Connect with us

विशेष

दिल्ली के इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत, कुछ घंटों का ही बचा स्टॉक

Published

on

Advertisement

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. दिल्ली के बत्रा अस्पताल में इसी वजह से 12 मरीजों की मौत हो गई. हालांकि ऑक्सीजन की कमी से किसी अस्पताल में मरीजों की जान जाने का यह पहला मामला नहीं है. पिछले 10 दिनों से दिल्ली के कई अस्पताल प्रशासन, सरकार से ऑक्सीजन के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं. हर घंटे अस्पतालों की तरफ से ऑक्सीजन के लिए एसओएस मैसेज आ रहे हैं.

पश्चिम विहार के 105 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी सेंटोम अस्पताल ने भेजे संदेश में कहा कि डेढ़ घंटे का ही लिक्विड ऑक्सीजन का बैंक बचा है. लिहाजा ऑक्सीजन की डिमांड है. शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल ने कहा है कि दोपहर 12 बजे ऑक्सीजन मिलने के बाद दोबारा एसओएस मैसेज दिया कि अस्पताल में ऑक्सीजन लेवल बहुत कम है.

Advertisement

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में फिर ऑक्सीजन का संकट पैदा हो गया है. यहां 2500 cubic meter ही ऑक्सीजन बची है जो पांच घंटे में खत्म हो जाएगी. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत का मामला सामने आया है. यहां कुछ घंटों में ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी. अस्पताल में करीब 350 मरीज ऑक्सीजन के भरोसे हैं.

ऑक्सीजन सिलेंडर की शॉर्टेज (फाइल फोटो)

Advertisement

सुशीला हॉस्पिटल ने कहा है कि शुक्रवार से ही गाड़ियां बाहर खड़ी हैं लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिल रही है. 2 घंटे का ही ऑक्सीजन का बैकअप है. लिहाजा जल्दी से मुहैया करवाएं.

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर रोहिणी ने जानकारी दी है कि उनके पास सिर्फ एक-दो घंटे का ही ऑक्सीजन बैकअप बचा है. इसलिए उन्हें जल्द ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए. वहीं भागवर्ती अस्पताल रोहिणी में 92 कोविड पेशेंट में से करीब 15 आईसीयू में हैं, जबकि 2 वेंटिलेटर सपोर्ट और 6 बाइपेप सपोर्ट पर हैं. अभी डी टाइप के सिलिंडर से काम कर रहे हैं. विनायक गैस ऑक्सीजन नहीं दे रहा है और अभी सिर्फ एक घंटे की ही ऑक्सीजन बची हुई है. SOS सिचुएशन है कृपया जल्दी से मदद करें.

Advertisement

दिल्ली, लखनऊ समेत कई शहरों के अस्पतालों में ऑक्सीजन शॉर्टेज, जानिए  कहां-कहां पहुंची सप्लाई - Delhi oxygen issue government hospital centre  beds Haryana fight lucknow up - AajTak

पीएसआरआई अस्पताल की तरफ से बताया गया कि ऑक्सीजन सिर्फ शाम के 5 बजे तक की ही बची है. करीब 38 क्रिटिकल पेशेंट आईसीयू और वेंटिलेटर पर हैं. वार्ड में भर्ती मरीजों का सीटी स्कोर बहुत खराब है. ऐसे मरीजों के लिए करीब 10 से 13 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत है.

वहीं जीटीबी अस्पताल में रात आठ बजे तक के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट बचा है. अभी तक किसी भी सोर्स से आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई है. सभी स्टाफ को इमरजेंसी रिस्पांस के लिए ड्यूटी पर रखा गया है. डीएम और डीएसपी को भी इस बारे में इंफॉर्म कर दिया गया है. जीटीबी अस्पताल में कोविड इंचार्ज प्रोफेसर एके जैन ने खुद भी इस बात की पुष्टि की है. यहां पर 700 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया है. इनमें से 450 मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है.

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *