसमान में बादल छाए रहे। दिनभर लोग ठंड के मारे दुबके रहे। इस दौरान अधिकतम 20 व न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगामी दिनों में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। ठंड बढऩे की संभावना को देखते हुए विशेषज्ञ एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

पांच मीटर की दृश्यता पर रेंगे वाहन
सुबह के समय सीजन में अब तक घना कोहरा छाया। देर रात से ही कोहरा छाना शुरू हो गया था। सुबह के समय हालात काफी  खराब देखे गए। सड़कों पर पांच मीटर की दृश्यता पर वाहन रेंगे। 11 बजे बजे तक कोहरे से जूझना पड़ा। इस दौरान कई छिटपुट घटनाएं भी हुई।

सड़कों से सुरक्षा गायब
कई सड़कों से सफेद पट्टी भी गायब हो गई है। सफेद पट्टी न होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना और भी बढ़ जाती है। जठलाना-रादौर व अलाहर-जयपुर मार्ग पर यह पट्टी कई जगह से गायब है। ऐसे में वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सड़कों पर दौड़ रहे ऐसे वाहनों की संख्या कम नहीं है जिनके पीछे रिफ्लेक्टर नहीं है। घने कोहरे के कारण ये दिखाई नहीं देते और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है।

cold weather

बरतें सावधानी
यातायात थाना प्रभारी यादवेंद्र का कहना है कि कोहरे के कारण सड़क दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है। इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। तेज गति से वाहन न चलाएं। सड़क के किनारे वाहन खड़ा न करें। सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाना सुनिश्चित किया जाए। नशे में वाहन न चलाएं और यातायात के नियमों का पालन करें।

स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग
सामान्य अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया का कहना है कि ठंड के दौरान खासतौर पर बच्चे व बुजुर्ग स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें।यदि अधिक कोहरा है तो सुबह की सैर से परहेज करें। घर पर ही हल्का व्यायाम कर लें। बंद कमरे में अंगीठी न चलाएं। यह नुकसान दायक साबित हो सकती है।

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