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करनाल

तो इस कारण से डॉ. राजीव गुप्ता को युवको ने मारी गो ली

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करनाल में शनिवार शाम को बाइक सवार तीन ब दमाशों ने कार रुकवाकर एक डॉक्टर की गो लियां दाग ह त्या कर दी। वा रदात की वजह युवक को नौकरी से निकाल दिए जाने को बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस युवक ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर इस वा रदात को अंजाम दिया है। महज 10 घंटे के भीतर इन तीनों को गिरफ्तार पुलिस पूछताछ में जुटी है।

मिली जानकारी के अनुसार शहर के नामी अस्पताल अमृतधारा के मालिक डॉ. राजीव गुप्ता शनिवार शाम करीब सवा 6 बजे यहां से शहर में लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित अपने दूसरे अस्पताल के लिए निकले थे। ड्राइवर साहिल ने बताया कि जब वह वह डॉ. राजीव को क्रेटा गाड़ी में बिठाकर सेक्टर-16 के पास पहुंचा तो अचानक बाइक सवार तीन लोग गाड़ी के सामने आ गए। ब दमाशों ने नीचे उतरकर गो लियां चला दी। इसके बाद आनन-फानन में घायल डॉ. राजीव गुप्ता को उन्हीं के अस्पताल अमृतधारा में भर्ती कराया गया, वहां 10-12 डॉक्टर्स की टीम मिलकर डॉ. गुप्ता का उपचार कर रही थी। बावजूद इसके उन्हें बचाया नहीं जा सका। देर रात डॉ. गुप्ता ने दम तोड़ दिया।

डॉ. राजीव गुप्ता की फाइल फोटाे।

दूसरी ओर इस मामले को लेकर जहां पुलिस की पांच टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ लगी थी, वहीं खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और डीजीपी मनोज यादव इस पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। इसी के चलते पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर तीनों ब दमाशों को हिरासत में ले पूछताछ शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस वा रदात की वजह का खुलासा किया। इस वा रदात की साजिश के पीछे डॉ. गुप्ता के पास काम कर चुके एक डॉक्टर का ही हाथ है।

पुलिस के मुताबिक करनाल जिले के गांव पाढ़ा का रहने वाला पवन कुमार डॉ. राजीव गुपता के पास डायलसिस ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। दिसंबर 2018 में किसी बात काे लेकर डॉ. गुप्ता ने पवन को हटा दिया। इसके अलावा उसका आराेप यह भी है कि डॉ. गुप्ता दूसरी जगह भी काम नहीं मिलने देते थेे। इसी खुंदक में उसने मंगलपुर कलां के रमन उर्फ सेठी और रामनगर के निवासी शिवकुमार उर्फ शिब्बू अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर डॉक्टर की ह त्या का प्लान रचा। वा रदात को अंजाम भी दे डाला, मगर अफसोस कि तीनों धरे गए।

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बताया जाता है कि डॉ. राजीव गुप्ता के पास कुछ दिन पहले एक युवक काम करता था, जिसे किसी वजह से डॉ. गुप्ता ने हटा दिया था। इसके बाद यह युवक डॉ. गुप्ता के नाम से रंजिश रखने लग गया। इसी छोटी सी निजी खुंदक इतना बड़ा बन गया कि युवक ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर राजीव गुप्ता के ह त्या की साजिश रच डाली। राजीव गुप्ता जैसे ही शनिवार की शाम अपने नए अस्पताल से निकले, उनकी ह त्या कर दी गई।

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रविवार को पुलिस ब दमाशों को रिमांड पर लेने के लिए उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया में जुटी है, वहीं आज शाम करीब चार बजे डॉ. गुप्ता का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले डीजीपी मनोज यादव और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल पहुंचकर डॉ. गुप्ता के परिवार के साथ शोक संवेदना व्यक्त की। परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।

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