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पानीपत

पूरा पानीपत शहर कर रहा है मोहित के स्वस्थ होने की कामना, दुआओं का ज़रूर होगा असर…

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कोहंड फ्लाईओवर कार हादसे में घायल चौथे छात्र नूरवाला निवासी मोहित परोचा के पैरों ने शनिवार सुबह से हलचल करनी शुरू की। लेकिन छात्र अभी भी बेहोश ही है। परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें मोहित के ठीक होने में बहुत ही लंबे समय तक इंतजार करने को बोला है। साथ ही बताया कि मोहित ने शनिवार को कई बार पैरों की मूवमेंट की है।

उसके पैरो की मूवमेंट होने पर परिवार के लोग उससे बात करने की कोशिश करते है, लेकिन वो होश में ना होने की वजह रोते-बिखलते परिवार के लोगों की आवाज नहीं सुन पा रहा है। शुक्रवार, शनिवार को मोहित के सीटी स्कैन सहित अन्य कई तरह के टेस्ट किए गए है। जिनकी रिपोर्ट सोमवार को मिलेगी, जिसके आधार पर ही उसके स्वास्थ्य के बारे में कुछ स्पष्ट रूप से कहा जाएगा।

वहीं ग्राम पंचायत की पहल, घर-घर जाकर करेंगे अभिभावकों को करेगी जागरूक

गांव आसन कलां की ग्राम पंचायत गांव कोहंड के पास हुए हादसे के बाद 3 विद्यार्थियों की मौत से बहुत ही विचलित हुई है। गांव के सरपंच कृष्ण कुमार अनेजा ने बताया कि इस बारे में ग्राम पंचायत के विशेष रूप से अभियान चलाऐगी। गांव की समस्त पंचायत पढ़ी-लिखी होने के साथ युवा भी है। इसी कारण पूरी ग्राम पंचायत ने ये निर्णय लिया है कि वो खुद घर-घर जाकर अभिभावकों को समझाऐगी कि कोई भी ग्रामीण अपने छोटे बच्चों को वाहन न दें।

नाबालिग बच्चे जहां वाहन को तेज गति से चलाकर अपनी जान गंवा रहे है तो वहीं दूसरों की जान के लिए भी खतरा बने हुए है। सरपंच ने बताया कि उन्होंने इस बारे में आस-पास के आधा दर्जन के करीब सरपंचों से बात की है। सभी सरपंच इस मुहिम में अपनी सहयोग देने को तैयार है। गांव शोदापुर के सरपंच राजेश सैनी ने बताया कि ग्राम पचांयत गांव के प्रत्येक स्कूल व घरों में जाकर यह अभियान चलाने जा रही है।

जिले में हो रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए अभिभावकों सहित आमजन को जागरूक किया जा रहा है। रोड सेफ्टी वीक को एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया है। ताकि इससे ज्यादातर स्कूल के बच्चों से जुड़ा जाएगा। सभी को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक होना पड़ेगा। ताकि सड़क हादसों पर पूर्ण रूप से लगाम लग सके। सतीश वत्स, डीएसपी ट्रैफिक

तीनों की स्पॉट पर हुई दर्दनाक मौत

शाम 5 बजे निकले थे स्कूल से पुलिस के मुताबिक शाम करीब 5 बजे चारो छात्र स्कूल से निकल करनाल की तरफ गए थे। लौटते वक्त हादसे में नवीन, अंकुश और कपिल की मौके पर मौत हो गई।

क्रेन से कार तोड़ निकाली लाशें

क्रेन से कार तोड़ निकाले शव जांच अधिकारी एएसआई नरेश ने बताया कि दो युवक कार में फंसे थे। हाइड्रा क्रेन बुलाकर कार तोड़कर दोनों को बाहर निकाला, तब तक उनकी माैत हो गई थी।

माता-पिता की उम्मीदों के सितारे उन्हें गम के अंधेरे में डुबा गए 

जो बच्चे अपने माता-पिता की उम्मीदों के सितारे थे वे ही उन्हें गम के अंधेरे में डुबा गए हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। जिस ट्रक से हादसा हुआ है उस पर जम्मू एंड कश्मीर का नंबर है। राहगीरों ने बताया कि ट्रक खराब हो गया था। इसलिए चालक ने उसे सड़क किनारे खड़ा करके चला गया था। पुलिस का कहना है कि यह साफ नहीं हो सका है कि आखिर हादसे का क्या कारण है। कार अंकुश चला रहा था। हादसे के बाद कार का अगला हिस्सा करनाल की तरफ ही घूम गया था। कार का स्पीडोमीटर 155 पर जाम मिला।

सिटी, समालखा और चांदनी बाग थाने के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर सुरेश सैनी मीटिंग से पानीपत की ओर आ रहे थे। हादसा देखकर वह रुक गए। पानीपत नंबर की गाड़ी देखकर एसडीएम ऑफिस से मालिक का पता किया। पता चला कि कार मालिक सेक्टर 13/17 में रहते हैं। नाम और पता मिलने पर पुलिस को उनके घर पर भेजा। इंस्पेक्टर सुरेश सैनी अभी करनाल बिजली निगम की विजिलेंस में कार्यरत हैं।

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