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ये है देश का सबसे अनोखा गांव, यहां पैदा होने वाला हर बच्चा बनता है मंत्री या जज

Haryana: आज हम आपको देश के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें पैदा होने वाला हर बच्चा या तो मंत्री बनता है या फिर जज बनता है। इस गांव का नाम बूढ़पुर है जो रेवाड़ी जिले में आता है। Village bhudpur Rewari of Haryana. बूढ़पुर गांव की प्रसिद्धि ऐसी है […]

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Haryana: आज हम आपको देश के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें पैदा होने वाला हर बच्चा या तो मंत्री बनता है या फिर जज बनता है। इस गांव का नाम बूढ़पुर है जो रेवाड़ी जिले में आता है। Village bhudpur Rewari of Haryana. बूढ़पुर गांव की प्रसिद्धि ऐसी है कि इसे आसपास के सभी लोग जानते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की इस गांव में करीब 1700 वोटर हैं और इस छोटे से गांव से चार लोग विधायक हैं।

शिक्षित हैं गांव के सभी लोग

बूढ़पुर गांव का हर व्यक्ति पढ़ा लिखा है। यही वजह है कि इस गाँव कि गिनती शिक्षित गाँवों में होती है। इस गांव में एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल साल 1968 से चल रहा है जिसमें दूर-दूर से लोग पढ़ने आते हैं। गांव की सबसे बड़ी खास बात ये है कि यहां बेटियों की शिक्षा पर भी काफी जोर दिया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पुरुषों के अलावा इस गांव की लड़कियां और बहुएं भी विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी करती हैं।

इनके ऊपर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। चार विधायक के अलावा इस गांव से ब्रह्मानंद मध्यप्रदेश में आईजी व नरपाल यादव सेना में कर्नल हैं। इस गांव के सरपंच हुक्मचंद हैं। आपको ये बात जानकर झटका लग सकता है कि यहां के लोग अपने बीच हुए विवाद को सुलझाने के लिए कोर्ट कचहरी की मदद नहीं लेते बल्कि गांव में मिल-बैठकर सुलझा लेते हैं। गांव के एक-जगह बैठकर विकास और राजनीति की बातें करते हैं।

गांव के कई लोग हैं राजनीति में

इस गांव के लोग प्रदेश की राजनीति में काफी ऊचें पदों पर हैं। गौरतलब है यहाँ के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह इसी गांव से हैं। गांव में नौजवानों की संख्या ज्यादा है और वो राजनीति में आने को पूरी तरह से तैयार है। हाल ही में यहाँ के पार्षद सन्नी यादव ने सीएम के लिए एक रैली का आयोजन किया था।

इससे आप समझ सकते हैं कि गांव में राजनीति का स्तर कितना ऊचां है। यह गांव राजनीतिक रूप से बेहद अहम है। गांव के सरपंच हुक्मचंद के मुताबिक यह गांव शुरू से ही शांतिप्रिय रहा है। गांव में कोर्ट-कचहरी में मामले कम ही जाते हैं क्योंकि यहां आपस में बैठकर मामलों को सुलझा लिया जाता है। गांव में अक्सर बुजुर्ग और रिटायर लोग साथ बैठकर देख की राजनीति पर चर्चा करते रहते हैं।

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