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पानीपत

पानीपत में पकड़े गए हैकर एटीएम से डाटा हैक कर विदेश में बेचते हैं

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ए.टी.एम. के माध्यम से बैंकों का डाटा धोखाधड़ी से चोरी करके विदेशों को बेचने का प्रयास कर रहे 4 आरोपियों को सी.आई.ए.-वन पुलिस ने धर दबोचा। आरोपियों के खिलाफ थाना शहर में मामला दर्ज करवाया गया है। 2 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि 2 आरोपियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

सी.आई.ए.-वन प्रभारी इंस्पैक्टर संदीप छिक्कारा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि जी.टी. रोड पर बने एलिवेटिड ओवर ब्रिज के नीचे एच.डी.एफ.सी. बैंक के सामने 4 युवक गाड़ी में बैठें हैं तथा 2 लोग लैपटॉप चला रहे हैं। जिनके हाथों मं सफेद रंग के ए.टी.एम. कार्ड हैं तथा वे बार-बार बैंक के ए.टी.एम. की ओर देख रहे हैं। उनकी हरकतों से प्रतीत होता है कि वे ए.टी.एम. से डाटा हैक करने की फिराक में है। सूचना मिलते ही उन्होंने सब इंस्पैक्टर सुरेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया और मौके पर पहुंचे तो वहां टै्रनो निशान गाड़ी न बर एच.आर. 26 सी.सी.-5129 में 4 व्यक्ति लैपटॉप चलाते हुए दिखाई दिए। जिन्हें पुलिस ने अरैस्ट कर लिया।

पूछताछ में चालक सीट पर बैठे युवक की पहचान अमित त्यागी निवासी जागृति विहार सैक्टर-3 मेरठ के तौर पर हुई जबकि कंडक्टर सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपनी पहचान अतुल बैनीवाल निवासी मंडावली जिला हरिद्वार उत्तराखंड के तौर पर दी। तीसरे युवक ने अपना नाम विक्रम उर्फ विक्की निवासी मताणा जिला फतेहाबाद तथा चौथे लड़के ने अपना नाम संदीप वासी अर्जुन पार्क नजफगढ़ बताया। मामले की सूचना साइबर सैल को देते हुए साइबर सैल इंचार्ज सब इंस्पैक्टर होशियार सिंह को मौके पर बुलाया गया। साइबर सैल इंचार्ज ने जब आरोपियों से स ती से पूछताछ की तो उन्होंने खुलासा किया कि वे विदेशी बैंकों के डाटा व ए.टी.एम. कार्डों का डाटा को चोरी करके देश में बेचते हैं।

अब वे स्कीमर डिवाइस का प्रयोग करके पानीपत में लगे ए.टी.एम. से डाटा चोरी करना चाहते थे ताकि चोरी डाटा को विदेशों में बैठे हैकर्स को बेचकर पैसे कमा सकें। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप व अन्य सामान जब्त करते हुए उनके खिलाफ थाना शहर में मामला दर्ज करवाया है तथा जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपी अमित त्यागी व अतुल बैनीवाल को 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है, जबकि विक्रम उर्फ विक्की व संदीप को अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस को आरोपी अमित के कब्जे से एक लैपटॉप मार्का लेनेवो थींक पैड, एक चाॄजग केबल, एक डब्ल्यू.डी. क पनी के हार्ड डिस्क, 32 जी.बी. की पैन ड्राइव, आरोपी अतुल से 2 सफेद कार्ड ए.टी.एम. नुमा जिन पर काले रंग की मैगेनेटिक टेप लगी हुई मिली है। विक्रम के कब्जे से लैपटाप व चार्जिंग केबल तथा 2 सफेद कार्ड ए.टी.एम. नुमा जिन पर काले रंग की मैगेनेटिक टेप लगी हुई मिली है व स्कैच पैन से दो कार्डों पर कुछ अक्षर लिखे मिले हैं। इसके अलावा संदीप से एक ए.टी.एम. नुमा सफेद कार्ड जिस पर काले रंग की मैगेनेटिक टेप लगी हुई मिली है, मिला है।

वहीं, साइबर सैल के इंचार्ज होशियार सिंह ने स ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने खुलासा किया है कि इस प्रकार विदेशों बैंकों से डाटा चोरी करने के मामले में यदि किसी प्रकार कीकोई भी परेशानी सामने आती है तो ऐसे मामले में विदेशों में बैठे हैकर्स भी उनकी पूरी-पूरी मदद करते हैं। सी.आई.ए.-वन के सब-इंस्पैक्टर सुरेश कुमार ने आरोपी अमित त्यागी के कब्जे से एक लैपटॉप मार्का लेनेवो कब्जे में लिया। लैपटॉप को जब खोलकर चैक किया तो उसमें बने अमित त्यागी के कुछ फोल्डर्स में विदेशों बैंकों के ए.टी.एम. कार्ड न बर व उससे संबंधित डिटेल पाई गई।

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