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यहां खुदाई में मिले शिवलिंग, नंदी और मंदिर के अवशेष, 500 साल पुराने होने का अनुमान

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करनाल के घरौंडा कस्बे के गांव फरीदपुर के पास रेत की खदान से ऐतिहासिक मूर्तियां मिली हैं। इसमें शिवलिंग, नदी और मंदिर के अवशेष हैं। शिवलिंग मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मूर्ति को निगरानी में ले लिया। लोगों ने गांव में ही मंदिर के लिए जगह दे दी और पूजन पाठ भी शुरू कर दिया है। वहीं सूचना के बाद पुरातत्व विभाग से कोई अधिकारी पहुंचे।

देर रात फरीदपुर गांव के पास रेत की खदान में पोकलेन से खोदाई चल रही थी। चालक को रेत में पत्थर दिखाई दिया। रेत हटाया तो शिवलिंग था। गांव के लोगों को इसकी सूचना मिल गई। गांव के लोग शिवलिंग और नंदी की मूर्ति को यमुना नदी ले गए और स्नान के बाद गांव ले आए। अनुमान है कि शिवलिंग , नंदी और मंदिर के अवशेष पांच सौ साल पुराने हैं।

ांतदंस

30 फीट की गहराई से मिली मूर्ति 

यमुना से सटे गांव में खदान में 30 फीट तक खुदाई हो रही थी। तभी 30 फीट में शिवलिंग, नंदी और मंदिर के अवशेष मिले। कुछ लोग इसे नौ सौ साल पुराने भी मान रहे हैं।

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ग्रामीणों के पास है ऐतिहासिक मूर्ति

मूर्ति मिलते ही ग्रामीण इसे यमुना स्नान कराने ले गए। इसके बाद गांव में ले आए। अब गांव के बीच में ही मंदिर के लिए जगह भी दे दी गई है। सुबह से ही लोगों का यहां जमावड़ा लगा है। कीर्तन और भजन का दौर शुरू है। वहीं पुलिसकर्मी उसकी निगरानी के लिए मौजूद है। वहीं डीसी को भी मूर्ति मिलने की जानकारी दे दी गई है। पुरातत्व विभाग को भी इसकी सूचना दे दी गई।

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ये मिला खुदाई में

खदान से शिवलिंग और नंदी की मूर्ति के अलावा दो बड़े स्तंभ मिले हैं। शिवलिंग हल्के गुलाबी रंग का है, जबकि नंदी की मूर्ति स्लेटी रंग के पत्थर की है। एक स्तंभ करीब एक फिट चौड़ा व चार फिट लंबा है,

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जबकि इतने ही साइज का दूसरा स्तम्भ दो हिस्सों में टूटा है। दोनों स्तम्भ हल्के बदामी रंग के पत्थर के है। इनमे से एक स्तम्भ के ऊपर देवी की प्रतिमा के दोनों तरफ गणों व शेर की प्रतिमा है।

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इसकेे अलावा पुरातत्‍व विभाग ने मुआयना किया तो ईंट और उनमें बनें चित्र भी मिले हैं।