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पानीपत

शहर के कचरे और औद्योगिक वेस्ट से पानीपत के ग्रामीणों व कोलोनी वासीयों की ज़िंदगी सबसे ज़्यादा प्रभावित

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पानीपत के ग्रामीण इलाक़े व आउटर कॉलोनी में जनता कचरे से बहुत परेशान है। पानीपत शहर से निकलने वाला कचरा और उधयोगिक कचरा सही से निपटारा नहीं होने से पानीपत ग्रामीण के लोगों के लिए समस्या बनता जा रहा है।

सरकार की बहुत सी विफल कोशिशें रही प्लास्टिक बैन करने की, काफ़ी बार पोलिथिन बैन के नाम पर दुकानदारो के चालान काटे गए। हालांकि, इससे निजात पाने के लिए बैन करने से ज्यादा जरूरी है कि इसे पुन: उपयोग में लाया जाए। विदेशों में वेस्ट प्लास्टिक, पॉलीथिन से रोड बनाई जाती है। इससे दो फायदे हैं। पहला रोड ज्यादा मजबूत होती है।

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और दूसरा, प्लास्टिक वेस्ट की समस्या नहीं होती है। भारत में भी इस तकनीकि को बड़े स्तर पर लागू करना चाहिए। इसके अलावा लोगों को भी पॉलीथिन का उपयोग समझदारी से करना चाहिए। मसलन, जहां बेहद जरूरी हो वहीं इसका उपयोग करें। खास बात, उपयोग के बाद इसे अपने परिसर से बाहर न जाने दें।

उन्हें एकत्रित कर ऐसे वेंडर तक पहुंचाए जो उसे पुन: उपयोग में ला सके। बाजार में सामान खरीदने जाएं तो थैला साथ लेकर जाएं। यह बातें हमसे साझा करी जजपा नेता देवेंद्र कादियान जी ने। उन्होंने ये भी कहा की वे स्वयं इस समस्या से प्रभावित है व ग्रामीण वासियों की समस्या समझ सकते हैं।

ऐसे पा सकते हैं निजात

  • आवश्यकता पर ही प्लास्टिक या पॉलीथिन का उपयोग करें।
  • सब्जी या सामान लेने बाजार जाएं तो थैला साथ लेकर जाएं।
  • प्लास्टिक या पॉलीथिन को इधर-उधर न फेंके। घर में या संस्थान में कहीं एकत्रित करें।
  • जो वेंडर प्लास्टिक वेस्ट को पुन: उपयोग के लिए खरीदते हैं, उनसे संपर्क कर प्लास्टिक वेस्ट बेच सकते हैं।
  • सरकार को चाहिए कि प्लास्टिक वेस्ट के निस्तारण के लिए प्लास्टिक रोड को बढ़ावा दें।