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पानीपत

वाह रे राजनीति -अपनी ही सरकार को कोसते थे सरदार, उन्‍हीं की बेटी ने भाजपा से भरा मेयर का पर्चा

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काम न होने पर अपनी ही भाजपा सरकार को कोसने वाले पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह पर भाजपा ने विश्‍वास जताया। उनकी बेटी अवनीत कौर को पानीपत नगर निगम से भाजपा का प्रत्‍याशी घोषित कर दिया। बुधवार को शक्ति प्रदर्शन करते हुए अवनीत कौर ने नामांकन दाखिल किया। इस दौरान निकाय मंत्री कविता जैन और परिवहन मंत्री कृष्‍णलाल पंवार भी पहुंचे। शहर की विधायक रोहिता रेवड़ी दोपहर ढाई बजे लघु सचिवालय पहुंचीं।

इधर, महिला मोर्चा ने जिलाध्यक्ष को घेरा, बिल्डिंग से कूदने की धमकी 

वार्ड उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भाजपा महिला मोर्चा की सदस्य विरोध में उतर आईं। आक्रोशित महिलाओं ने मोर्च की जिला प्रधान, प्रदेशाध्यक्ष और भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रमोद विज को घेर लिया। आक्रोश इस हद तक था कि बिल्डिंग से कूद जान देने की धमकी दे डाली। बैठक के दौरान कई के आंसू निकल जाए। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में जमकर भड़ास निकाली। दो महिलाओं ने जिला प्रधान को उनके वाट्सएप पर इस्तीफा भेज दिया।

पहुंच गए प्रमोद विज 

भाजपा महिला मोर्चा की आपातकालीन बैठक मंगलवार को मोर्चा की जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के सेक्टर-11 स्थित कार्यालय में हुई। इसमें प्रदेशाध्यक्ष निर्मला बैरागी पहुंची। कार्यकर्ताओं ने निगम चुनाव के टिकट वितरण में दरकिनार करने पर सामूहिक रूप से इस्तीफे देने की धमकी दी। इसकी जानकारी मिलते ही भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रमोद विज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने उन्हें भी नहीं बख्शा। कहा कि महिला आरक्षित वार्डों में भी उनको टिकट नहीं दिया।  जिलाध्यक्ष प्रमोद विज और मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला बैरागी ने कई कार्यकर्ताओं को बाकी बचे वार्डों में नाम भेजने का आश्वासन देकर शांत किया।

यूं निकाली भड़ास

जिला सचिव निशा बंसल ने कहा कि विधायक के कहने पर वार्ड-14 से आवेदन किया था। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अभी वार्ड-10 की टिकट तय नहीं की है। वे आलाकमान के सामने उनकी बात रखेंगे। किशनपुरा मंडल अध्यक्ष मीनू शर्मा ने कहा कि वार्ड-15 से आवेदन किया था। चार वर्ष से सक्रिय राजनीति में भाग ले रही हैं। वह पार्टी के पैरामीटर पर खरी उतरती हैं, लेकिन पार्टी की एबीसीडी तक न जानने वालों को उम्मीदवार बना दिया। वह स्वतंत्र चुनाव लडऩे पर विचार करेंगी। महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष मोना शर्मा और सोनिया गाबा ने भी रोष जताया।

 

जैसी राजनीति सिखाई, वैसी ही निभाएंगे

गीता गाबा ने कहा कि वह वार्ड-तीन से मजबूत दावेदार थीं, लेकिन पार्टी एक ही परिवार को लेकर चल रही है। पार्टी ने उनको ऐसा कर राजनीति सिखा दी है। वे निगम चुनाव से सीख लेकर काम करेंगी। नतीजे 19 दिसंबर को सबके सामने होंगे। इंदु कुकरेजा व रेखा वर्मा ने भी नाराजगी जताई।

सिर्फ रैलियों में भीड़ के लिए नहीं हैं हम

महिला मोर्चा की पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी की रैली और सम्मेलन सफल बनाने में उनको जिम्मेदारी दी जाती थी। अब टिकट देने के वक्त पार्टी पीछे हट गई। कहा कि महिलाएं रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए नहीं हैं।

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पानीपत

इस लड़ाई में पानीपत ने चीनी मशीनरी को फिर दी मात, छीन ली बादशाहत

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सोफा फैब्रिक्स इंडस्ट्री में पानीपत ने ड्रैगन (चीन) की बादशाहत को खत्म कर दिया है। पिछले तीन चार सालों से बाजार पर चीन का कब्जा था। वहां से आने वाले सस्ते और डिजायनर कपड़े की चमक को कम करने के लिए पानीपत के उद्यमियों ने दिन-रात एक कर दिया। दो वर्षों के भीतर यहां चीन से ही मशीनरी लाकर 50 से आधिक प्रोसेस हाउस लगाए गए और देखते ही देखते पानीपत में यह कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक के जादुई आंकड़े को पार कर गया।

शहर में इस समय सोफा फैब्रिक्स निर्माण की 600 यूनिटें हैं। पहले यहां कॉटन का कपड़ा बनता था। धीरे-धीरे चीनी से आने वाले प्रिंटेड और डिजायनर पॉलिस्टर के कपड़ों ने शहर के बाजार पर कब्जा कर लिया। यहां के उद्योग-धंधे चौपट होने लगे। ऐसे में प्रतिद्वंद्वी चीन को टक्कर देने के लिए उद्यमियों ने कमर कसी।

रंग लाई मेहनत

चीनी मशीनरी लाकर यहां शटल लेस जेकॉर्ड पर सिंथेटिक का फैब्रिक बनाना शुरू किया। यह मेहनत रंग लाई और आज पानीपत ने डै्रगन की बादशाहत छीनकर अपना अधिकार फिर से हासिल कर लिया। अब अफ्रीकी देशों में भी यहां से सोफा कवर का निर्यात होने लगा है।

दो साल से कारोबार चौपट हो गया था

उद्यमी जोगेंदर खुराना बताते हैं कि दो साल यहां का कारोबार चौपट हो गया था। अब हम चीन को पछाड़ चुके हैं। मीडियम क्वालिटी रेंज का सोफा फैब्रिक्स सबसे अधिक पानीपत में बनने लगा है। कश्मीर से लेकर केरल तक यहां से कपड़ा निर्यात किया जा रहा है।

दोगुना हो सकता है निर्यात 

मुकेश फर्निसिंग मुकेश नारंग का कहना है कि सरकार यदि इस उद्योग की समस्याओं का निवारण करे तो निर्यात दोगुना हो सकता है। प्रदेश सरकार को उद्योगों की बिजली, प्रदूषण संबंधी समस्याओं को दूर करना चाहिए। इससे यहां हैवी क्वालिटी रेंज के फैब्रिक्स का निर्माण भी आसान होगा और निर्यात भी बढ़ेगा। फिलहाल, हैवी रेंज क्वालिटी सोफा फैब्रिक्स मुंबई से मंगाया जाता है।

जीएसटी, ड्यूटी बढऩे से राहत

इस इंडस्ट्री को जीएसटी और इंपोर्ट ड्यूटी बढऩे से भी राहत मिली है। आयात ड्यूटी के बढऩे से चीन से आने वाला माल अब महंगा हो गया है। जीएसटी लागू होने से उद्यमियों को इनपुट का लाभ मिल रहा है। इनपुट टैक्स के कारण इसका उत्पादन सस्ता हुआ है।  

मिंक कंबल में भी चीन को पीछे छोड़ा

पानीपत का मिंक कंबल विश्व बाजार में चीन के मिंक कंबल को चुनौती दे चुका है। पानीपत में मिंक कंबल का उत्पादन गोल्डन कंपनी ही कर रही थी। कोरिया और ताइवान से आधुनिकतम तकनीक वाली मशीनें मंगाकर यहां के उद्योगपतियों ने मिंक कंबल का उत्पादन शुरू किया और चीन को काफी पीछे छोड़ दिया।

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करनाल

हरियाणा में अबकी बार ज्यादा धुंध के आसार, अगले 60 दिन रहें सावधान

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प्रदेश में अगले 60 दिनों तक धुंध का छाए रहने की संभावना है। दिसंबर-जनवरी में धुंध अधिक रहती है, कई बार यह 15 फरवरी तक असर दिखाती है। अबकी बार ज्यादा बरसात हुई है तो धुंध का असर लंबे समय तक रह सकता है। हरियाणा पुलिस ने यातायात एडवाइजरी जारी कर सावधानी बरतने को कहा है। डीजीपी ने कहा कि सभी मौसम को ध्यान में रखकर यात्रा करें। मौसम विभाग ने भी कहा कि अगले दो से तीन दिनों में धुंध का बढ़ सकती है। अबकी बार जमीन में नमी खूब है, इससे भी धुंध लंबी चल सकती है।

 

ट्रक-टेंपो व ट्रैक्टर से होते हैं अधिक हादसे : प्रदेश के हाइवे पर ट्रक-टेंपो व ट्रैक्टर से सबसे अधिक 35.38 फीसदी हादसे होते हैं, इससे 37.42 फीसदी डेथ होती हैं। कार-जीप व टैक्सी से 31.60 फीसदी हादसे होते हैं और 35.46 फीसदी डेथ होती है। दो पहिया वाहन से 16.38 हादसे व 11.80 फीसदी डेथ, ऑटो रिक्शा से 5.25 फीसदी हादसे व 3.90 फीसदी डेथ होती हैं। बसों से 5.95 फीसदी हादसे व 6.30 फीसदी डेथ, अन्य से 5.44 फीसदी हादसे व 5.12 फीसदी डेथ हो जाती हैं।

तेज गति से होते हैं 20 % हादसेः हरियाणा में तेज गति के कारण 20.86 फीसदी सड़क हादसे हो रहे हैं। इसका कुल डेथ में 22.15 फीसदी हिस्सा है। शराब पीकर 4.70 फीसदी हादसे होते हैं और 3.28 फीसदी डेथ प्रतिशत है। ओवर लोडिंग के कारण 17.01 फीसदी हादसे और 17.47 फीसदी डेथ प्रतिशत है। अन्य हादसों में 57.43 फीसदी कारण हैं और इनमें 57.10 फीसदी डेथ औसत है। करीब 5000 व्यक्ति हर साल सड़क हादसों में जान गवां देते हैं । इनमें 17 साल तक के 5.26 फीसदी, 17 से 44 साल के 59.05 फीसदी व 45 साल से अधिक के 35.69 फीसदी लोगों की मौत हो रही है। 17 से 44 साल के लोग सबसे अधिक मर रहे हैं, इनका डेथ औसत करीब 50 फीसदी है।

 

शाम 6 बजे होते हैं 29.82 % हादसेः हरियाणा में नेशनल हाइवे पर सबसे अधिक 31.78 फीसदी हादसे होते हैं, जबकि स्टेट हाइवे पर 25.69, एक्सप्रेस हाइवे पर 2.19 फीसदी हादसे होते हैं। अन्य सड़कों पर 40.34 फीसदी हादसे होते हैं। सुबह 6 से 12 बजे तक 24.77, दोपहर 12 से शाम छह बजे तक 29.82, शाम छह से रात 12 बजे तक 29.50 व रात 12 से सुबह 6 बजे तक 15.08 फीसदी हादसे हो रहे हैं।

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पानीपत

शहरी सरकार चलाने को मैदान में उतरीं 200 घरेलू महिलाएं

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शहरी सरकार की सियासत में घर की सरकार चलाने वाली महिलाओं ने कदम रखा है। वे घर का मैनेजमेंट चलाते-चलाते अब शहर की सरकार चलाने में अहम रोल अदा करना चाहती हैं। इस बार प्रदेश में पांच नगर निगम और दो नगर पालिकाओं के हो रहे चुनावों में उतरे कुल 816 उम्मीदवारों में 389 महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से 200 गृहिणी हैं। 12 महिलाएं स्कूल टीचर और 7 खेती-बाड़ी और मजदूरी भी कर रही हैं। इसके अलावा कुछ महिलाएं बिजनेस कर रही हैं।

शहर प्रमुख बनने की दौड़ में 33 महिलाओं में 15 हाउस वाइफ : 5 शहर प्रमुख बनने के लिए 33 महिलाओं ने नामांकन किया है। इनमें 15 हाउस वाइफ हैं। सबसे ज्यादा करनाल में 5 हाउस वाइफ हैं। यहां कुल 11 महिलाओं ने नामांकन किया है। पानीपत में 12 में 4, हिसार में 4 में से 3, यमुनानगर में 4 में से 3 हाउस वाइफ हैं।

 

रोहतक में दो महिलाओं ने शहर प्रमुख के लिए नामांकन किया, लेकिन इनमें हाउस वाइफ एक भी नहीं है। वे कोई न कोई दूसरा काम कर रही हैं। पांच नगर निगमों में हिसार में 43 महिलाएं चुनावी मैदान में हैं। इनमें 37 ऐसी महिलाएं हैं, जो अब घर तक सीमित रही हैं। यमुनानगर में 72 में 37, रोहतक में 71 में 31, पानीपत में 57 में 27 और करनाल में 44 महिलाओं में से 14 हाउस वाइफ हैं।

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