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जींद

चौटाला राज के बँटवारे के बाद बँटे फ़ैन, ऐसे ही एक फ़ैन को भारी पड़ा दुष्यंत का प्रचार करना

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करनाल के जयसिंहपुरा गांव के प्रकाश ने 13 साल से इनेलो के लिए अपनी मोडीफाइड की हुई बाइक से प्रचार कर रहे हैं। पार्टी में बंटवारे के बाद जजपा का प्रचार उन्हाेंने किया तो पुलिस ने बाइक सीज कर ली। अब यह बाइक थाने में पहले से जब्त हुई अन्य बाइकों के साथ खड़ी है। पुलिस का कहना है बाइक के कागजात पूरे नहीं थे। इसके कारण इसे जब्त किया गया है।

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प्रकाश ने 13 साल पहले शपथ ली थी कि जब तक ओमप्रकाश चौटाला फिर से मुख्यमंत्री नहीं बन जाते। तब तक वे दाढ़ी नहीं कटवाएंगे और नंगे पैर रहेंगे। अब जेजेपी बनने के बाद उन्होंने यही यही शपथ दुष्यंत के लिए ली है। अब उपचुनाव के चलते प्रकाश ये प्रचार वाहन लेकर जींद पहुंच गए थे।

रोचक हो गया उपचुनाव

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जींद में हो रहा उपचुनाव हाईप्रोफाइल प्रत्याशियों के कारण रोचक हो गया है। नवगठित जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने दिग्विजय चौटाला को टिकट दिया है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) विधायक हरिचंद मिड्ढा के निधन की वजह से यहां उप-चुनाव हो रहे हैं। मिड्ढा के बेटे कृष्ण मिड्ढा को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने कैथल विधायक रणदीप सुरजेवाला को टिकट देकर चुनाव को रोचक बना दिया है। इंडियन नेशनल लोकदल निर्दलीय उमेद सिंह रेढू को अपना समर्थन दिया है। जींद में 28 जनवरी को मतदान और 31 जनवरी को मतगणना होगी।

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पहला चुनाव लड़ रहे हैं दिग्विजय चौटाला
इंडियन नेशनल लोकदल से निष्काषित किए जाने के बाद अजय चौटाला ने अपने दोनों बेटों दुष्यंत और दिग्विजय के साथ मिलकर जननायक जनता पार्टी बनाई थी। नई पार्टी का ये पहला चुनाव है। दिग्विजय चौटाला भी पहली बार कोई चुनाव लड़ रहे हैं, वे पार्टी की युवा इकाई और इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहे हैं। जींद में दिग्विजय चौटाला बड़ा चेहरा हैं।

50 हजार जाट वोटर
जींद में करीब 1.69 लाख वोटर हैं। इनमें से करीब 50 हजार वोटर जाट हैं। हरियाणा बनने के बाद से 51 साल के इतिहास में जींद के अंदर 30 साल पंजाबी और वैश्य समुदाय, 5 साल जाट, 5 साल ओबीसी समुदाय के विधायक रहे हैं।

2014 में 1.86% वोट के अंतर से हारी थी भाजपा 
जींद विधानसभा में 12 बार हुए चुनाव में 5 बार कांग्रेस, 4 बार लोकदल व इनेलो के विधायक बने। जबकि एक-एक बार हरियाणा विकास पार्टी, एनसीओ और निर्दलीय विधायक ने जीत हासिल की। कांग्रेस नेता मांगेराम गुप्ता यहां से 4 बार जीते व 4 बार हारे। 2009 में इनेलो नेता हरिचंद मिढ़ा ने 36.40% वोट लेकर उन्हें हराया। 2014 में मिड्‌ढा ने इनेलो से ही भाजपा में आए सुरेंद्र बरवाला को 1.86% यानी 2257 वोट से हराया।

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