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हरियाणा विधानसभा चुनाव

पाँच साल “मनोहर व दुष्यंत” की अनोखी गाड़ी कैसे दौड़ेगी, जानिए इस फ़ैसले की वजह

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Haryana Assembly Election 2019 में किसी दल को बहुमत नहीं मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जननायक जनता पार्टी (JJP) का गठजोड़ बहद अहम है। इसने राज्‍य में नई सियासी माहौल बनाया है और उम्‍मीद है कि भाजपा-जेजेपी पांच साल तक स्थिर सरकार राज्‍य को देंगे। इसके साथ ही पहले निर्दलीय विधायकों के साथ सरकार बनाने की तैयारी कर रही भाजपा ने बेहद खास कारण से दुष्‍यंत चौटाला को अपना साथी चुना है। समझा जाता है कि भाजपा दुष्‍यंत के जरिये जाटों की नाराजगी दूर करना चाहती है। इसके साथ ही कांग्रेस को भी किनारा करने में भी वह सफल हुई है। गठबंधन के साथ सात निर्दलीय विधायकों का आना भी सरकार को मजबूती प्रदान करेगा। इस तरह विधानसभा में भाजपा-जेजेपी सरकार के बहुमत का आंकड़ा 57 हो गया है। मनोहरलाल आज भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद राज्‍यपाल सत्‍यदेव नारायाण आर्य से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बताया जाता है कि राज्‍यपाल से मुलाकात के समय दुष्‍यंत चौटाला भी उनके साथ रहेंगे।

भाजपा ने दुष्यंत के जरिये की जाटों की नाराजगी दूर करने की कोशिश

भाजपा ने जेजेपी के साथ गठबंधन कर बिना किसी डर और राजनीतिक बाधा के पूरे पांच साल का सफर तय करने का रास्ता साफ किया है। इसके साथ ही जननायक जनता पार्टी ने अपने न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लागू करने के लिए सरकार में शामिल होने को जरूरी बताते हुए राजनीति में ऊंची उड़ान भर ली है।

हरियाणा में अब भाजपा व जेजेपी गठबंधन की सरकार से जातीय संतुलन भी साधने की कोशिश होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाजपा का बड़ा गैर जाट चेहरा हैं, तो दुष्यंत चौटाला को सत्ता में शामिल कर भाजपा जाटों की नाराजगी दूर करने की कोशिश करेगी। इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपनी पार्टी से करीब 20 जाट उम्मीदवारों को टिकट दिए थे, लेकिन जीत सिर्फ चार की हुई। भाजपा के बाकी जाट उम्मीदवारों को लोगों ने पूरी तरह से नकार दिया है।

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