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पानीपत

भुपेंद्र सिंह ने पानीपत के इतिहास में सबसे बड़े फ़र्ज़ीवाड़े का किया ख़ुलासा.. शहर की राजनीति में भूचाल

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अपनी जान-पहचान की एजेंसी को 60 लाख रुपए का फायदा पहुंचाने के लिए निगम अफसरों ने 1.98 करोड़ के टेंडर जारी करने में हेराफेरी की। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने कुछ कागजों के आधार पर भ्रष्टाचार उजागर करते हुए कहा कि जो टेंडर 21 फरवरी को साइट पर अपलोड होने चाहिए, वह दो दिन तक हुआ ही नहीं। पूर्व मेयर ने कहा कि वार्ड-5 की विजय नगर में एक रोड और नाला बनाने के लिए निगम अफसरों ने 1.98 करोड़ के जो टेंडर निकाले, उसे 7 मार्च को बंद होना था, लेकिन अफसरों ने 23 फरवरी को शाम 5 बजे इसे साइट पर अपलोड किया, लेकिन उससे 2 मिनट पहले ही टेंडर भरने की प्रक्रिया बंद कर दी।

इस तरह से जो सामान्य ठेका 10 फीसदी माइनस पर छूटता है, वह 1.98 करोड़ का ठेका 21 प्रतिशत प्लस पर शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को जारी हो गया। इस तरह से 31 फीसदी की हेराफेरी करते हुए 2 करोड़ के ठेके में 60 लाख से ज्यादा का बजट बढ़वा दिया। पूर्व मेयर ने कहा कि जब हमारे संज्ञान में यह मामला आया तो कमिश्नर से इसकी शिकायत की।

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कमिश्नर ने वर्क ऑर्डर रद करते हुए डीसी रेट पर काम करने वाले एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भ्रष्टाचार में निगम के जेई से लेकर कमिश्नर तक शामिल हैं। डीसी रेट के कर्मचारी पर कार्रवाई करके केस बंद करने की साजिश रची गई। यहां तक कि ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड तक नहीं किया गया।

पूर्व मेयर ने शहर की विधायक रोहिता रेवड़ी का वह पर्चा भी दिखाया। जिसमें विधायक ने लिखा है कि शहर के किसी कामकाज में भ्रष्टाचार दिख रहा हो तो उनके पास शिकायत करें। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ईमानदारी के पर्चे बांटने वाली शहर की विधायक अफसरों पर कार्रवाई करें। तब समझूंगा कि ईमानदारी की बात करने वालीं विधायक काम भी ईमानदारी से करती हैं।

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