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नाबालिग लड़कियों का अपहरण करवा उन्हें सेक्स रैकेट में उतारती थी सोनू पंजाबन, CIA ने फ़ाइल की चार्जशीट

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क्राइम ब्रांच ने उर्फ गीता अरोड़ा के खिलाफ 16 साल की नाबालिग के अपहरण और ट्रैफिकिंग मामले में से चार्जशीट फाइल कर दी है। कभी दिल्ली में सेक्स ट्रेड धंधे की क्वीन मानी जानेवाली सोनू ने अपना बिजनस जेल से बाहर आने के बाद बहुत संगठित तरीके से चलाना शुरू कर दिया था। पुलिस का कहना है कि आनेवाले समय में इस केस में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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पुलिस ने सोनू के करीबी संदीप पर भी चार्जशीट फाइल की है। संदीप पर सोनू के इशारे पर नाबालिग लड़की की ट्रैफिकिंग का आरोप है। जॉइंट कमिश्नर (क्राइम) आलोक कुमार ने केस के बारे में यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आईपीसी की विभिन्न धाराओं में आरोपियों पर रेप, आपराधिक साजिश करने और नाबालिग को जबरन देह व्यापार में धकेलने का आरोप है।

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पुलिस ने यह भी बताया कि संदीप पंचशील विहार का रहने वाला है और ईस्ट ऑफ कैलाश में रह रही सोनू पंजाबन और उसके बीच काफी बातचीत होती थी। कॉल डिटेल से स्पष्ट हो गया है कि दोनों अभी भी साथ ही काम करते थे। 2014 में एक केस दायर किया गया था जब लड़की अपने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर पुलिस के पास पहुंची। हालांकि, शिकायत करने के कुछ दिन बाद ही शिकायत करनेवाली लड़की गायब हो गई और केस ठंडे बस्ते में चला गया।

स्पेशल टीम ने ढूंढ़ निकाला गायब लड़की को

पिछले साल डीसीपी (क्राइम) भीष्म सिंह ने एक टीम बनाकर केस को नतीजे पर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी। सिंह ने बताया, ‘किसी को भी नहीं पता था कि नाबालिग लड़की अब कहां है और क्या तर रही है। हमारे पास सिर्फ यही जानकारी थी कि लड़की नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में कहीं रहती थी।’ पुलिस ने बताया कि केस सॉल्व करने के लिए एक महिला सब इंस्पेक्टर पंकज नेगी और दो कॉन्स्टेबलों की टीम बनाई गई।

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पुलिस ने बताया, ‘टीम ने मंदिर, ब्यूटी पार्लर जैसी जगहों पर खोज की और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अपने स्तर पर केस की जांच सर्वे कर आगे बढ़ाई। एसीपी संजीव त्यागी ने इस मामले में साइबर सेल की मदद ली और कुछ अहम सुराग मिले। सब इंस्पेक्टर नेगी को लड़की की एक दोस्त का नंबर मिला और उसके बाद हम लड़की तक पहुंचे। लड़की की उम्र अब 20 के करीब थी और वह केस आगे बढ़ाने को लेकर बहुत डर रही थी। नेगी ने लड़की का हौसला बढ़ाया, जिसके बाद जांच जारी रखने में मदद मिल सकी।


सोनू पंजाबन ने दिल्ली में काफी संपत्ति भी बनाई

लड़की को ड्रग्स अडिक्ट बनाया सोनू ने

पुलिस ने बताया, ‘चार्जशीट में इस बात का जिक्र है कि सोनू ने 2009 में किसी और पार्टी से लड़की को 1 लाख रुपए देकर खरीदा था। पहले उसने नाबालिग को ड्रग्स की लत का शिकार बनाया और फिर उसे अपने क्लाइंट्स के पास भेजने लगी। बाद में उसने लखनऊ में किसी और ट्रैफिकिंग करने वाले गैंग को लड़की बेच दी और वहां से वही लड़की फिर से दिल्ली के तिलक नगर पहुंच गई। 2013 में लड़की को रोहतक के एक शख्स को बेच दिया गया और वहां से वह किसी तरह बचकर भाग निकली और बस से नजफगढ़ पहुंची जहां उसने पुलिस को अपनी पूरी कहानी बताई।’

धंधे को चलाने के लिए था नेटवर्क

पुलिस ने बताया, ‘सोनू ने पहले केस के बाद काफी सबक लिया और उसने बहुत सधे हुए व्यवस्थित तरीके से अपने धंधे को आगे बढ़ाया। अब वह फ्रीलांस कॉलगर्ल्स को अफने क्लाइंट के पास भेजने लगी थी और वह उनसे वॉट्सऐप मेसेज और विडियो कॉल के जरिए संपर्क में रहती थी। लड़कियों को क्लाइंट के पास भेजने के लिए वह 30 फीसदी पैसा कमिशन के तौर पर लेती थी जो कि अमूमन 25 हजार के करीब होता था। आम तौर पर यह लेन-देन ई वॉलेट और मोबाइल वॉलेट के जरिए होता था।’

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