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शराब पीने वाले पढ़ें एक बुरी एक अच्छी खबर, अब खरीदने से पहले 100 बार सोचेंगे

शराब पीने के शौकीनों के लिए एक बुरी और एक अच्छी खबर है। जिसे पढ़ने के बाद वे शराब खरीदने से पहले 100 बार सोचेंगे, क्लिक कीजिए। अच्छी खबर ये कि पंजाब में शराब 20 फीसदी सस्ती हो गई है। बुरी खबर ये कि हरियाणा में शराब महंगी कर दी गई है। पंजाब मंत्रिमंडल ने […]

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शराब पीने के शौकीनों के लिए एक बुरी और एक अच्छी खबर है। जिसे पढ़ने के बाद वे शराब खरीदने से पहले 100 बार सोचेंगे, क्लिक कीजिए।

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अच्छी खबर ये कि पंजाब में शराब 20 फीसदी सस्ती हो गई है। बुरी खबर ये कि हरियाणा में शराब महंगी कर दी गई है। पंजाब मंत्रिमंडल ने नई आबकारी नीति पर मुहर लगाकर शराब 20 फीसदी सस्ती कर दी है। शराब के ठेकों की संख्या में कमी कर दी गई है। सूबे में अब ठेकों की संख्या 5850 से घटकर लगभग 5700 रह जाएगी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में नई नीति को मंजूरी दी गई।

और ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए अलाटमेंट की प्रक्रिया ड्रा के जरिये किए जाने का भी प्रस्ताव है।ग्रुप का आकार 40 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि ग्रुप का आकार कम इसलिए रखा गया है, ताकि मार्केट में प्रतिस्पर्धा पैदा की जा सके और शराब की कीमतें भी घटें। इससे अगले वित्तीय वर्षों में ग्रुपों की संख्या 84 से बढ़कर लगभग 700 हो जाएगी। आवेदन की दर 18 हजार रुपये तय की गई है। यदि जीएसटी लागू हुई तो वह इसमें शामिल की जाएगी।

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देसी शराब का कोटा घटाया
इस नीति के अंतर्गत देसी शराब का कोटा 8.44 करोड़ प्रूफ लीटर (पीएमएल) से घटाकर 5.78 करोड़ प्रूफ लीटर हो गया है जो 32 प्रतिशत कम है। इसी तरह आईएमएफएल का कोटा 3.71 करोड़ प्रूफ लीटर से घटाकर 2.48 करोड़ प्रूफ लीटर कर दिया गया है जो 32 प्रतिशत कम है। बीयर का कोटा 3.22 करोड़ से घटाकर 2.57 करोड़ बल्क लीटर कर दिया गया है।

दूसरी ओर, हरियाणा में मदिरापान के शौकीनों को मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने तगड़ा झटका दिया है। सोमवार को अगले एक साल के लिए घोषित नई आबकारी एवं कराधान नीति में अंग्रेजी और देशी शराब महंगी कर दी गई है। देशी शराब की कीमतों में प्रति बोतल दस रुपये का इजाफा किया गया है, सरकार ने देशी की बोतल का एमआरपी 140 रुपये तय किया है, अभी यह 130 रुपये बिक रही है।

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नई नीति पहली अप्रैल 2018 से लागू होगी। देशी शराब पर एक्साइज ड्यूटी 28 रुपये प्रति प्रूफ लीटर से बढ़ाकर 44 रुपये प्रति प्रूफ लीटर की गई है। जबकि, इसकी निर्यात ड्यूटी में एक रुपये की कमी की गई है। अभी तक यह डेढ़ रुपये थी, जो कम होकर पचास पैसे रह जाएगी। भारत में निर्मित अंग्रेजी विदेशी शराब के रेटों में इजाफा निर्माता कंपनियां करेंगी, चूंकि अंग्रेजी शराब का एमआरपी सरकार तय नहीं करती है।

अंग्रेजी विदेशी शराब पर 44-200 रुपये से बढ़ाकर 49 से 210 रुपये प्रति प्रूफ लीटर एक्साइज ड्यूटी की गई है। इसका गुणा भाग कर कंपनियां अगले दो सप्ताह में सरकार को शराब के नए रेट बताएंगी। एक्साइट ड्यूटी में पांच से दस रुपये प्रति प्रूफ लीटर वृद्धि की गई है, ऐसे में कंपनियां दस से बीस रुपये प्रति बोतल रेट बढ़ा सकती हैं। सरकार ने नई नीति एक साल के लिए छह हजार करोड़ के राजस्व लक्ष्य के साथ घोषित की है।

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शराब ठेकेदार देशी शराब का दस प्रतिशत कोटा कम कर अंग्रेजी शराब का हिस्सा बढ़ा सकते हैं। सीएम मनोहर लाल की मंजूरी के बाद नई नीति की घोषणा आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने की। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ठेके एक साल के लिए ही आवंटित किए गए हैं। देशी और अंग्रेजी शराब के कोटे में पचास-पचास लाख प्रूफ लीटर की बढ़ोतरी की है।

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देशी शराब का कोटा एक हजार लाख प्रूफ लीटर और अंग्रेजी का 600 लाख प्रूफ लीटर रहेगा। शराब ठेकों की संख्या पिछले साल की तरह 2323 के आसपास ही रहेगी। इसमें दस-बीस ऊपर नीचे हो सकते हैं। ठेकों की ई-नीलामी होगी। हर जिले में एक जोन में छह ठेके ही ठेकेदार ले सकेगा। रेस्टोरेंट और होटलों के लिए लाइसेंस फीस पिछले साल की तरह रहेगी।

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हरियाणा में शराब कंपनियों के लिए निर्धारित बेसिक कोटे में से बीस फीसदी की पैकिंग कांच की बोतलों में होगी। प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। कांच की बोतलों पर हरियाणा सरकार लिखा होगा ताकि दूसरे प्रदेशों में यहां से तस्करी न हो सके। इसके अलावा सरकार ने एक और अहम निर्णय लिया है। प्रदेश में रोजाना बिकने वाली बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब बीयर की प्रति बोतल में से तीन, पांच और सात रुपये पंचायतों, पंचायत समतियों और जिला परिषदों को दिए जाएंगे।

 

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