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मांगलिक दोष दूर करने के बहाने 4 साल तक किया रेप, शादी हुई तो खुला चौंकाने वाला राज

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रोहिणी जिले के नरेला इलाके में रिश्तों को दागदार करने वाला मामला सामने आया है। मांगलिक दोष दूर करने का झांसा देकर भतीजी का चार साल से यौन शोषण करने वाले 60 वर्षीय आरोपी फूफा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़िता ने दिल्ली महिला आयोग में शिकायत की, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।

पुलिस  के अनुसार 23 वर्षीय रेखा (बदला हुआ नाम) अपने परिवार के साथ नरेला में रहती है। एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी और पति बाहर काम करता है। पीड़िता फिलहाल पांच माह की गर्भवती है।

फूफा द्वारा दुष्कर्म किए करने की जानकारी उसने अपने ससुर को बताई। ससुर के कहने पर उसने दिल्ली महिला आयोग में सूचना दी। इसके बाद आयोग ने 13 सितंबर दिल्ली पुलिस को सूचना दी। आरोपी फूफा की पहचान इलाहाबाद (यूपी) निवासी व्यक्ति के रूप में हुई।

फूफा ने उसके परिवार को भरोसा दिलाया कि मांगलिक दोष है

पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि लगभग चार साल पहले फूफा ने उसके परिवार को भरोसा दिलाया कि उसकी कुंडली में मांगलिक दोष है। दोष दूर करने के लिए उसने खुद को तांत्रिक बताते हुए अकेले ही कमरे में तंत्र क्रिया करने की बात कही।

लेकिन उसने किसी तरह बहला फुसला कर रेखा को कमरे में बुला लिया और उसके साथ दुराचार किया। पीड़िता को धमकी दी कि उसने यह बात किसी को बताई तो उसका परिवार बर्बाद हो जाएगा।

पीड़िता अपने माता-पिता को इस घटना के बारे में नहीं बता पाई और उसकी शादी भी हो गई। लेकिन आरोपी शादी के बाद भी किसी बहाने से मायके बुलाकर उससे दुष्कर्म करता रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी तांत्रिक नहीं है। वह लंबे समय से पीड़िता के घर आ रहा था।

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विशेष

सीसीटीवी में क़ैद हुआ चार शातिर चोरनीयों का अन्दाज़, 92 सेकेंड में साफ कर दिए 42.8 लाख

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चार महिलाओं ने बेहद शातिर अंदाज में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। लाखों का काम उन्होंने मिनटों में कर दिया। उनकी इस वारदात से सभी हैरान हैं। मामला हरियाणा के महेंद्रगढ़ का है। चार शातिर महिला चोरों ने मंगलवार को सराफा बाजार स्थित श्रीकृष्ण ज्वेलर्स से करीब 1317 ग्राम (131.7 तोले) सोने के जेवर चोरी करके ले गई। जेवर चोरी की वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है।पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। वहीं, सराफा बाजार के अन्य ज्वेलरों ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर बाजार बंद कर दिया और परशुराम चौक पर धरना देकर नारेबाजी की।

संजीव कुमार ने बताया कि उसकी सराफा बाजार में श्रीकृष्ण ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। मंगलवार सुबह करीब साढे़ 11 बजे चार महिलाएं दुकान पर आई। महिलाओं के साथ पांच-छह साल का एक बच्चा भी था। एक महिला ने पैरों में पहनने के लिए चुटकी मांगी। इसके बाद महिलाएं चली गई। संजीव कुमार ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे एक अन्य ग्राहक दुकान पर आया और सोने की अंगूठी मांगी।

विरोध में बंद सराफा मार्केट

विरोध में बंद सराफा मार्केट
वह गहनों वाला डिब्बा ढूंढने लगा तो दुकान में डिब्बा नहीं मिला। इसके बाद उसने सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। फुटेज में देखा कि सुबह साढ़े 11 बजे जो चार महिलाएं आई थी, उनमें से एक महिला जेवरों के डिब्बे को पॉलिथीन में डालकर ले गई। संजीव कुमार ने बताया कि उक्त डिब्बे में करीब 1317 ग्राम सोना था। वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया।

वहीं, वारदात के बाद मौके पर एकत्र हुए दुकानदारों ने रोष जाहिर किया। दुकानदारों ने स्वर्णकार संघ के प्रधान लक्खी सोनी के नेतृत्व में बाजार को बंद कर परशुराम चौक पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सामान बरामदगी की मांग रखी। डीएसपी सतेंद्र कुमार धरना खत्म कराने के लिए मौके पर पहुंचे। दुकानदारों ने कहा कि जब तक एसपी विनोद कुमार मौके पर आकर भरोसा नहीं दिलाएंगे। तब तक धरना जारी रखेंगे। प्रधान ने बताया कि मंगलवार को सोने के जेवर का भाव 32500 रुपये प्रति तोला था।

ढाई घंटे बाद मिली जानकारी
महिलाओं के जाने के बाद दुकानदार संजीव को दुकान में चोरी होने का अहसास नहीं हुआ। करीब दो बजे जब किसी दूसरे ग्राहक ने सोने की अंगूठी मांगी तो संजीव ने तिजोरी के पास डिब्बा खंगाला। वहां डिब्बा नहीं मिला तो तिजोरी को देखा। दुकान में रखी दोनों तिजोरियों में डिब्बा नहीं मिला तो उसे चोरी का अंदेशा हुआ और फिर सीसीटीवी फुटेज खंगाली।

चोरी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। पांच टीम अलग-अलग एरिया में भेजी गई हैं। सीसीटीवी फुटेज से में दिखाई दे रही महिलाओं की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। – सतेंद्र कुमार, डीएसपी, महेंद्रगढ़।

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देशभर की सैर कर चुका है। ये है एक भैंसा, जिसकी कीमत लग चुकी है दस करोड़।

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क्‍या आप यकीन करेंगे कि एक भैंसा एक वर्ष में 70 लाख रुपये कमाकर दे सकता है। उसकी कीमत है दस करोड़। विश्‍वास नहीं होता तो हरियाणा के मुर्राह नस्‍ल के भैंसे के बारे में पढ़ लीजिए। इसका मालिक इसे बेचने को तैयार ही नहीं है। जानिये, कैसे कमाकर देता है।

कुरुक्षेत्र के बाबैन के गांव सुनारियां में मुर्राह नस्ल का भैंसा युवराज पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। यह युवराज अपने मालिक कर्मवीर सिंह को सीमन से प्रतिवर्ष करीब 70 लाख रुपये का कमा कर भी देता है। इस 10 वर्षीय युवराज की कीमत साउथ अफ्रीका के विशेषज्ञों ने दस करोड़ रुपये लगाई है। कर्मवीर का कहना है कि यह कीमत कोई मायने नहीं रखती है, उनके लिए युवराज बेशकीमती है और हमेशा इसे अपने बच्चों की तरह साथ रखेंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पशु मेले में बेस्ट एनिमल ऑफ शो के चुने जाने पर युवराज की प्रशंसा की है।

29 बार अवार्ड मिला 

इस युवराज की कद काठी और गुणों को देखकर 29 बार पशु मेलों में आल इंडिया बेस्ट एनिमल ऑफ शो जैसे कई खिताबों से नवाजा जा चुका है। युवराज का ढाई वर्ष का कटड़ा चांदवीर भी साल बार ऑल इंडिया लेवल पर चैंपियन बन चुका है।

यह है खुराक, 20 लीटर दूध रोज पीता है 

गांव सुनारियां निवासी पशुपालक कर्मवीर सिंह ने कहा कि शौक-शौक में पशुपालन व्यवसाय बन जाएगा, यह कभी सपने में भी नहीं सोचा था। सबसे पहले मुर्राह नस्ल के भैंसे योगराज और भैंस गंगा को पाला और इनसे युवराज का जन्म हुआ। इस मुर्राह नस्ल के भैंसे युवराज ने उसका जीवन ही बदल कर रख दिया। इस युवराज को बच्चों की तरह पाला और बड़ा किया। इस युवराज को रोजाना 20 लीटर दूध, 5 किलो फल, 5 किलो दाना और चारा, तूड़ी की खुराक दी जा रही है। युवराज के पालन-पोषण पर करीब एक लाख रुपये प्रतिमाह का खर्चा किया जा रहा है और उनके पास मुर्राह नस्ल के करीब 40 पशु हैं, जिनका प्रतिमाह कुल खर्च करीब 8 लाख रुपये है।

तीन लोगों को रखा देखभाल के लिए

कर्मवीर के अनुसार युवराज की देखभाल के लिए तीन लोगों को रखा गया है और प्रतिदिन सुबह युवराज को 5 से 6 किलोमीटर की सैर करवाई जाती है। दिन में 4 बार नहलाया जाता है। इसकी कद काठी और नस्ल को देखकर 29 बार चैंपियन और आल इंडिया बेस्ट एनिमल ऑफ का अवार्ड दिया जा चुका है। सरकार की योजना का पूरा फायदा मिल रहा है और इससे पशुपालन व्यवसाय करने को बढ़ावा भी मिल रहा है। यह युवराज बिहार, दिल्ली, चित्रकूट, जयपुर, कोटा, उदयपुर, कौलापुर, पंजाब, हिमाचल सहित पूरे भारत का भ्रमण कर चुका है। कई देशों के विशेषज्ञ और पशुपालक गांव सुनारियों में आकर युवराज के बारे में पूछताछ कर चुके हैं।

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14 साल बाद बदला फैसला, इनेलो सरकार बनने तक दाड़ी नहीं कटवाने का लिया था प्रण,

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गांव मिर्चपुर के राजपाल डेविड जो पिछले 25 साल से इनेलो के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने 14 साल पहले प्रण लिया था कि जब तक पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला दोबारा प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बनते तब तक वो अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। मगर अब ओमप्रकाश चौटाला द्वारा इनेलो से दुष्‍यंत और दिग्विजय चौटाला का निष्‍कासन किए जाने के बाद वो दुखी हैं। ऐसे में डेविट ने भी अपना प्रण तोड़कर दुष्यंत चौटाला का साथ देने के लिए इनेलो को अलविदा कह दिया। अब उन्होंने यही प्रण दुष्यंत के लिए लिया है। डेविड ने कहा कि देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल की नीतियों में विश्वास रखने वाले आज भी हजारों ऐसे भगत हैं जो उनकी पार्टी में आस्था रखते हैं।

14 साल पहले ली थी कसम 

मिर्चपुर गांव के राजपाल डेविड भी बचपन से ही इनेलो में आस्था रखते थे और 14 साल पहले उन्होंने गांव में कसम ली थी कि वो तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे जब तक प्रदेश इनेलो की सरकार नहीं बन जाती। गोहाना रैली के बाद इनेलो परिवार में आपसी फूट के कारण आज उनकी लड़ाई सड़कों पर आ गई है। सांसद दुष्यंत चौटाला के पार्टी से निष्कासन के बाद उनके समर्थन में अनेक नेता और कार्यकर्ता खुलेआम आ गए हैं। मिर्चपुर के राजपाल डेविड इनेलो को अलविदा कहकर सांसद दुष्यंत चौटाला के समर्थन में उतर गए हैं।

अब दुष्‍यंत के लिए होगा प्रण 
डेविट ने घोषणा कर दी है कि जो शर्त पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के लिए ली थी, अब वही कसम दुष्यंत चौटाला के लिए होगी। जब तक वे प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बनते तब तक डेविड अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। वाल पेंटिंग से इनेलो की नीतियां लोगों तक पहुंचाते हैं मिर्चपुर निवासी राजपाल डेविड एक गरीब किसान हैं और काफी सालों से इनेलो के लिए प्रचार कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में वो हर वर्ष वाल पेंटिंग करवाकर इनेलो की नीतियों को लोगों तक पहुंचाते हैं।

ओपी चौटाला का फैसला जनता की आवाज नहीं
डेविड राजपाल डेविड ने कहा कि वो इनेलो के प्रति पूरी तरह समर्पित थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने जो फैसला लिया है वो जनता की आवाज नहीं है। सांसद दुष्यंत चौटाला को इनेलो से निकाल दिया गया तो मैंने भी इनेलो को अलविदा कह दिया।

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