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जिंदा आदमी को मरा बता हड़पना चाहते थे क्लेम… बीमा कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने की थी फर्जीवाड़े की साजिश

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गुड़गांव फर्जी तरीके से बैंक खाता खोलकर डेथ सर्टिफिकेट आदि दस्तावेज तैयार कर बीमा पॉलिसी का क्लेम लेने का प्रयास करने के मामले में बीमा कंपनी के 2 पूर्व कर्मचारियों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े की साजिश की थी। इसका खुलासा मामले में पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में हुआ। मामले में बुधवार को पालम विहार क्राइम ब्रांच ने 4 लोगों को अरेस्ट किया था।

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आरोपितों को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड पर लिया गया है। सेक्टर 29 थाना पुलिस में 21 जून को साउथ सिटी 1 निवासी दीपिका भल्ला ने शिकायत दी थी कि उनके पति प्रशांत भल्ला को फर्जी तरीके से मृत दिखाकर उनका फर्जी डेथ सर्टिफिकेट तैयार करवाया गया। इसके बाद नॉमिनी बनकर पीएनबी की मेट लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को क्लेम करने के लिए आवेदन किया गया।

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इस संबंध में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद पालम विहार क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई। क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर जोगेंद्र सिंह की टीम ने 30 जून को 4 लोगों को अरेस्ट किया। उनकी पहचान नई दिल्ली के समालखा निवासी नीतीश कुमार, जयपुर निवासी रजनीकांत, बिजवासन निवासी दुर्गेश दुबे और गोरखपुर निवासी नवल किशोर के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि रजनीकांत और दुर्गेश दुबे पहले बीमा कंपनी के क्लेम डिपार्टमेंट में काम करते थे। दोनों को क्लेम के प्रोसेस में क्या दस्तावेज चाहिए, उसकी पूरी जानकारी थी। शिकायतकर्ता के पति की बीमा पॉलिसी की डिटेल भी नौकरी के दौरान इन्होंने ली थी। इन दोनों ने अपने अन्य साथी नीतीश कुमार के साथ मिलकर बीमा पॉलिसी के क्लेम के लिए सभी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए।

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नवल किशोर, जो एचडीएफसी बैंक में खाता खोलने का काम करता है, को फर्जी बैंक खाता खोलने के लिए तैयार किया। चारों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के पति की पॉलिसी के क्लेम के लिए बीमा कंपनी में आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी के सर्वेयर की ओर से सर्वे किया गया तो पता चला कि पॉलिसी धारक जिंदा है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह ने बताया कि आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उनसे फर्जी दस्तावेज बरामद किए जाने हैं।

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