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डूबने लगे थे तीन भाई, दो बचे भैंस की पूँछ पकड़ कर, कब रुकेगा ये ख़तरनाक सिलसिला

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यमुना नदी में नहाने गए 15 वर्षीय रमन की डूबने से जान चली गई। नदी में तीन ममेरे भाई नहा रहे थे। तीनों ही डूबने लगे। दो तो भैंस की पूंछ पकड़कर बाहर निकल आए। तीसरा बच नहीं सका।

भल्लौर गांव का रमन रायपुर निवासी उसके ममेरे भाइयों सचिन और रोहित संग मिर्जापुर यमुना घाट पर सुबह 9 बजे नहाने गया था। घाट पर मौजूद महिलाओं ने किशोरों को वहां गहराई ज्यादा होने की बात कहकर नहाने से रोका, लेकिन किशोरों ने उनकी बात नहीं मानी। तीनों भाई नहाने के लिए नदी में उतरे ही थे कि एकाएक रमन गहरे गड्ढे में चला गया।

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सचिन और रोहित ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी गहरा होने के कारण वे दोनों भी डूबने लगे। शोर मचाकर तट पर मौजूद लोगों को मदद के लिए बुलाया। वहीं नदी में मौजूद पशुओं की पूंछ पकड़ कर किसी तरह अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने सचिन और रोहित को किसी तरह नदी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक रमन पानी में समां चुका था।

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युवाओं की मदद से किसी तरह जान बचाकर यमुना नदी से बाहर निकले दोनों भाई भल्लौर गांव लौट गए। वहां उन्होंने परिजनों को बताया कि रमन उनके साथ नहाने मिर्जापुर घाट पर गया था और वहीं नदी में डूब गया। रमन के डूबने की बात पता चलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में मिर्जापुर घाट पहुंचे। आस-पास के गांवों के गोताखोरों की मदद से रमन की तलाश की। लगभग तीन घंटे बाद किशोर का शव नदी से बरामद हुआ।

सनौली खुर्द निवासी योगेश के इकलौते बेटे 14 वर्षीय आर्यन और सोनू के इकलौते बेटे 14 वर्षीय उदय की भी 31 मार्च को तामशाबाद में यमुना नदी में डूबने के कारण मौत हो गई थी। वहीं उपले बना रही महिलाओं ने चुन्नी के सहारे उमेश त्यागी के इकलौते बेटे 17 वर्षीय अभिषेक को नदी से बाहर निकाला था। कई घंटों की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उदय का शव बरामद किया था। वहीं 3 अप्रैल को आर्यन का शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर यमुना पुल के पास मिला था।

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नहर में नहा रहे थे तीन भाई, भैंस की पूंछ पकड़कर दो बचे, तीसरा डूबा

जिले में हर साल नहर व यमुना में नहाते समय डूबने से औसतन 80 से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। गर्मी के सीजन में युवक दिल्ली व पश्चिमी यमुना ङ्क्षलक नहर पर रिफाइनरी के पास, गढ़ी-सिकंदरपुर असंध रोड, जाटल रोड, बिंझौल, सिवाह, नारायाण और उरलाना में नहाते हैं। यमुना के तेज बहाव के बावजूद भी तामशाबाद, सनौली, पत्थरगढ़, हथवाला सहित कई जगहों पर भी युवक नहाने से बाज नहीं आते।

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