Connect with us

पानीपत

पानीपत के फ़्लाइओवर के नीचे जॉइंट ख़राब, बस स्टैंड के सामने काम चालू, टला हादसा, मौक़े पे एम्बुलेंस तैयार

Published

on

एलिवेटेड रोड के पोल नंबर 142 के पास का एक्सपेंशन जॉइंट में खराबी आ गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की इस पर नजर पड़ गई। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस पॉइंट के नीचे ब्लॉक में रोडवेज बसों के लिए व्यवस्था की गई है। इसके चलते इस ब्लॉक को बंद कर दिया गया है। इस रिपेयरिंग कार्य का पूरा होने में करीब 25 दिन लगेंगे। तब तक रोडवेज बसें जीटी रोड पर ही रुकेंगी। चुनावी मौसम में जाम लगना तय है। ट्रैफिक पुलिस ने 8 अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगा दी है ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

एलएंडटी के 10 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर करीब 75 एक्सपेंशन जॉइंट लगे हुए हैं। यह रोड दो राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ को जोड़ता है। इस कारण प्रतिदिन इस मार्ग से निकलने वाले वाहनों की संख्या करीब 40 हजार है। इसके चलते हर वक्त इस रोड पर वाहनों का दबाव रहता है। पिछले दिनों रुटीन निरीक्षण के दौरान पोल नंबर 142 स्थित एक्सपेंशन जॉइंट में आ रही कमी पकड़ में आ गई। बताया जा रहा है कि वह टूट रहा था, लेकिन अधिकारी रुटीन रिपेयरिंग की बात कह रहे हैं। रिपेयरिंग के लिए कंपनी की तरफ से डीसी सुमेधा कटारिया को सूचित कर दिया। बुधवार सुबह चेन्नई से आई टीम ने रिपेयरिंग शुरू कर दी। करीब दो सौ मीटर के इस टुकड़े को बैरिकेडिंग लगाकर ट्रैफिक को एक काैने से गुजरना शुरू कर दिया। उधर, इस पॉइंट पर खुदाई का काम शुरू करवा दिया हैै।

पानीपत. एक्सपेंशन जॉइंट की रिपेयरिंग करती चेन्नई की टीम। 

सर्विस रोड पर खड़े वाहन बनेंगे सिरदर्द

चुनावी मौसम और रिपेयरिंग के चलते जीटी रोड पर जाम लगना तय है। पहले ही रेलवे रोड मोड़ से बस स्टैंड तक और बस स्टैंड से पालिका बाजार तक रोड की चौड़ाई कम है। ट्रैफिक पुलिस ने सर्विस रोड पर खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो स्थिति विकराल हो सकती है।

पुलिस का दावा, लगाई हैं अतिरिक्त ड्यूटियां

ट्रैफिक प्रभारी सत्यनारायण का कहना है कि रैलियों को लेकर तैयारी कर ली हैं। गोहाना मोड़, संजय चौक, असंध रोड मोड़, बस स्टैंड के सामने अतिरिक्त ड्यूटियां लगा दी हैं। ताकि ट्रैफिक प्रभावित न हो।

50 साल होती है एक्सपेंशन जॉइंट की लाइफ : एलिवेटेड रोड का निर्माण करीब 10 साल पहले हुआ था। एक एक्सपेंशन जॉइंट की लाइफ करीब 50 साल होती है, लेकिन यह 10 साल में ही खराब हो गया है। टीम का कहना है कि जब इस रोड का निर्माण किया गया था तब प्रतिदिन पांच से छह हजार वाहन गुजरते थे। आज एक दिन में करीब 45 से 50 हजार वाहन गुजरते हैं। आशंका है कि वाहनों के दबाव बढ़ने के कारण ही एक्सपेंशन जॉइंट खराब होने लगे हैं।

पानीपत. बस स्टैंड के सामने के ब्लॉक को किया बंद। 

ताकि न हो जाए कोई हादसा

बस स्टैंड के सामने के ब्लॉक को भी खाली करा दिया गया है। इस ब्लॉक में दिल्ली, रोहतक, सोनीपत और जींद की तरफ से आने वाली रोडवेज रुकती थीं। हर वक्त दर्जनों यात्री इस ब्लॉक में मौजूद रहते हैं। ताकि रिपेयरिंग के दौरान कोई पत्थर न गिर पड़े और कोई यात्री के चोट लग जाए। यह मरम्मत कार्य पूरा होने में करीब 25 दिन लगेंगे। तब तक रोडवेज बसें जीटी रोड पर ही रुकेंगी। एनएचएआई ने एक एम्बुलेंस बस स्टैंड के सामने खड़ी करा दी है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पानीपत

इस लड़ाई में पानीपत ने चीनी मशीनरी को फिर दी मात, छीन ली बादशाहत

Published

on

By

सोफा फैब्रिक्स इंडस्ट्री में पानीपत ने ड्रैगन (चीन) की बादशाहत को खत्म कर दिया है। पिछले तीन चार सालों से बाजार पर चीन का कब्जा था। वहां से आने वाले सस्ते और डिजायनर कपड़े की चमक को कम करने के लिए पानीपत के उद्यमियों ने दिन-रात एक कर दिया। दो वर्षों के भीतर यहां चीन से ही मशीनरी लाकर 50 से आधिक प्रोसेस हाउस लगाए गए और देखते ही देखते पानीपत में यह कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक के जादुई आंकड़े को पार कर गया।

शहर में इस समय सोफा फैब्रिक्स निर्माण की 600 यूनिटें हैं। पहले यहां कॉटन का कपड़ा बनता था। धीरे-धीरे चीनी से आने वाले प्रिंटेड और डिजायनर पॉलिस्टर के कपड़ों ने शहर के बाजार पर कब्जा कर लिया। यहां के उद्योग-धंधे चौपट होने लगे। ऐसे में प्रतिद्वंद्वी चीन को टक्कर देने के लिए उद्यमियों ने कमर कसी।

रंग लाई मेहनत

चीनी मशीनरी लाकर यहां शटल लेस जेकॉर्ड पर सिंथेटिक का फैब्रिक बनाना शुरू किया। यह मेहनत रंग लाई और आज पानीपत ने डै्रगन की बादशाहत छीनकर अपना अधिकार फिर से हासिल कर लिया। अब अफ्रीकी देशों में भी यहां से सोफा कवर का निर्यात होने लगा है।

दो साल से कारोबार चौपट हो गया था

उद्यमी जोगेंदर खुराना बताते हैं कि दो साल यहां का कारोबार चौपट हो गया था। अब हम चीन को पछाड़ चुके हैं। मीडियम क्वालिटी रेंज का सोफा फैब्रिक्स सबसे अधिक पानीपत में बनने लगा है। कश्मीर से लेकर केरल तक यहां से कपड़ा निर्यात किया जा रहा है।

दोगुना हो सकता है निर्यात 

मुकेश फर्निसिंग मुकेश नारंग का कहना है कि सरकार यदि इस उद्योग की समस्याओं का निवारण करे तो निर्यात दोगुना हो सकता है। प्रदेश सरकार को उद्योगों की बिजली, प्रदूषण संबंधी समस्याओं को दूर करना चाहिए। इससे यहां हैवी क्वालिटी रेंज के फैब्रिक्स का निर्माण भी आसान होगा और निर्यात भी बढ़ेगा। फिलहाल, हैवी रेंज क्वालिटी सोफा फैब्रिक्स मुंबई से मंगाया जाता है।

जीएसटी, ड्यूटी बढऩे से राहत

इस इंडस्ट्री को जीएसटी और इंपोर्ट ड्यूटी बढऩे से भी राहत मिली है। आयात ड्यूटी के बढऩे से चीन से आने वाला माल अब महंगा हो गया है। जीएसटी लागू होने से उद्यमियों को इनपुट का लाभ मिल रहा है। इनपुट टैक्स के कारण इसका उत्पादन सस्ता हुआ है।  

मिंक कंबल में भी चीन को पीछे छोड़ा

पानीपत का मिंक कंबल विश्व बाजार में चीन के मिंक कंबल को चुनौती दे चुका है। पानीपत में मिंक कंबल का उत्पादन गोल्डन कंपनी ही कर रही थी। कोरिया और ताइवान से आधुनिकतम तकनीक वाली मशीनें मंगाकर यहां के उद्योगपतियों ने मिंक कंबल का उत्पादन शुरू किया और चीन को काफी पीछे छोड़ दिया।

Continue Reading

करनाल

हरियाणा में अबकी बार ज्यादा धुंध के आसार, अगले 60 दिन रहें सावधान

Published

on

By

प्रदेश में अगले 60 दिनों तक धुंध का छाए रहने की संभावना है। दिसंबर-जनवरी में धुंध अधिक रहती है, कई बार यह 15 फरवरी तक असर दिखाती है। अबकी बार ज्यादा बरसात हुई है तो धुंध का असर लंबे समय तक रह सकता है। हरियाणा पुलिस ने यातायात एडवाइजरी जारी कर सावधानी बरतने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि सभी मौसम को ध्यान में रखकर यात्रा करें। मौसम विभाग ने भी कहा कि अगले दो से तीन दिनों में धुंध का बढ़ सकती है। अबकी बार जमीन में नमी खूब है, इससे भी धुंध लंबी चल सकती है।

 

ट्रक-टेंपो व ट्रैक्टर से होते हैं अधिक हादसे : प्रदेश के हाइवे पर ट्रक-टेंपो व ट्रैक्टर से सबसे अधिक 35.38 फीसदी हादसे होते हैं, इससे 37.42 फीसदी डेथ होती हैं। कार-जीप व टैक्सी से 31.60 फीसदी हादसे होते हैं और 35.46 फीसदी डेथ होती है। दो पहिया वाहन से 16.38 हादसे व 11.80 फीसदी डेथ, ऑटो रिक्शा से 5.25 फीसदी हादसे व 3.90 फीसदी डेथ होती हैं। बसों से 5.95 फीसदी हादसे व 6.30 फीसदी डेथ, अन्य से 5.44 फीसदी हादसे व 5.12 फीसदी डेथ हो जाती हैं।

तेज गति से होते हैं 20 % हादसेः हरियाणा में तेज गति के कारण 20.86 फीसदी सड़क हादसे हो रहे हैं। इसका कुल डेथ में 22.15 फीसदी हिस्सा है। शराब पीकर 4.70 फीसदी हादसे होते हैं और 3.28 फीसदी डेथ प्रतिशत है। ओवर लोडिंग के कारण 17.01 फीसदी हादसे और 17.47 फीसदी डेथ प्रतिशत है। अन्य हादसों में 57.43 फीसदी कारण हैं और इनमें 57.10 फीसदी डेथ औसत है। करीब 5000 व्यक्ति हर साल सड़क हादसों में जान गवां देते हैं । इनमें 17 साल तक के 5.26 फीसदी, 17 से 44 साल के 59.05 फीसदी व 45 साल से अधिक के 35.69 फीसदी लोगों की मौत हो रही है। 17 से 44 साल के लोग सबसे अधिक मर रहे हैं, इनका डेथ औसत करीब 50 फीसदी है।

 

शाम 6 बजे होते हैं 29.82 % हादसेः हरियाणा में नेशनल हाइवे पर सबसे अधिक 31.78 फीसदी हादसे होते हैं, जबकि स्टेट हाइवे पर 25.69, एक्सप्रेस हाइवे पर 2.19 फीसदी हादसे होते हैं। अन्य सड़कों पर 40.34 फीसदी हादसे होते हैं। सुबह 6 से 12 बजे तक 24.77, दोपहर 12 से शाम छह बजे तक 29.82, शाम छह से रात 12 बजे तक 29.50 व रात 12 से सुबह 6 बजे तक 15.08 फीसदी हादसे हो रहे हैं।

Continue Reading

पानीपत

शहरी सरकार चलाने को मैदान में उतरीं 200 घरेलू महिलाएं

Published

on

By

शहरी सरकार की सियासत में घर की सरकार चलाने वाली महिलाओं ने कदम रखा है। वे घर का मैनेजमेंट चलाते-चलाते अब शहर की सरकार चलाने में अहम रोल अदा करना चाहती हैं। इस बार प्रदेश में पांच नगर निगम और दो नगर पालिकाओं के हो रहे चुनावों में उतरे कुल 816 उम्मीदवारों में 389 महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से 200 गृहिणी हैं। 12 महिलाएं स्कूल टीचर और 7 खेती-बाड़ी और मजदूरी भी कर रही हैं। इसके अलावा कुछ महिलाएं बिजनेस कर रही हैं।

शहर प्रमुख बनने की दौड़ में 33 महिलाओं में 15 हाउस वाइफ : 5 शहर प्रमुख बनने के लिए 33 महिलाओं ने नामांकन किया है। इनमें 15 हाउस वाइफ हैं। सबसे ज्यादा करनाल में 5 हाउस वाइफ हैं। यहां कुल 11 महिलाओं ने नामांकन किया है। पानीपत में 12 में 4, हिसार में 4 में से 3, यमुनानगर में 4 में से 3 हाउस वाइफ हैं।

 

रोहतक में दो महिलाओं ने शहर प्रमुख के लिए नामांकन किया, लेकिन इनमें हाउस वाइफ एक भी नहीं है। वे कोई न कोई दूसरा काम कर रही हैं। पांच नगर निगमों में हिसार में 43 महिलाएं चुनावी मैदान में हैं। इनमें 37 ऐसी महिलाएं हैं, जो अब घर तक सीमित रही हैं। यमुनानगर में 72 में 37, रोहतक में 71 में 31, पानीपत में 57 में 27 और करनाल में 44 महिलाओं में से 14 हाउस वाइफ हैं।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2018 Panipat Live