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डिक्की में बंद बच्चे !! थाने जा कर साबित करनाल पड़ा कि बच्चे उन्हीं के हैं… जानें क्या है मामला

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हरियाणा में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय होने की अफवाह की वजह से एक दंपती को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लाडवा में शहरवासियों ने सुबह कार में जा रहे एक परिवार को बच्चा चोर गिरोह समझकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। गनीमत यह रही कि किसी ने उनके साथ मारपीट नहींं की।

थाने में परिवार को पहचानपत्र के आधार पर अपने ही बच्चों को अपना साबित करना पड़ा। इस दौरान परिवार में शामिल तीन महिलाएं व पांच बच्चे बुरी तरह सहमे रहे।

 

जिला हिसार के गांव सहलपुर के सुरेंद्र कुमार व सुनील मंगलवार को हरिद्वार से अपने किसी परिजन का पिंडदान कराकर परिवार सहित वापस गांव जा रहे थे। उन्होंने बच्चों को कार की डिक्की में बैठा रखा था। डिक्की का लॉक भी नहीं लगा था। जहां भी गाड़ी धीमी होती थी या रुकती थी तो बच्चे डिक्की खोल लेते थे। कार सुबह के समय जब लाडवा के इंद्री चौक पहुंची तो वहां जाम में फंस गई

इस दौरान बच्चों ने फिर डिक्की को ऊपर उठा दिया। लोगों ने डिक्की में बच्चों को बैठा देखकर बच्चा चोर गिरोह समझ लिया और शोर मचा दिया।

इसी दौरान जाम खुलने से कार आगे बढ़ गई। कुछ लोगों ने अपने वाहनों से इसका पीछा करना शुरू कर दिया। लाडवा-कुरुक्षेत्र रोड पर गोशाला से पहले उनकी कार को ओवरटेक आगे अपने वाहन अड़ा कर जबरन रुकवा लिया।

इसके बाद उन्हें लाडवा थाने ले गए। इस दौरान बच्चा चोर पकड़े जाने के मैसेज सोशल मीडिया में फ्लैश हो गए और बड़ी संख्या में शहरवासी थाने पहुंच गए।

पूछताछ में जब असलियत सामने आई तो थाने में जमा भीड़ धीरे-धीरे खिसक गई, लेकिन डेढ़ घंटे चले इस ड्रामा में परिवार को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने पीडि़त परिवार के सदस्यों को बिठाकर चाय-नाश्ता कराया। बाद में उनके पहचानपत्र की फोटोकॉपी लेकर भेज दिया।

This story was first published on jagran.com

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