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पंजाब और हरियाणा में गेहूं की पकी फसल पर बारिश और ओले की मार, बह गए किसानों के अरमान

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पंजाब और हरियाणा में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर अंधड़, बारिश और ओले की ऐसी मार पड़ी, किसानों के सारे सपने और अरमान धाराशायी हो गए। बुधवार को बारिश, तेज हवाओं और कुछ जगह ओले पड़ने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। खेतीबाड़ी विभाग अब इस नुकसान का जायजा लेने में जुट गया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब में कई जगह बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। फिरोजपुर, मुक्तसर, फरीदकोट, अमृतसर और तरनतारन में सबसे ज्यादा बारिश हुई। खेतीबाड़ी विभाग को मिली शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, यहां गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। बठिंडा, फरीदकोट और बरनाला में ओलावृष्टि हुई।

पटियाला में भी बारिश से काफी नुकसान की आशंका है। ऐसे में अब और बारिश हुई तो गेहूं की कटाई कुछ दिन लेट होगी। अबोहर में मार्केट कमेटी की लापरवाही से खुले में पड़ा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया है। राहत की बात यह रही कि पांच जिलों को छोड़ कर बाकी पंजाब में बारिश ज्यादा नहीं हुई। जहां भी बारिश हुई, वह रुक-रुक कर हुई है।

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अमृतसर-मुक्तसर में सबसे ज्यादा बारिश

खेतीबाड़ी विभाग के मुताबिक, पंजाब में सबसे ज्यादा 15.1 मिलीमीटर बारिश मुक्तसर में हुई। उसके बाद अमृतसर व फिरोजपुर में 15.0 मिमी, फरीदकोट में 14.4, तरनतारन में 10.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। फाजिल्का में 4.4, नवांशहर में 4.2, बठिंडा में 3.1, गुरदासपुर में 3.1, कपूरथला में 3.0 मिमी बारिश हुई। जालंधर में बिलकुल बारिश नहीं हुई। पंजाब में औसतन 4.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

कैप्टन ने विशेष गिरदावरी के दिए आदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में बेमौसम बारिश और तूफान के कारण फसलों को हुए नुकसान के आंकलन के लिए विशेष गिरदावरी करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें बिना किसी देरी के गिरदावरी का काम शुरू करने को कहा है।

बारिश पूरे पंजाब में नहीं हुई। जहां हुई है, वहां भी रुक-रुक कर हुई है। अभी तक कहीं से खास नुकसान की खबर नहीं है। जहां गेहूं की बिजाई देर से की गई होगी, वहां फसल बिछ सकती है। कटाई दो-तीन दिन लेट हो जाएगी। अगर वीरवार को भी ऐसा मौसम रहा तो मुश्किल आ सकती है क्योंकि जमीन गीली हो गई है।
– डॉ. स्वतंत्र ऐरी, डायरेक्टर, खेतीबाड़ी विभाग, पंजाब

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हरियाणा में भी फसल भीगने से भारी नुकसान, होगी विशेष गिरदावरी

हरियाणा में बेमौसम बारिश और अंधड़ ने लगातार तीसरे दिन खेतों से लेकर अनाज मंडी तक भारी तबाही मचाई। बुधवार को भी 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। इसके बाद बारिश और कुछ स्थानों पर हुई ओलावृष्टि ने गेहूं की कटी और पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गेहूं और अन्य फसलों की विशेष गिरदावरी करने के आदेश दिए हैं।

यमुनानगर, सिरसा, भिवानी और लोहारू में ओलावृष्टि के बाद बारिश से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। नारनौल में दो दिनों में 32 एमएम बारिश हुई। सिरसा में 15 और फतेहाबाद में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई है। अनाज मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया है। कई जगहों पर खेतों में काटकर रखी फसल भीग गई है, इससे फसल के खराब होने की आशंका है। ओलावृष्टि से किसानों की नकदी फसलों खीरा और कद्दू को भारी क्षति हुई है।

आंधी-तूफान से गेहूं की कटाई और आवक में देरी होने की आशंका

जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्होंने तो फसल बर्बाद होने की जानकारी देना शुरू कर दिया है। वहीं जो किसान बीमा कवर के तहत नहीं हैं, उन्होंने जिला प्रशासन को फसल बर्बाद होने की सूचना दी है। कृषि निदेशालय में भी किसानों ने फसल नुकसान को लेकर संपर्क साधा है। चूंकि, प्रदेश में इस समय गेहूं की कटाई का काम चरम पर है। ऐसे में किसानों ने गेहूं काटकर खेतों में ही रखा है, जबकि काफी किसानों ने मंडियों में गेहूं पहुंचा दिया है।

नुकसान की रिपोर्ट आने पर तत्काल देंगे राहत: कैप्टन

हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अधिकारियों को प्रदेश में आंधी, तेज बरसात और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। कैप्टन के अनुसार जिनका भी नुकसान हुआ है, नुकसान की रिपोर्ट आने पर सरकार तत्काल राहत देगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी की जरूरत होने पर तुरंत विशेष गिरदावरी करने के लिए भी कहा है, ताकि जिन किसानों की फसलें खराब हुई, उन्हें आर्थिक सहायता दी जा सके।

पांच दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि, बादल जरूर छा सकते हैं। इसके बाद 23 अप्रैल को नया पश्चिमी विक्षोभ तैयार हो रहा है। यदि यह मजबूत हुआ तो पहाड़ी क्षेत्रों समेत उत्तरी भारत में बारिश हो सकती है।
– डॉ. देवेंद्र बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ, करनाल

हरियाणा में कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई है, इससे हाथ से काटी फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि, खड़ी फसल को ज्यादा नुकसान नहीं है। आगे से मौसम साफ रहेगा।
– डॉ. जीपी सिंह, गेहूं अनुसंधान संस्थान

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