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पानीपत

पानीपत :अंदर फर्श टूटा होने से सड़क पर गिर गया मासूम || तेज चल रही गाड़ी के पहिये ने उसे कुचल दिया।

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लापरवाही की वजह से पांच वर्ष के एक मासूम की जान चली गई। बस की जजर हालत के कारण बस की सीट में टुटी हुई जगह पर लगा रखा था लकड़ी का फता। जिसमे से 5 साल का कार्तिक बस में से ही नीचे निकल गया। आक्रोशित लोगों ने बस को मोके पर ही तोड़ा। पुलिस ने मौका पर पहुंच बस को कब्जे में ले लिया है। कच्चा कैम्प से आसन कला गुरूद्वारे में सत्संग सुनने गया था परिवार। बाबा जोध सचयार की स्कूल बस से वापस घर आ रहा था परिवार। परिवार में पिता संजय पाहुजा जो बाईक प्लेट का काम करता है पत्नी रजनी व 2 बेटे कार्तिक ,व जतिन थे । मगर सत्संग से वापिस आते वक्त हादसे में मौत का ग्रास बना 5 वर्षीय बच्चा कार्तिक ।

school bus accident

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पानीपत में खुखराना गांव के पास हुआ हादसा । गुरुद्वारा बाबा जोध सचियार में सालाना सत्‍संग समागम चल रहा है। कच्‍चा से संगत आई हुई थी। इसी गुरुद्वारे की कमेटी का स्‍कूल भी है। स्‍कूल की बस को संगत को छोड़ने के लिए लगाया गया था। बस के पिछले पहिये के पास फर्श टूटा हुआ था। चालक और कमेटी के लोगों ने यह बात संगत को नहीं बताई। जहां से फर्श टूटा था, वहां पर प्‍लाई रख दी गई थी। नर्सरी में पढ़ने वाला पांच वर्षीय कार्तिक अपने आठ वर्षीय भाई जतिन के साथ पिछली सीट पर बैठा था। खुखराना के पास ब्रेकर आते ही प्‍लाई खिसक गई। वहीं से कार्तिक खाली जगह से नीचे गिर गया। पिछले पहिये ने उसे कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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बस में उसकी मां, बुआ, दादी और परिवार के अन्‍य सदस्‍य थे। पिता संजय बाइक लेमिनेशन करने का काम करते हैं। सभी का रो रोकर बुरा हाल था। मां बार-बार बेहोश हो रही थी। दादी कह रही थी, उन्‍हें पता होता कि उनके साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा, वे यहां आते ही नहीं।

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लोग बेहद गुस्‍से में थे। कुछ लोगों ने तो बस को जलाने की कोशिश की। तभी परिवार के लोगों ने उन्‍हें ऐसा करने से रोक दिया। हालांकि बस के शीशे जरूर तोड़े गए।


स्‍कूल को 51 सदस्‍यीय कमेटी चलाती है। ट्रांसपोर्ट कमेटी के प्रबंधक महेंद्र सिंह का कहना है कि एक महीना पहले फर्श टूटा था। स्‍कूल के सिर्फ 17 बच्‍चे पेपर देने जाते थे।

kartik panipat bus accident

उनको बस की दूसरी साइड में बैठा लेते थे। इस साइड में किसी को आने नहीं देते थे। अचानक संगत छोड़ने के लिए बस को भेजना पड़ा। वहीं कमेटी के प्रधान मनमोहन का कहना है कि वह परिवार के साथ हैं।

Gepostet von Panipat LIVE am Dienstag, 19. März 2019

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