Connect with us

राज्य

दुष्यंत चौटाला ने सबूतों के साथ किया खट्टर सरकार में 300 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश

हरियाणा में पिछले तीन साल में करोड़ों रूपये की दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और अन्य सामान खरीदे गए। जिला स्तर पर हुई दवाओं की खरीद में जमकर धांधली हुई। इनके लिए निर्धारित नियमों का ना तो पालन किया गया और ना ही उनकी कीमतों का ध्यान रखा गया। सरकार की शह पर अधिकारियों की मनमर्जी से […]

Published

on

हरियाणा में पिछले तीन साल में करोड़ों रूपये की दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और अन्य सामान खरीदे गए। जिला स्तर पर हुई दवाओं की खरीद में जमकर धांधली हुई। इनके लिए निर्धारित नियमों का ना तो पालन किया गया और ना ही उनकी कीमतों का ध्यान रखा गया। सरकार की शह पर अधिकारियों की मनमर्जी से किए गए इस करोड़ों रुपये के खेल में सरकारी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई।

Image result for dushyant chautala

करीब सौ करोड़ रूपये की इस खरीद में धांधली का आलम यह था कि किराने की दुकान चलाने वाली फर्मों के नाम पर भी कोटेशन और बिल बनाकर नैशनल हेल्थ मिशन और मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत करोड़ों रुपये का गोलमाल किया गया। मामला यहीं नहीं थमा, अपनी जेबें गर्म करने के लिए अधिकारियों ने सरकार द्वारा निर्धारित तय दामों से भी कई गुना कीमतों पर दवाइयां खरीद कर सरकारी खजाने को चपत लगाई।

यह खुलासा इंडियन नैशनल लोकदल के संसदीय दल के नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। चौटाला ने सूचना के अधिकार के तहत जुटाई गई जानकारियों के आधार पर कहा कि यह सारा खेल सीएम और स्वास्थ्य मंत्री की शह पर खेला गया। उन्होंने कहा कि आरटीआई से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पता चलता है कि तीन साल में सौ करोड़ रुपये से भी अधिक का घोटाला किया गया और इसकी गहनता से जांच की जाए तो यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।

Related image

आरटीआई से जुटाई जानकारी

Image result for rti
उन्होंने आरटीआई से जुटाए गए कागजात मीडिया में सार्वजनिक करते हुए कहा कि साल 2014 से 2016 तक तीन वर्षो में जिला स्तर पर खरीदी गई दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों में अधिकारियों ने जम कर मलाई खाई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न फर्मों से कोटेशन मांगने के सारे नियमों को धता बताते हुए हर स्तर पर अनियमिताएं बरती गईं हैं।

उन्होंने कहा कि रोहतक में बिना किसी कमिटी के गठन के तीन करोड़ की दवाइयों की खरीद की गई है और आरटीआई में जिस कमिटी को दर्शाया गया है, उस कागज पर न तो ऑफिशल नंबर है और न ही कोई तारीख है। यानि कि यह सारा मामला फर्जीवाड़े का है। उन्होंने कहा कि हिसार में आधिकारिक तौर पर कोई भी टेंडर या कोटेशन किसी भी अन्य फर्म को नहीं मिले और न ही इसका कोई रेकॉर्ड उपलब्ध है। इसका मतलब है कि हिसार जिले में इस सामान की खरीद को लेकर सिविल सर्जन और फर्म ने अपनी मनमानी की है।

Image result for medicine scam

तिगुने-चौगुने दामों पर हुई खरीद

सांसद ने कहा कि सिविल सर्जन फतेहाबाद ने फेसमास्क, जिसकी सरकारी खरीद की दर 95 पैसे है, को 4.90 रुपये में खरीदा जो टेंडर रेट से लगभग पांच गुना ज्यादा है। वहीं 500 ग्राम कॉटन रोल जिसका टेंडर रेट 99 रुपये था, उसको 140 रुपए की दर से खरीदा गया। इसी प्रकार हैंड सेनेटाइजर जिसकी टेंडर कीमत 185 रुपये थी, उसके लिए 325 रुपये का भुगतान किया गया। यह सब खरीद सरकार ने अपनी चहेते सप्लायर आरवीएक्स इंडस्ट्रीज से की है।

सांसद ने कहा कि इसी प्रकार हिसार की जीके ट्रेडिंग कम्पनी से ईटीडीए वैक्यूटेनर 5.50 रुपये की दर पर खरीदा, जिसका टेंडर रेट 2.20 रुपये है। इसी प्रकार ईटीडीए वैक्यूम फ्लोराइड, वैक्यूम सिट्रेट भी दो से तीन गुना ज्यादा रेटों पर खरीदे गए। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन रेवाड़ी से मिली जानकारी से पता चलता है कि शगुन ट्रेडिंग कंपनी हिसार, जिसके पास कोई ड्रग लाइसेंस नहीं है, उसके बावजूद रेवाड़ी की परचेज कमिटी ने ड्रग आइटम का टेंडर इस फर्म के नाम जारी किया था और यही फर्म इसी दौरान फतेहाबाद में भी सप्लाई का काम करती रही है।

Image result for cbi haryana

सीबीआई जांच की मांग
आएनएलडी संसदीय दल के नेता ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग में हुए इस घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार तक का अल्टिमेटम देते हुए कहा है कि यदि मनोहर लाल खट्टर सरकार इसकी जांच सीबीआई से नहीं करवाती है तो वह स्वयं सीबीआई निदेशक से सुबूतों के साथ मिल कर इसकी सीबीआई जांच की मांग करेंगे।Image result for dushyant chautalaहिसार और फतेहाबाद के अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों की सप्लाई करने वाली फर्म का मालिक नकली सिक्के बनाने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद है। जीके ट्रैडर्स ने हिसार और फतेहाबाद में लाखों रुपये के सामान की सप्लाई की थी।चौटाला ने दावा किया कि मेडिसन सप्लाई करने वाली फर्म कृष्णा इंटरप्राइजेज हिसार, हरियाणा फार्मेसी कांउसिल के चेयरमैन सोहनलाल कंसल के पुत्र कनिष्क द्वारा चलाई जा रही है। जुटाई गई जानकारी से पता चला कि सोहनलाल कंसल हिसार में वर्ष 2014-15 में स्टोर कीपर के पद पर है और मनोहर लाल खट्टर सरकार ने सोहनलाल को मार्च में ही हरियाणा फार्मेसी कांउसिल का चेयरमैन नियुक्त किया है। सोहनलाल ने स्टोर कीपर रहते हुए कोई भी दवाई और सामान का टेंडर या कोटेशन अधिकारियों से मिलीभगत कर कार्यालय के रेकॉर्ड में दर्ज नहीं होने दिया।Image result for haryana government

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *