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यमुनानगर

नकली सोने पर उड़ा ले गए करोड़ो रूपये का लोन। एक्सिस बैंक में यह गड़बड़ खेला

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गोल्ड लोन के नाम पर ये ठगी हैरान कर देने वाली है। ठग करने वाला या तो दिहाड़ी का मजदूर है या फिर बकरी चलाने वाला। एक्सिस बैंक में नकली सोना रखने वालों में इन लोगों का नाम शामिल है। यकीन नहीं हो रहा। लेकिन ठगों ने इन लोगों का नाम और अकाउंट नंबर का प्रयोग कर गोल्ड लोन की ठगी को अंजाम दिया है।

एक्सिस बैंक से गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी करने में गैंग सक्रिय है। इस गैंग ने ऐसे लोगों को पैसों का लालच देकर जाल में फंसाया, जिनके घर में साइकिल है और वह मजदूरी करते हैं। बकरी पाले हुए है। उनका कई-कई किलो सोना बैंक में गिरवी रखवाने के नाम पर लोन की रकम निकलवाई गई। पूरे केस में अब तक बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ रही है।

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अधिकारी अपने बैंक कर्मचारियों को बचाने में लगा

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अधिकारियों ने भी अपने कर्मचारियों को केस से बचाते हुए लोन लेने वालों को आरोपित बना दिया। ऑडिट रिपोर्ट में मामला खुला, तो बैंक ने कार्रवाई के बजाए लोन जारी करने वाले प्रबंधक का तबादला कर दिया। यहां तक कि पूरे मामले को अंदर ही अंदर दबाने की कोशिश भी हुई। यही कारण रहा है कि ऑडिट रिपोर्ट मार्च माह में आने के बाद अब इस मामले में केस दर्ज हुआ है।

सोना जांचने वाले ज्वैलर्स के अलावा जिन 30 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। उनका पूरा पता तक बैंक ने अभी पुलिस थाने में नहीं दिया है। जांच अधिकारी लोकेश कुमार ने बताया कि बैंक के अधिकारियों को नोटिस देकर लोन लेने वालों के स्थाई पते सहित विस्तृत जानकारी मांगी है। बैंक ने फिलहाल गोल्ड लोन लेने वालों के नाम की लिस्ट ही सौंपी है। बैंक जांच में कतई भी सहयोग नहीं कर रहा।

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सुल्तानपुर गांव के पूर्व सरपंच लालदीन भी इस धोखाधड़ी में आरोपित बनाए गए हैं। लालदीन का कहना है कि वह अराइयांवाला के बबली व ताहरपुर के राजबीर को जानता था। बबली का उनके पास फोन आया। जब वह उनके पास गए, तो उन्होंने सोना गिरवी रखवा पैसे दिलवाने की बात कही। जिस पर वह राजबीर और बबली को लेकर एक्सिस बैंक में गए। आठ फरवरी को बबली ने बैंक में सोना दिया और इसके बदले में चार लाख 25 रुपये का लोन लिया।

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सुनार ने उनके सामने सोने को रगड़कर देखा और असली बताया। इसके बाद फिर वह 15 फरवरी को बैंक में राजबीर को लेकर पहुंचे। राजबीर ने भी सोना दिया और बैंक से चार लाख 8 हजार का लोन लिया।कुछ पैसा बैंक के कर्मचारियों ने अपने पास कमीशन के तौर पर रखा। लालदीन का कहना है कि उन्होंने बैंक में ही राजबीर व बबली को पैसा दे दिया था। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसके बाद 25 जनवरी को बबली ने फिर बैंक से साढ़े तीन लाख, पांच मार्च को पौने तीन लाख और फिर 14 मार्च को चार लाख 83 हजार का लोन लिया।

ऐसे खुला मामला 

दरअसल, एक्सिस बैंक से 30 लोगों ने बैंक में सोना गिरवी रखकर लोन लिया, उसे बैंक के अधिकृत ज्वैलर ने असली सोना होने की पुष्टि किए जाने पर ही लोन दिया गया था। अक्टूबर 2017 से शुरू हुए गोल्ड लोन के इस खेल से लोन लेने वालों में होड मच गई। कई लोगों ने एक से दो माह के भीतर बैंक में गोल्ड गिरवी रखकर लोन लिया। पांच माह तक बैंक ने गोल्ड रखवाकर खूब लोन की रकम बांटी। मार्च 2018 में  बैंक ने ऑडिट की, तो एक से अधिक लोगों को बार-बार गोल्ड लोन दिए जाने पर संदेह हुआ। ऑडिट करने आए अफसरों ने सोना नकली होने का शक जताया और मामला मुंबई मुख्यालय तक पहुंच गया। मुख्यालय ने पंजीकृत कंपनी अनन्या ओरनामेंटस कंपनी से जांच करवाई, तो पता लगा कि यह सोना मिलावटी है।

अराईयांवाला का बबली पहले भी धोखाधड़ी के केस में फंस चुका है। उस पर हिमाचल प्रदेश के नाहन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। वह पांच माह तक जेल में भी रहा। कुछ ही दिनों पहले वह जमानत पर रिहा होकर आया है। वहीं बताया जा रहा है कि बबली ने ही गोल्ड रखकर लोन लेने की योजना बनाई। लोन लेने वालों में अधिकतर बबली के ही जानकार हैं।

उत्तराखंड में तैयार होता है मिलावटी सोना

सोने का कार्य करने वाले एक ज्वैलर ने बताया कि उत्तराखंड में मिलावटी जेवर तैयार होते हैं। इनमें नाममात्र का सोना होता है, शेष अन्य धातु होती है। जो दिखने में बिल्कुल सोने की तरह लगता है। इसकी देखकर पहचान नहीं हो सकती। इससे यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि जिन लोगों ने बैंक से लोन लिया। उन्हें गोल्ड बाहर से मिला या उनके लिए गोल्ड लाया गया। यह सोना ही बैंक में रखकर लोन लिया गया।

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