Connect with us

विशेष

वेश्यावृत्ति में लिप्त औरतों की हकीकत: इस रेड लाइट एरिया की असलियत रुला देगी

Advertisement यहां प्रेम नहीं उपजता, मर्द देह देखता है और औरत जेब…. तंगैल जिले का कांडपारा, बांग्लादेश का सबसे पुराना और दूसरा बड़ा रेड लाइट एरिया है। इन तंग गलियों में न जानें कितनी हजार औरतें देह के दलदल में बुरी तरह धंसी हैं…वजह पेट की आग। Advertisement पेट की आग बुझाने के लिए देह […]

Published

on

Advertisement

यहां प्रेम नहीं उपजता, मर्द देह देखता है और औरत जेब…. तंगैल जिले का कांडपारा, बांग्लादेश का सबसे पुराना और दूसरा बड़ा रेड लाइट एरिया है। इन तंग गलियों में न जानें कितनी हजार औरतें देह के दलदल में बुरी तरह धंसी हैं…वजह पेट की आग।

Advertisement

पेट की आग बुझाने के लिए देह की कुर्बानी एक मजबूरी ही तो है…

Advertisement

यहां देह के दलदल में फंसी निरीह औरत महज एक मशीन है। कभी-कभी तो एक साथ दो-दो ग्राहक संभालने पड़ते हैं।

Advertisement

ये महिलाएं ग्राहकों की देह की भूख ही नहीं मिटाती, बल्कि उनके नाजायज बच्चे भी पैदा करती हैं।

मन हो न हो लेकिन रोजी रोटी के लिए देह से खिलवाड़ कहीं भी कभी भी…देह मानों रबर का खिलौना बन गई है…

ये लड़की इन्हीं वेश्यालयों में ही पैदा हुई, पली-बढ़ी। अब ये भी यही धंधा करने को मजबूर है।

देह के दलदल में उतरने के कुछ दिन तक तो ये दहशत रहती है…फिर…फिर आदत हो जाती है साहेब…

ये महिला ग्राहक के साथ-साथ अपने बच्चे को भी संभाल रही है। खुद सोचिए इन राहों पर किसकी जिंदगी आसान है…मां की या बच्चे की…

इन तस्वीरों के जरिए वाशिंगटन पोस्ट ने औरतों की मजबूरी और वेश्यालयों के अास्तित्व पर एक बार फिर सवाल उठाया है।

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *