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पानीपत

पानीपत के खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा को अब सूबेदार कहकर पुकारा जाएगा।

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Spread the love वह जो सपना देखता है वह पूरा हो जाता है। एशियन गेम्स में गोल्‍ड मेडल्‍ जीतने के सपने के बाद अब वह देश की सुरक्षा के लिए सिपाही बनकर तैनात होने के लिए तैयार है। वह ओलंपिक में गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ अब सूबेदार नीरज कहकर पुकारा जाएगा। देश के स्टार […]

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वह जो सपना देखता है वह पूरा हो जाता है। एशियन गेम्स में गोल्‍ड मेडल्‍ जीतने के सपने के बाद अब वह देश की सुरक्षा के लिए सिपाही बनकर तैनात होने के लिए तैयार है। वह ओलंपिक में गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ अब सूबेदार नीरज कहकर पुकारा जाएगा।

देश के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को अब सूबेदार कहकर बुलाएं। जन्मदिन से पहले सेना ने उन्हें पदोन्नति का तोहफा दिया है। सितंबर 2016 में नायब सूबेदार राजराइफल धौलाकुंआ में भर्ती हुए नीरज ने कहा कि इससे उनका हौसला बढ़ेगा।

सफलता भरा रहा वर्ष 2018

वर्ष 2018 नीरज के लिए सफलता भरा रहा है। गत 24 दिसंबर को वे 21 साल के हो गए। इससे छह दिन पहले उन्हें सूबेदार बनाया गया है। इसी साल उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। डायमंड लीग में चौथे स्थान पर रहे। अर्जुन अवॉर्ड भी प्राप्त किया।

बेटे के कंधे पर सजे स्टार देख गौरवान्वित हूं

पानीपत के खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा उर्फ निज्जू के किसान पिता सतीश कुमार चोपड़ा ने कहा कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि शरारती बेटा निज्जू एक दिन देश का बड़ा एथलीट और सेना का अफसर बनेगा। बचपन में नीरज भैंसों की पूंछ मरोड़ देता था। कभी बुजुर्गों के पास पटाखे बजाकर तंग करता था। उनके उलहाने से सारा परिवार परेशान रहता था। बेटे के कंधे पर स्टार सजे देख गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। बेटे की पदोन्नत के समय वह और उसका छोटा भाई सुरेंद्र चोपड़ा भी मौके पर थे।

90 मीटर जैवलिन थ्रो करने का लक्ष्य

पटियाला में इंडिया कैंप में शामिल नीरज चोपड़ा ने बताया कि सूबेदार पदोन्नत होने से उसका हौसला बढ़ा है। गत वर्ष उसने कड़ी मेहनत की थी तो कामयाबी भी मिली। इस साल (2019) में वल्र्ड चैंपियनशिप और एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप हैं। इसकी तैयारी के लिए साउथ अफ्रीका जा रहा हूं। उसका लक्ष्य 90 मीटर जैवलिन थ्रो करना है। अगर यह दूरी तय कर ली तो उसके पदक पक्के हैं। वह कोच जर्मनी के उवे हॉन की निगरानी में हर रोज सुबह, दोपहर और शाम को नौ घंटे अभ्यास कर रहा है।

शादी अभी नहीं, लक्ष्य अगला ओलंपिक

शादी करने के सवाल के बारे में नीरज से हंसते हुए कहा कि उसका लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का है। देश की उनसे उम्मीद ज्यादा है। इन पर खरा उतरना है। अभी शादी के बारे में सोच भी नहीं सकता।

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