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करनाल

जरा बचके, शहर दर शहर फैल रहा सम्मोहन का जाल, इस तरह उतरवा रहे गहने

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पानीपत: इन दिनों एक ऐसा गिरोह काम कर रहा है, जिससे लोगों में खौफ छाया है। अनजान लोगों से बात भी करना अब मुसीबत बनता जा रहा है। लोगों में खौफ है कि सम्मोहित करके ये गिरोह लोगों को लूट रहा है। पुलिस भी इस गिरोह तक अब तक नहीं पहुंचा पा रही है।

करनाल की न्यू प्रेम कालोनी निवासी 60 वर्षीय पूनम से बदमाश दिन दिहाड़े सोने के कंगन व दो अंगूठियां उड़ा ले गए। बदमाशों ने वारदात को इतने शातिराना तरीके से अंजाम दिया कि महिला को आभास तक नहीं हुआ। जब पता चला तब तक वो फरार होने में कामयाब हो गए।

बातों में उलझा लिया

पूनम अपने पोते जयंत और पोती ज्योति के साथ ज्योति नगर अपने भाई के यहां जा रही थी।  जैसे ही वह तीनों मान कालोनी के नजदीक पहुंचे तो एक युवक उनके पास आया। उसने अपना मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। ताई राम राम कहते हुए उसने महिला को बातों में उलझाया। पूछा कि शिव मंदिर कहां है? वहां जाना है। उसके पास कुछ कूपन है। इससे बुजुर्गों को देने हैं, इसमें जिसका भी नंबर निकलेगा उसे 600 रुपये देंगे।

सोने के कड़ा और अंगूठियां तक उतारकर दे दी

दूसरा बदमाश मौके पर आया। उसने भी एक कूपन लिया। स्क्रेच किए तो उसका नंबर आ गया। उसे मौके पर 600 रुपये दे मिल गए। इसमें से उस बदमाश ने 100 रुपये पूनम की पोती को भी दिए। दोनों ने महिला और उसके बच्चों को बातों में उलझा लिया। देखते ही देखते एक बदमाश ने महिला के हाथ  से सोने का कड़ा और अंगूठियां उतरा ली। उन्हें कुछ समझ भी नहीं आया कि उनके साथ हो क्या रहा है? देखते ही देखते बदमाश बाइक पर मौके से फरार हो गए।

तो क्या सम्मोहित कर लिया।

ज्योति ने बताया कि बदमाशों ने उनके दिमाग पर इस तरह से काबू कर लिया कि सोच ही नहीं पा रहे थे। जैसे जैसे वह बोल रहे थे हम ऐसा ही कर रहे थे।

ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने हमें सम्मोहित कर लिया हो। तब हमें समझ में आया जब बदमाश मौके से भाग गए। हमने शोर मचाया। मौके पर कुछ लोग आए। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।

hypnotized

सीसीटीवी में दिखे बदमाश।

पहले भी हो चुकी है इस तरह की वारदात 

यह पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की कई वारदात हो चुकी है। इसके बाद भी पुलिस इनका पता नहीं लगा पाई है। कांग्रेस के पूर्व शहरी जिलाध्यक्ष सुरेश चंद भारद्वाज ने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में नाकामयाब है। इस तरह से यदि दिन दिहाड़े ही लोग लूटते रहेंगे तो कैसे कोई खुद को यहां सुरक्षित महसूस कर सकता है।

अजनबी से ज्यादा बातचीत न करें

किसी भी अजनबी से ज्यादा बातचीत न करें। इन बदमाशों का तरीका ही ऐसा होता है कि यह बड़ी ही होशियारी से  सामने वाले को अपनी बातों में उलझाते हैं। आमतौर पर बुजर्ग महिलाओं को ही निशाना बनाते हैं। धार्मिक स्थल, मंदिर या इसी तरह की जगह पर बदमाश पहले टारगेट फिक्स करते हैं।

उसका पीछा कर ऐसी  सुनसान जगह तलाशते हैं, जहां आराम से वारदात को अंजाम दे सके। जैसे ही इन्हें ऐसा स्थान मिलता है तुरंत ही एक्टिव हो जाते हैं। दो से तीन मिनट में ही अपना काम निकाल जाते हैं।

पहले एक बदमाश आता है, पीछे से उसके साथी 

पहले एक बदमाश आता है। वह महिलाओं को अपनी बातों में उलझाता है। इसी बीच उसका दूसरा साथी बदमाश भी पहुंच जाता है। लेकिन दिखाते ऐसे हैं जैसे वह एक दूसरे को जानते ही नहीं हो। यह इसलिए करते हैं ताकि जिसे टारगेट किया हो, वह उन पर शक न कर सके। दूसरे साथी का सहयोग लेकर ही वारदात को अंजाम देते हैं।

सभी वारदातों का तरीका एक जैसा 

अभी तक जितनी भी वारदात हुई, सभी का तरीका एक जैसा ही है। दो बदमाश ही इसे अंजाम देते हैं। इससे यहीं अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक ही गिरोह की करतूत है। जो बार बार इसे अंजाम दे रहे हैं। यह आसानी से आम लोगों में घुल मिल जाते हैं। जिससे आसानी से इनका पता भी नहीं चलता है। इसी अंदाज में 12 अक्टूबर को कुंजपुरा रोड पर वारदात को अंजाम दिया था। माडल टाउन निवासी महिला कौशल्या से दो युवकों ने यह कहकर कंगन उतरवा लिए थे कि वह पुलिस वाले। इसके बाद वह दोनों फरार हो गए। सेक्टर एरिया में दो वारदात ऐसी हो चुकी हैं, जब अनजान व्यक्ति घर में आया और उसने महिला को सम्मोहित कर उसके जेवर लूट लिए।

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सहम गया करनाल, सबने देखा वो शू’टआऊट, ताबड़तोड़ गो’लियां बरसीं, ह’त्‍याकांड का वीडियो….

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हाईवे पर जिंदगी सुरक्षित नहीं है। ब’दमाश इतने बेखौफ हैं कि मुख्‍यमंत्री का जिला करनाल तक सेफ नहीं। ह’त्‍यारों ने पहले दामाद को मार डाला। इसके बाद उस परिवार के बेटे की सरेराह ह’त्‍या कर दी। ताबड़तोड़ गो’लियां बरसाईं। इस ह’त्‍याकांड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहा है। ह’त्‍या के वक्‍त किसी ने मोबाइल फोन से यह वीडियो बना लिया था। ह’त्‍यारे आराम से फरार भी हो जाते हैं।

करनाल में जीटी रोड पर ग्रीन वैली पंजाबी ढाबे के निकट कार सवार तीन ब’दमाशों ने डेयरी संचालक विकास को दिनदहाड़े गो’लियों से भून डाला। दादूपुर का विकास उर्फ पिंटू अंजनथली रोड स्थित डेयरी पर जाने के लिए घर से कार में सवार होकर निकला। जीटी रोड पर पीछे से क्रेटा कार में सवार होकर आए तीन ब’दमाशों ने विकास की कार को ओवरटेक कर गो’लियां बरसानी शुरू कर दी। आरोपितों ने 10 राउंड फायर किए।

वा’रदात को अंजाम दे ब’दमाश फरार होने लगे तो उनकी क्रेटा कार अनियंत्रित हो नाले में जा गिरी। इसके बाद आरोपितों ने जीटी रोड पर पिस्तौल के बल पर रविंद्र नाम व्यक्ति से स्कूटी लूट ली। रविंद्र के साथ एक बुजुर्ग महिला भी थी। तीनों हमलावर स्कूटी छीन कर पधाना गांव की ओर फरार हो गए।रवींद्र और महिला ने स्कूटी लूटने की जानकारी उचानी के समीप पुलिस बूथ में तैनात राइडर को दी।

कई खोल बरामद हुए 

जानकारी मिलने के तुरंत बाद हरकत में आए राइडरों ने आरोपितों का पीछा किया। उधर, वा’रदात की जानकारी मिलने के बाद एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल की टीम ने मौके से गो’लियों के कई खोल बरामद किए हैं। पुलिस ने ब’दमाशों की क्रेटा कार को बरामद कर लिया है। पुलिस ने शव को मर्चरी हाउस में भिजवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जीजा की ह’त्या के मुकदमे की कर रहा था पैरवी

पुलिस का कहना है कि विकास उर्फ पिंटू के जीजा अंजनथली के बबली की ह’त्या कृष्ण और जबरा ने कर दी थी। विकास उस मुकदमे की पैरवी कर रहा था। इसी के चलते विकास को गो’लियों से भून डाला।

vikas father

पुलिस की मुस्तैदी पर उठ रहे सवाल 

ह’त्यारे की मौजूदगी का पता तक नहीं चला पुलिस को 

बबली ह’त्याकांड के बाद भी पुलिस आरोपितों को पकडऩे में कामयाब नहीं हो सकी। आरोपितों की कई मामलों में पुलिस को तलाश है। इसके बाद भी वीरवार को आरोपित हाइवे पर कार से आते हैं। विकास का पीछा करते हैं। हाइवे पर जहां एक सेकेंड पांच वाहन गुजर रहे, वहां कार पर गोली चला विकास की कार रूकवाते हैं। फिर भीड़ के सामने गोली मारते हैं। ह’त्याकांड को अंजाम दे साफ बच निकलते हैं। मोस्ट वांटेड की मौजूदगी से लेकर फरार होने तक पुलिस का पता ही नहीं
हाइवे पर तैनात थे पुलिसकर्मी, फिर भी ह’त्यारे फरार  

हाईवे पर ही तरावड़ी में नए थाने का उद्धाटन हो रहा था। एडीजीपी नवदीप विर्क कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। इस वजह से हाईवे पर कई जगह  पुलिस कर्मी  तैनात थे। इतना होने के बाद भी न सिर्फ ब’दमाश वा’रदात को अंजाम दे गए, बल्कि साफ बच कर निकल भी गए। गुस्साए ग्रामीणों ने बताया कि इससे साफ पता चल रहा है कि ह’त्यारों को पुलिस का कतई भय नहीं था। ग्रामीण रामकुमार ने बताया कि पुलिस पर ब’दमाश भारी पड़ रहे हैं। यह घ’टना इसका बड़ा उदाहरण है।

न नाकाबंदी, न ह’त्यारों की तलाश की रणनीति 

ह’त्याकांड के बाद बादमाश गांव में घिर गए थे, लेकिन तब राइडर कर्मियों के पास हथियार नहीं थे। ब’दमाशों ने हथियार दिखा पुलिसकर्मियों को धमका पधाना गांव की गलियों से भाग रहे थे। तभी उनकी स्कूटी फंस गई। ब’दमाश पैदल भाग निकले। वह पकड़े जा सकते थे, यदि पुलिस ठोस रणनीति अपनाती। लेकिन वा’रदात के बाद पुलिस ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस का न सिर्फ कम्यूनिकेशन सिस्टम बेहद कमजोर है बल्कि ऐसी वा’रदात से निपटने, आरोपियों को पकडऩे की भी कोई रणनीति नहीं है।

ह’त्यारे गो’लियां मा;रते रहे तमाशबीन बनाते रहे वीडियो  

ह’त्यारों इतने बेखौफ थे कि उन्हें इस बात का भी डर नहीं था कि हाइवे पर भारी भीड़ जमा है। उन्होंने एक के बाद एक गो’लियां चला विकास की ह’त्या कर दी। उस वक्त हाइवे थम गया। वाहन चालक वाहनों से बाहर आ गए। कुछ लोगों ने घ’टना की वीडियो बनाई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया पर यह वीडियो अपलोड भी हो गया था। वहां मौजूद एक भी व्यक्ति ने तो  पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया न ही ब’दमाशों को पकडऩे की कोशश की।
vikas murder jaam

गुस्से में रोड़ बिरादरी, सोशल मीडिया पर जताया रोष 

बबली और विकास दोनो ही रोड बिरादरी से है। विकास की ह’त्या के बाद रोड बिरादरी से गहरा रोष जताया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने जम कर घ’टना की निंदा की है। इसके लिए सरकार और प्रशासन की भी जम कर आलोचना की है। बिरादरी के लोगों का कहना है कि ब’दमाश उनके बच्चों को गो’लियों का निशाना बना रहे हैं, लेकिन पुलिस चुपचाप तमाशा देख रही है।

vikas murder case
एक्टिवा पर फरार हुए।

ह’त्याकांड की कहानी वक्त की जुबानी…
हाईवे पर ब’दमाशों ने पहले विकास की कार को ओवरटेक किया। कोशिश की कि कार के टायर पर गोली मारे। बचने के लिए विकास ने गाड़ी ढाबे की तरफ मोड़ी, लेकिन गाड़ी भगा नहीं पाया। तब तक ब’दमाशों ने उस पर ताबड़ तोड़ फायर कर दिए। एक गोली विकास को लगी। तब ब’दमाश अपनी कार से उतरकर विकास की कार के नजदीक आए और 12 फायर किए। इनमें पांच गो’लियां विकास को लगीं।

समय… 11:32 
वा’रदात के दो मिनट बाद ही ब’दमाश अपनी कार की ओर लपके। लेकिन गाड़ी निकाल नहीं पाए, घबराहट में उनकी कार पास के नाले में फंस गई। इस पर तीनों ब’दमाशों ने अपनी कार से छलांग लगा सड़क पर खड़े एक युवक व बुजुर्ग महिला की स्कूटी छीनी, उसी पर सवार होकर भाग निकले।

समय… 11:40
वार’दात स्थल से भाग ब’दमाश तरावड़ी की तरफ गए, यहां तरावड़ी फ्लाईओवर के पास ड्यूटी दे रहे दो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने इनका पीछा करना शुरू कर दिया। उन्हें ब’दमाशों की जानकारी स्कूटी के मालिक ने दी थी, क्योंकि स्कूटी छीन जाने के बाद वें भी ब’दमाशों का पीछा कर रहे थे। काफी दूरी तक पुलिसकर्मियों ने भी राइडर बाइक से उनका पीछा किया। लेकिन ब’दमाशों ने पुलिस को चकमा देकर निकलने में सफलता पाई।

गली में ब’दमाश घिरे तो निकाली रिवाल्वर

हुआ यूं कि जब ब’दमाशों का पीछा करते हुए दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मी सुखदेव और मनीष पधाना गांव तक पहुंच गए। रास्ता न पता होने के कारण ब’दमाश एक बंद गली में घुस गए, लेकिन यहां दोनों पुलिसकर्मी उन्हें दबोचने के बजाय उनका बंधक बन कर रह गए। क्योंकि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास सिवाए वीटी सेट के कुछ नहीं था। जबकि ब’दमाश अपने हाथ में रिवाल्वर लिए हुए थे। यहां अपना बचाव करते हुए ब’दमाशों ने रिवाल्वर पुलिस के आगे तान दिया। ब’दमाशों ने उनसे राइडर बाइक की चाबी व वीटी सेट भी छीन लिया।

फिर भी नहीं हारी पुलिस ने हिम्मत 
ब’दमाशों ने रिवाल्वर की नोक पर पुलिस की बाइक की चाबी तो छीन ली। लेकिन ये उनके ध्यान में नहीं रहा कि पुलिस की बाइक तो स्टार्ट ही है। ऐसे में बिना हिम्मत हारे दोनों पुलिसकर्मियों ने फिर से उनका पीछा किया।

तो ब’दमाश निकल गए खेतों के रास्ते 

पधाना गांव से निकल ब’दमाश स्कूटी से शमशान घाट रोड तक पहुंचे, यहां आगे रास्ता बंद था। तो उन्होंने खेतों में स्कूटी छोड़, पैदल भाग निकले। यहां पुलिस छीनी हुई स्कूटी ले लौट आई।

परिवार में कोई जिंदा बचेगा तो इंसाफ दोगे ना
बबली जिनकी 29 जुलाई को इसी तरह से ह’त्या कर दी थी। उसकी पत्नी सुमन को जब पुलिस कर्मियों ने आश्वासन देना चाहा कि इंसाफ मिलेगा तो उसका दर्द कुछ यूं था। भाई विकास की मौत के बाद वह भी हाईवे पर विरोध जताने पहुंची थी।

source : jagran

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करनाल

पानीपत में श’राब पार्टी के बाद पुंडरी में एक किसान की ह’त्या कर दी गई। उसके शव के कई अंगों को काट डाला।

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करनाल के पुंडरी गांव के किसान की बर्बर तरीके से ह’त्या कर दी गई। उसका शव घटना स्थल से तीन किलोमीटर दूर पल्हेड़ी गांव के पास भट्ठे में मिला। मृ’त शरीर पर चोट के 22 निशान मिले हैं। आरोपितों ने पहले श’राब पार्टी की और फिर कस्सी से वा’र कर हरिराम के गु’प्तांग और टांगें का’ट दीं। ह’त्या की वजह का पता नहीं चला है। मृतक 1 जनवरी को खेत से लापता हो गया था। इस संबंध में परिजनों ने 3 जनवरी को घरौंडा थाने में अ’पहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुंडरी गांव के रामेश्वर ने बताया कि 1 जनवरी को उसका छोटा भाई हरिराम त्यागी (45) खेत में काम करने गया था। वहां से वह लापता हो गया। तलाश में जुटे परिजनों को पता चला कि उस रात हरिराम के साथ चंदन नामक युवक था। चंदन गांव के पास स्थित एएसी भट्ठे पर मजदूरी करता है।

नए साल का मना रहे थे जश्न

उसने बताया कि हरिराम के साथ चार अन्य लोग नए साल का जश्न मना रहे थे। थोड़ी देर बाद वह परिवार सहित वहां से चला गया। इसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता। उधर, 3 जनवरी को सुबह हरिराम के ताऊ संतलाल का नौकर खेत में गया तो उसने ट््यूबवेल की पाइप पर खू’न लगा देखा। कुछ दूरी पर ही हरिराम का कोट और पायजामा भी मिल गया। इसके बाद, परिजनों ने घरौंडा थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।

गड्ढा खोदा तो कटड़ा मिला

घटनास्थल पर खोजी कुत्ते के साथ पुलिस टीम पहुंची। कुत्ते की निशानदेही पर गड्ढा खोदवाया गया। यहां एक म’रा हुआ कटड़ा दबाया गया था। परिजन शनिवार सुबह हरिराम को ढूंढ़ते हुए पल्हेड़ी गांव के गणपति भट्ठा पहुंचे तो खदान में उसका शव मिला। शरीर पर सिर्फ बनियान और कच्छा ही था। कस्सी से एक टांग पूरी और एक टांग टखने के पास से काट दी गई थी। नाक भी कटी थी। शव की शिनाख्त न हो सके, इसलिए मुंह कुचल दिया गया था। सिर के बालों से उसकी पहचान हुई।

जानवरों ने भी श’व को नोंचा

घटनास्थल पर पहुंचकर डीएसपी सतीश कुमार वत्स और थाना सदर प्रभारी ने छानबीन की। डॉ. नारायण डबास व डॉ. पवन कुमार के बोर्ड ने पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सौंप दिया। डॉक्टर के अनुसार सिर में गहरी चोट और पांव के कटने से बहे खून से हरिराम की मौ’त हुई है। पेट पर गहरे घाव, पीठ पर ब्लंट निशान थे। शव को किसी जानवर ने भी नोंचा हो, ऐसी भी संभावना जताई गई है। शव दो से चार दिन पहले का है।

परिजनों का दावा- पुलिस ने की लीपापोती
हरिराम के भाई रामेश्वर ने आरोप लगाया कि घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार 3 जनवरी को खेत में खोजी कुत्ते को लेकर आए थे। खानापूर्ति के बाद पुलिस ने कोई सुध नहीं ली। रामेश्वर का दावा है कि 4 जनवरी को वह और उसके परिजन पल्हेड़ी के गणपति भट्ठे पर भी गए थे, लेकिन तब वहां शव नहीं था। हरिराम से तीन बड़े और दो छोटे भाई हैं। बड़ा भाई सुभाष व छोटा भाई सुरेंद्र विवाहित है। रामेश्वर, देवेंद्र व बिजेंद्र अविवाहित हैं।

चंदन ने पुलिस को बताए थे आरोपितों के नाम
मृतक के भतीजे रजनीश ने बताया कि एएसी भट्ठा मालिक ने चंदन को घरौंडा पुलिस को सौंप दिया था। चंदन ने पुलिस को चार और आरोपितों के नाम बताए थे।

अपहरण के बाद अब ह’त्या की धारा

इस बारे में घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि हरिराम के लापता होने के दो दिन बाद परिजन उनके पास आए थे। तब अपहरण का मामला दर्ज किया था और हरिराम को ढूंढऩे में लापरवाही नहीं बरती गई है। अब इस मामले में ह’त्या की धारा जोड़ दी गई है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही ह’त्या की वजह का पता चल पाएगा।

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करनाल

करनाल में रोडवेज़ की बस को ट्रक ने मारा फिर उसी ट्रक ने आगे जा रहे रक और ट्रक को मारा, हाईवे बुरी तरह हुआ जाम

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करनाल के इंद्री-यमुनानगर रोड पर रंबा गांव के पास मंगलवार को एक ट्रक ने पहले रोडवेज बस को टक्कर मारी। इसके बाद दूसरे ट्रक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बस सवार 3 सवारियों घायल हुई हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना लगभग मंगलवार सुबह 9 बजे की है। दिल्ली रोडवेज की बस करनाल से यमुनानगर की तरफ जा रही थी।

इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने पहले बस को टक्कर मारी, जिससे वह सड़क किनारे पलट गई। इसके बाद ट्रक ने एक दूसरे ट्रक को टक्कर मारी।

बस में सवार 3 सवारियां घायल हो गई, उन्हें करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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