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पानीपत

पानीपत के जुगाड़बाज़ लोगों ने किया स्टाम्प ड्यूटी घोटाला, पहल जीएसटी का घोटाला अब ये नया घोटाला

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दुनिया में टेक्सटाइल सिटी के नाम से प्रसिद्ध पानीपत अब फर्जीवाड़े की वजह से बदनाम हो रहा है। पहले जीएसटी और अब स्टाम्प ड्यूटी में फर्जीवाड़ा सामने आया है। लोगों ने सरकार को करीब 1.68 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। आखिर ये फर्जीवाड़ा किया तरह से किया गया,

समालखा और बापौली तहसील में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान किसी न किसी तरीके से स्टाम्प ड्यूटी बचा सरकार को चूना लगाने वाले 217 मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस देने के बाद एसडीएम गौरव कुमार ने सुनवाई के बाद फैसला सुना दिया है। 1.68 करोड़ की रिकवरी निकली है। ऑडिट के दौरान ये सामने आए थे। उक्त लोगों से रिकवरी के लिए संबंधित तहसीलदार को पत्र लिखा गया है।

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देनी होती है स्टाम्प ड्यूटी

जमीन की खरीद के दौरान उसकी कीमत के हिसाब से सरकार को स्टाम्प ड्यूटी अदा करनी होती है। कुछ लोग जमीन की कीमत कम दिखाकर या बिल्डिंग बना जमीन को खाली प्लॉट दिखाकर स्टांप ड्यूटी बचा लेते हैं। सरकार को राजस्व की हानि होती है।

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उच्च लेवल पर भी होती है जांच

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चोरी पकडऩे के लिए न केवल विभागीय स्तर पर ऑडिट कराया जाता है, बल्कि उच्च लेवल पर भी जांच की जाती है। ऐसे ही ऑडिट के दौरान समालखा व बापौली तहसील में 2010 से 2017 तक स्टांप डयूटी चोरी के 217 मामले सामने आए। 2010 से लेकर 2013 तक के बीच 29 मामले हैं। जो कई सालों से रिकवरी को लेकर डीआरओ के पास पेंडिंग पड़े थे। उक्त मामले सीएजी व पीएसी में डाले जा चुके हैं। जबकि बाकी केस 2014 से लेकर 2017 तक के हैं। कुछ नए मामलों में नोटिस के बाद सुनवाई होगी।

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रिकवरी के लिए डीसी से मंजूरी ली जाएगी

एसडीएम गौरव कुमार ने बताया कि इंडियन स्टांप डयूटी एक्ट 47 ए के तहत कार्रवाई कर नोटिस देने के बाद फैसला सुनाया गया है। जो पैसा जमा नहीं कराएगा उनसे भू राजस्व के जरिए रिकवरी करने के लिए डीसी से मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद ही चल अचल संपत्ति कुर्क किया जा सकेगा।

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