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अंबाला

पीपली, कुरुक्षेत्र-धोखे से रचा ली पाँचवी शादी, 7 साल की बच्ची से भी कर चुका है दुष्कर्म

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दुष्कर्म के आरोपित ने धोखे में रखकर एक महिला से पांचवीं शादी कर ली। महिला को इसकी जानकारी हुई तो उसने एफआइआर दर्ज कराई है। महिला का कहना है कि आरोपित पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में फंस चुका है।

महिला ने बताया कि उसकी शादी 20 जुलाई 2005 को गुरुग्राम के पटौदी में हुई थी। उसकी दो संतान हुई। कम दहेज लाने पर उसे तंग किया जाने लगा। इसी कारण तलाक हो गया। दोनों बच्चे उसी के पास हैं। 14 नवंबर 2014 को उसकी शादी कुरुक्षेत्र में पिपली के एक व्यक्ति से हो गई। उस व्यक्ति ने बताया था कि पहली पत्नी से तलाक हो चुका है। मनोज से शादी के बाद उसे एक लड़की हुई।

बाद में पता चला कि उसके दूसरे पति की पहले चार शादियां हो चुकी हैं। महिला ने आरोप लगाया कि दूसरा पति  सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सजा भी काट चुका है। वह शराब पीकर नशे में उसे कमरे में बंद करके डंडों व बेल्टों से पीटता था।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति की प्रताड़ना की शिकायत उसने वर्ष 2017 में दी थी। तब पति ने उससे व उसके परिवार से माफी मांग ली थी। 26 नवंबर को शाम 6 बजे वह नशे में धुत हो घर आया और उसका गला दबाने का प्रयास किया। गाली-गलौज करने लगा। दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी दी।

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हरियाणा का ये हाईवे जिस पर किसान को मिला क़ब्ज़ा, पूरा हाईवे ब्लॉक किया खोद के

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कोर्ट के एक फैसले ने नेशनल हाईवे के हालात बदल दिए हैं। असली मालिक को उसका हक मिला तो उसने हाईवे पर कब्‍जा करने के लिए जमीन को खोद दिया। जैसे ही यह खबर प्रशासन तक पहुंची, अफसर दौड़े-दौड़े वहां पहुंच गए। किसान ने बताया कि जिस जगह पर नेशनल हाईवे बना हुआ है, वह उनकी जमीन है। कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुना दिया है। कोर्ट का फैसला देखकर अफसरों ने किसान से कहा कि सोमवार तक समय दे दें। कुछ न कुछ हल निकाल देंगे। किसान उनकी बात मान गया। अफसरों ने खोदी गई जगह को ठीक किया और ट्रैफि‍क शुरू किया।

400 मीटर का टुकड़ा बना है किसान की जमीन पर

1951 में यहां अंबाला जगाधरी रोड बना था। हरिपुर जट्टान मोड से कैल कचरा प्लांट तक यह सड़क उनकी जमीन में बनी थी। पहले यहां से कच्चा रास्ता खेत के लिए निकलता था। सरकार ने उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया। लेकिन यहां पर पक्की रोड बना दी। बाद में इस रोड को नेशनल हाईवे भी बना दिया गया। लगातार उनके बाप-दादा सरकार को पत्र भेजकर गुहार लगाते रहे, कि उनकी जमीन छोड़ी जाए। पत्रों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

2000 में उनके चाचा बलबीर सिंह इस मामले को लेकर जगाधरी कोर्ट में चले गए। सेशन कोर्ट ने 2016 में उनके हक में फैसला सुनाया। इस दौरान अफसरों ने जमीन के बदले में कहीं और जमीन देने की भी बात उनके सामने रखी, लेकिन ढिल्लो परिवार नहीं माना। सेशन कोर्ट का आदेश लागू कराने के लिए लोअर कोर्ट में भेजा गया। यहां पर भी दो साल तक सुनवाई चलती रही। यहां से उनको कब्जा देने के आदेश दिए गए हैं। करीब 400 मीटर का टुकड़ा किसान की जमीन में बना है।

yamuna court case

पहले चार, फिर आठ को हुई कार्रवाई

हरिपुर  खेड़ा निवासी  किसान कश्मीर सिंह ढिल्लो व उनके परिवार ने चार दिसंबर को कब्जा लेने की बात कही थी, लेकिन अधिकारियों ने उनसे आठ दिसंबर तक का समय मांगा। तय समय पर किसान जेसीबी लेकर पहुंचा, तो पहले कोई नहीं आया। उन्होंने रोड की खुदाई शुरू कर दी। इसका पता अधिकारियों को लगा, तो तुरंत सिटी थाना प्रभारी राजीव मिगलानी, यातायात निरीक्षक यादवेंद्र सिंह व पीडब्ल्यूडी से एसडीओ जसबीर सिंह पहुंचे। इस दौरान डीएसपी रणधीर सिंह भी पहुंचे और किसान से बात की।

दोनों तरफ खड़ी कर दी थी ट्रॉलियां

हाईवे पर जहां तक किसान की जमीन थी। वहां पर दोनों और ट्रॉलियां खड़ी कर दी गई। वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई। इस दौरान कश्मीर सिंह  ढिल्लो व उसके परिवार के लोग सड़क पर ही बैठे रहे। परिवार के बच्चे भी खुशी मना रहे थे। इसकी एक वीडियो भी वायरल हुई। जिसमें एक नवयुवक सड़क पर लेटा है और कह रहा है कि हाईवे पर हमने कब्जा ले लिया।

kashmeer

जनता को परेशान नहीं करना है – कश्‍मीर सिंह

किसान कश्मीर सिंह ढिल्लो का कहना है कि जनता को परेशान करना उनका मकसद नहीं है। जमीन उनकी है, कोर्ट ने उन्हें ऑर्डर दिया है। अब यदि सोमवार को भी हल नहीं निकला, तो वह कब्जा लेंगे। प्रशासन व विभाग अपना इंतजाम जल्द से करे।

सोमवार तक समय लिया है – एसडीओ जसबीर

एसडीओ जसबीर सिंह का कहना है कि अधिकारियों ने सोमवार तक का समय दिया है। किसान व अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें समझौते की बात की जाएगी। रोड के लिए 1600 स्क्वायर गज जगह की जरूरत है। किसान को मार्केट रेट के हिसाब से विभाग पैसा देने को तैयार है। यदि किसान मान जाता है, तो ठीक है, नहीं तो हमारी साइड में जगह पड़ी है। वहां पर रोड बनाया जाएगा, लेकिन इसमें समय लगेगा। फिलहाल किसान सोमवार तक मान गया है।

सीएम घोषणा कर चुके हैं हाईवे को चौड़ा करने की 

ध्यान रहे कि जिस हाईवे की किसान ने खुदाई की है,  इसी हाईवे को सीएम कैल से पंसारा तक 10 मीटर चौड़ा व शहर में फोरलेन बनाने की घोषणा कर चुके हैं। कुछ दिन पहले ही यह रोड एनएचआइ से पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर हुआ है। घोषणा के बाद अधिकारियों ने हाईवे को चौड़ा करने का काम भी शुरू कर दिया। शहर में काम भी चल रहा है। पेड़ों की कटाई भी की गई, मगर अधिकारियों ने जमीन का अधिग्रहण नहीं किया। किसान के पक्ष में आए फैसले को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया तो सीएम की घोषणा खटाई में पड़ सकती है।

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हरियाणा में नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने खोले अपने पत्ते, लिया महत्वपूर्ण फ़ैसला

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हरियाणा में नगर निगम चुनाव में कांग्रेस अपने सिंबल पर उम्मीद्वारों को नहीं उतारेगी। इसका ऐलान दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में हुआ। बैठक में हरियाणा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

हरियाणा के पांच नगर निगमों के चुनाव 16 दिसंबर को होने हैं। ऐसे में कांग्रेस की तरफ से चुनाव में उम्मीद्वारों को पार्टी निशान पर उतारने को लेकर कसमकश की स्थिति थी लेकिन अब यह साफ हो गई है।

कांग्रेस नेता पीसी चाको के नेतृत्व में हुई बैठक में हरियाणा में नगर निगम चुनाव में सिंबल पर चुनाव ना लड़ने का फैसला लिया गया है।

कांग्रेस की तरफ से दिल्ली में आयोजित इस बैठक में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, विधायक दल की नेता किरण चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा मौजूद रहे।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर चुनाव सिंबल पर लड़े जाने के पक्ष में थे, लेकिन दूसरे नेताओं के एतराज के बाद चुनाव सिंबल पर न लड़े जाने का निर्णय लिया गया।

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ग़ज़ब हरियाणा रोडवेज़ का अज़ब कमाल, बिन सरकार को बताए बढ़ा दिए किराए

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हरियाणा रोडवेज में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा। सरकार और कर्मचारियों की तनातनी से 18 दिन की हड़ताल का दर्द यात्री अभी भूले नहीं कि अचानक से बस किराये में वृद्धि की मार पड़ गई है। दीपावली के बाद से ही चंडीगढ़ से सात पड़ोसी राज्यों में जाने वाली रोडवेज बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। कमाल की बात है कि इस बारे में सरकार को इस बारे में पता नहीं है और अधिकारियों ने किराया बढ़ा दिया।  किराया बढ़ाने की सूचना न तो परिवहन सचिव को दी गई और न ही परिवहन मंत्री।

मीडिया में यह मुद्दा उठा तो ह‍रियाणा सरकार ने जांच बैठा दी है कि बिना कैबिनेट की मंजूरी के किराया किसने और कैसे बढ़ाया। इसके साथ ही परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार किराये में बढ़ोत्तरी पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करने की तैयारी में हैं। परिवहन मंत्री पंवार के मुताबिक बिना कैबिनेट की मंजूरी के किराया नहीं बढ़ाया जा सकता। यह बढ़ोतरी किस स्तर पर की गई है, इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

खास बात यह है कि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह को भी किराया बढ़ोतरी की जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना आला अफसरों और मंत्री की मंजूरी के चंडीगढ़ से दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर जाने वाली बसों का किराये में कैसे पांच से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई।

बताया जाता है कि पिछले दिनों पंजाब रोडवेज ने बसों के किराये में इजाफा किया था। पंजाब सरकार की अधिसूचना के आधार पर ही हरियाणा रोडवेज के अफसरों ने बिना प्रदेश सरकार को विश्वास में लिए अपनी बसाें के किराये भी बढ़ा दिए।

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