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बाप-बेटों को एक साथ अंतिम विदाई, साथ जलीं 5 चिताएं, देखकर मां-बहनें बेसुध

Advertisement बाप और बेटों को एक साथ मौत आई, एक साथ अंतिम विदाई दी गई। पांच चिताएं एक साथ जलीं, मंजर देखकर मां बहनें बेसुध हो गई। Advertisement हिसार हादसे में मारे गए फतेहाबाद के काठमंडी निवासी एक ही परिवार के पांच सदस्यों को बुधवार शाम को ही अंतिम विदाई दे दी गई। मृतकों के […]

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बाप और बेटों को एक साथ मौत आई, एक साथ अंतिम विदाई दी गई। पांच चिताएं एक साथ जलीं, मंजर देखकर मां बहनें बेसुध हो गई।

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हिसार हादसे में मारे गए फतेहाबाद के काठमंडी निवासी एक ही परिवार के पांच सदस्यों को बुधवार शाम को ही अंतिम विदाई दे दी गई। मृतकों के शव पहले पांच मिनट के लिए काठमंडी स्थित निवास पर ले जाए गए और इसके बाद एंबुलैंस से सीधा शिवपुरी पहुंचे तो वहां मौजूद परिवार में हाहाकार मच गया। परिजनों की करूण क्रंदन की चीत्कार दूर दूर तक सुनाई दे रहा था। हाल ऐसा था कि संभालने वाले भी रो दिए।

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मृतकों में शामिल अपने पिता ओमप्रकाश, भाइयों राधेश्याम और प्रवीण के पार्थिव शरीर को तीसरे बेटे रवि ने मुखाग्रि दी। उनके अलावा उसके चचेरे भाई नवीन ने अपने पिता रघुबीर और दोस्त विकास की चिता को मुखाग्रि दी। इस दौरान श्रीश्याम मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने ही नवीन और रवि को अंतिम क्रियाएं पूरी करवाई। एक साथ पांच चिताओं के देखकर शिवपुरी में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति द्रवित हो उठा।

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बता दें कि हादसा हरियाणा के हिसार में हाइवे पर हुआ। सिरसा के पास दुर्जनपुर चौक पर होंडा सिटी और रोडवेज की बस में आमने-सामने की टक्कर हो गई। मरने वाले पांचों लोग फतेहाबाद के काठमंडी के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान (19) विकास पुत्र पप्पू, (30)प्रवीण पुत्र ओम प्रकाश, (25)राधे श्याम पुत्र ओम प्रकाश, (45)रघुवीर पुत्र बंशीलाल, (55)ओमप्रकाश पुत्र बंशीलाल लाल के रूप में हुई।

दो भाई और पिता गंवाने वाले रवि के नहीं थमे आंसू

शवों का पोस्टमार्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में किया गया। हादसे में शांति नगर निवासी पुष्पा देवी, अनिल मिश्रा, बहलपुर निवासी शिशपाल, जवाहर नगर निवासी रामकुमार, शिव नगर निवासी विघा देवी तथा उसका पति नानक चंद्र आदि घायल हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले कार चालक विकास के बड़े भाई विक्रम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दो भाई और पिता खो चुके ओमप्रकाश के तीसरे बेटे रवि को लोग संभाल रहे थे।

पिता को बचाने के लिए निकले थे

जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर मृतक ओमप्रकाश को अचानक हरे-नीले रंग की उलटी हुई और उसकी तबियत बिगड़ने लगी। पिता की तबियत बिगड़ते देखकर प्रवीण और राधेश्याम ने घर से बाहर निकलकर पड़ोसी विकास को मदद के लिए बुलाया और सभी कार से पहले ओमप्रकाश को शहर के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से जवाब मिलने के बाद वो पहले अग्रोहा के रास्ते हिसार के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही हादसे का शिकार हो गए।

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