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पूर्व सीएम हुड्‌डा को टक्कर देने की तमन्ना लिए साेनीपत पहुंचे राजकुमार सैनी, न टाइम से आए न थे कागज पूरे

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हरियाणा में लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया का मंगलवार को आखिरी दिन था। इसी बीच आज लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के अध्यक्ष राजकुमार सैनी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा की टक्कर में नामांकन भरने के लिए पहुंचे। अफसोस, सैनी को मायूस होकर लौटना पड़ा। पता चला है कि न तो सैनी समय से चुनाव अधिकारी के दफ्तर पहुंचे और न ही उनके कागजात पूरे थे।

यह है हरियाणा में लोसुपा-बसपा का समझौता

हाल ही में भारतीय जनता पार्टी से बाहर हो लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी बना चुके कुरुक्षेत्र के निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी ने बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर हरियाणा की कुल 10 लोकसभा सीटों पर चुनावी समझौता कर रखा है। इस समझौते के अनुसार प्रदेश में लोकसभा चुनाव में बसपा ने 8 जबकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। साथ ही विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी को 55 और बहुजन समाज पार्टी को 35 सीट देने पर भी आम सहमति बनी हुई है।

LSP chief Rajkumar Saini returned without filing Nomination for election

इसलिए बदला फैसला

हालांकि लोसुपा-बसपा गठबंधन की तरफ से पहले राजबाला को सोनीपत लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था। बाद में कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उम्मीदवार घाोषित किए जाने के चलते लोसुपा अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने फैसला बदल लिया। उन्होंने खुद हुड्‌डा को टक्कर देने की ठानी, जिसके चलते मंगलवार को वह नामांकन पत्र दर्ज करवाने के लिए सोनीपत पहुंचे। बीते दिनों सैनी खुले तौर पर यह ऐलान भी कर चुके हैं कि अगर भूपेंद्र हुड्‌डा सोनीपत से मैदान में उतरे तो वह खुद (राजकुमार सैनी) हुड्‌डा के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

…और आखिर तमन्ना दिल में ही लेकर लौट गए सैनी

मीडिया को मिली जानकारी के मुताबिक राजकुमार सैनी दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर सोनीपत जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे, जबकि नामांकन का वक्त सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है। दूसरा यह भी पता चला है कि राजकुमार सैनी के प्रॉपर्टी संबंधी और दूसरे कागजात पूरे नहीं थे। इसके चलते वह लगभग पौने घंटे तक निर्वाचन कार्यालय में रहे और आखिर नामांकन पत्र दाखिल किए बिना ही वापस लौट गए।

अब ये हैं जोड़-तोड़ और नाराजगी

हालांकि कोई खुलकर नहीं बोल रहा, लेकिन दबी जुबान में राजनैतिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि राजकुमार सैनी को सोनीपत से नामांकन करना ही नहीं था, वह तो सिर्फ दिखावा मात्र करने के लिए आए थे। देखना चाहते थे कि विरोधियों की क्या प्रतिक्रिया रहने वाली है। इसके अलावा सैनी के हालिया कदम से गठबंधन की तरफ से प्रत्याशी घोषित राजबाला भी नाराज बताई जा रही हैं। उनकी तरफ से सैनी का विरोध किए जाने की भी जानकारी मिल रही है।

Source bhaskar

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