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पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जवान संदीप सिंह का शव पहुंचा घर, मां और पत्नी हुईं बेसुध

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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए जवान संदीप सिंह का शव आज सवेरे घर पहुंचा, जिसे देखकर मां और पत्नी बेसुध हो गईं। देखिए तस्वीरें।

संदीप सिंह का पार्थिव शरीर

हरियाणा के रोहतक जिले के महम कस्बे के गांव बलंभा का जवान संदीप (27) वीरवार सुबह जम्मू कश्मीर के पुलवामा के दलीपेरा इलाके में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड में शहीद हो गया। शहीद होने से पहले संदीप व उसके साथियों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। बाद में चली मुठभेड़ में वह जख्मी हो गया। कुछ समय बाद संदीप ने दम तोड़ दिया। संदीप की शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।

संदीप सिंह का पार्थिव शरीर

संदीप 2012 में सेना के अंदर बतौर कांस्टेबल भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग के बाद उसे 24 ग्रनेडियर में भेज दिया गया। पिछले दो साल से उसकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में थी।

शहीद संदीप। (फाइल)

संदीप के पिता सतबीर खेती बाड़ी का काम करते हैं। मां राजबाला गृहिणी हैं। संदीप तीन भाईयों में मंझला था। बड़ा भाई नवीन रोहतक व छोटा भाई राजू महम में गाड़ियों की खरीद फरोक्त का काम करता है।

शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे लोग।

संदीप की शादी 2 साल पहले कोट निवासी नीरू के साथ हुई थी। वह घर पर ही रहकर कामकाज करती है। दंपती को कोई संतान नहीं थी। बड़े भाई की भी शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटे वाला कुंवारा है।

संदीप सिंह का पार्थिव शरीर

संदीप अपने परिजनों से दूसरे तीसरे दिन फोन पर बात करता था। उसने बुधवार शाम 8 बजे अपनी पत्नी व छोटे भाई से बात की थी। पत्नी नीरू व भाई राजू ने बताया कि संदीप ने फोन पर सब कुशल मंगल होने की बात कही थी। कहा था कि जल्द ही छुट्टी पर आऊंगा। संभावना है कि उसे एक सप्ताह बाद छुट्टी मिल जाएगी। परिजनों ने बताया कि चार महीने पहले वह छुट्टी आया था। पिछले पंद्रह दिन से छुट्टी लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिल रही थी।

संदीप सिंह के परिजन

संदीप के ताऊ सुमेर सिंह 103 बीएन बीएसएफ में कमांडेंट थे। 2004 में रायसिंह नगर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वे शहीद हो गए थे।

शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस के अधिकारी।

गांव में उनकी याद में शहीद स्थल बनाया गया है। शहीद संदीप का दाह संस्कार भी उसके ताऊ के साथ पड़ी खाली जमीन पर करके वहां शहीद स्थल बनाया जाएगा।

शहीद को सलामी देते हुए पुलिस के जवान।

शोक में डूबे परिवार को सांत्वना देने के लिए भाजपा नेता शमशेर खरकड़ा सहित अन्य नेता बलंभा पहुंचे तथा उन्होंने दुख में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

संदीप सिंह के परिजन

शहीद के पार्थिव शरीर को गांव में लेकर आते हुए सेना के जवान।

शहीद संदीप के उसके बड़े भाई ने दी मुखाग्नि।

घर में विलाप करते हुए महिलाएं।

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