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पानीपत

पानीपत के स्कूलों की 282 बसों की हुई जाँच, सामने आया हैरान कर देने वाला सच

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बड़ा ट्रांसपोर्टेशन चार्ज वसूलने वाले प्राइवेट स्कूल जिन बसों में हमारे बच्चों को सफर करा रहे हैं वे पूरी तरह असुरक्षित हैं। हरियाणा मानवाधिकार आयोग की नोटिस के बाद पहली बार प्रशासन ने स्कूली बसों का रियलिटी चेक करने के लिए 35 टीमें एक साथ सड़क पर उतारी। पहले दिन जिले के 81 स्कूलों की 292 बसों की जांच की गई।

सब के सब मानकों पर अनफिट करार दिए गए। हैरान करने वाली बात ये है कि आसन कलां हादसे के बाद आज भी बसों के फर्श गले हुए मिले है। गति को नियंत्रित करने वाला स्पीड गवर्नर नहीं मिला। जीपीएस की क्या बात करें, फर्स्ट एड बॉक्स में दो साल पुरानी एक्सपायरी दवा मिली हैं। वहीं बसों के टायर तो ऐसे मिले जोकि कभी भी फट सकते हैं और बसें पलट सकती हैं।

स्कूल प्रबंधन को नोटिस देकर इस शर्त के साथ बसें छोड़ी गई कि तीन दिन में सभी के फिटनेस पूरे किए जाएंगे। तब तक यह बसें रोड पर नहीं उतर सकेंगी। तीन दिन के बाद फिर से इन बसों की जांच की जाएगी। 35 टीमें मंगलवार और बुधवार को भी 855 बसों की जांच करेंगी।

लापरवाही के सबूत-ये कटे-फटे टायर

 

पानीपत. कुटानी रोड स्थित आरके सीनियर सेकेंड्री स्कूल की बस के टायरों में जगह-जगह कट लगे हुए मिले।

बसों में अग्निश्मन यंत्र मिले खराब, कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं थे, जिनमें थे उनके अंदर रखी दवाएं एक्सपायर मिलीं

यह स्कूल का नाम  जिसमे यह  बसों में मिली खामियां

1. कुटानी रोड स्थित आरके सीनियर सेकंडरी स्कूल पिछले टायर के ऊपर का फर्श गला हुआ मिला।

2. भलौर-बापौली रोड स्थित जीवीएम इंटरनेशनल स्कूल बस का फर्श गला हुआ मिला।

3. किला क्षेत्र स्थित जीडीआर स्कूल पांच बसें में स्पीड गवर्नर नहीं थे।

4. एसके मॉडर्न सीनियर सेकंडरी स्कूल स्पीड गवर्नर डिवाइस नहीं था।

5. कुटानी रोड स्थित आरके सीनियर सेकंडरी स्कूल 2 बसों में स्पीड गर्वनर नहीं था। एक में था, पर खराब।

6. किला क्षेत्र स्थित एसके माडर्न सीनियर सेकंडरी स्कूल अगले और पिछले टायर पूरी तरह से घिसे हुए थे।

7. कुटानी रोड स्थित आरके सीनियर सेकंडरी स्कूल तीनों बसों के टायर फटे हुए मिले।

8. भलौर-बापौली रोड स्थित जीवीएम इंटरनेशनल स्कूल फर्स्ट एड बॉक्स में एक्सपायर दवाइयां मिलीं ।

9. बापाैली स्थित बीडीपीएम स्कूल और जनता स्कूल बस में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं थे।

 

जीपीएस तक नहीं लगे : अधिकतर बसों में जीपीएस हीं नहीं थे। जिन बसों में लगे भी हैं वह सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे।

इमरजेंसी विंडो मिली जाम : कई बसों की इमरजेंसी विंडो लम्बे समय से न खुलने के कारण जाम मिली। स्कूल प्रबंधन और ड्राइवर को इसके लिए दोषी ठहराया है। नोटिस दिया।

गर्ल्स स्कूल की बस में महिला अटेंडेंट अनिवार्य: टीमों ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि गर्ल्स स्कूलों की बसों में महिला अटेंडेंट का होना अनिवार्य है। महिला अटेंडेंट नहीं पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।

19 मार्च को आसन कलां के बाबा जोध सचियार पब्लिक स्कूल की बस के गल चुके फर्श से नीचे गिरकर कच्चा कैंप के 5 साल के एक बच्चे की मौत हो गई थी। 26 मार्च को आयोग ने एसपी और एडीसी कम आरटीए को नोटिस जारी कर 21 मई को रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद प्रशासन जागा है।

एडीसी ने सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल, मुख्य शिक्षक, आरटीओ के चेकिंग स्टाफ और पुलिस की 35 टीमें सोमवार को सड़कों पर उतार दी। जो स्कूलों में जाकर जांच कर रही है।

 

बड़ा ट्रांसपोर्टेशन चार्ज वसूलने वाले स्कूलों की व्यवस्था की हकीकत आई सामने

3 दिन की रिपोर्ट के बाद शुरू की जाएगी कार्रवाई 

जिले के 661 स्कूली बसों की जांच का टारगेट टीमों को दिया गया है। तीन दिन की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

जिन स्कूलों की बसों में बड़ी खामियां मिल रही हैं। उनकी बसों को सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। प्रीति, एडीसी, पानीपत

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