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यमुनानगर

एक शादी में हुआ पत्नी-पति में ऐसा झगड़ा, ह त्या तक पहुँच गई बात

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 हरियाणा के गांव हल्दरी निवासी अनिल (29 ) और उसकी पत्नी यमुनानगर की स्टाफ नर्स आशा में तीन दिन से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को आशा डेढ़ साल के बेटे सार्थक व पति के साथ अपनी बहन के बेटे की शादी में गई थी। रविवार को वे यमुनानगर की गोबिंदपुरी कॉलोनी में लौटे थे। बताया जा रहा है कि शादी में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। पड़ोसन उर्मिला ने पुलिस को बताया कि अनिल का गुस्सा देख आशा को लग रहा था कि अनिल उन्हें मार देगा। इसलिए वह बेटे को लेकर पड़ोसन उर्मिला के कमरे में सोई। इसका अनिल को नहीं पता था। वह सुबह उर्मिला के पास गया और बेटे को उठाकर ले आया था।

सोमवार को आशा बेटे के साथ अपने कमरे में सो गई। तब अनिल ने दोनों की हत्या कर दी। उसने पत्नी का गला बालों में बांधने वाली चोटी से तो बेटे का चादर का हिस्से से घोंटा। हत्या रात 12 बजे से पहले की गई है। इसके बाद अनिल ने सुबह साढ़े 9 बजे केसरी के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शहर यमुनानगर पुलिस ने अब आत्महत्या करने वाले अनिल पर पत्नी और बेटे की हत्या का केस दर्ज किया है। अभी तक की जांच में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। माना जा रहा है कि दोनों में अवैध संबंधों को लेकर विवाद था। इसलिए उन्होंने किसी को यह बात नहीं बताई।

आशा के गले को बाल गूंथने वाली चोटी और बेटे सार्थक को चादर के टुकड़े से घोटा गया।

सबसे पहले मां-बेटे के शव कुसुम ने देखे 

पड़ोसन कुसुम ने बताया कि उसकी नाइट ड्यूटी थी। आशा के बेटे से मेरा बेहद लगाव था। सुबह वह क्वार्टर में आई तो सार्थक को आवाज लगाते हुए उनके कमरे में गई। वहां देखा कि आशा और सार्थक बेड पर मृत पड़े थे। क्वार्टर में रहने वाले चंदन ने बताया आशा ने ही अनिल को यमुनानगर के गाबा अस्पताल में लगाया था। वहां पर वह डायलसिस यूनिट में टेक्नीशियन के तौर पर काम करता था। वहीं आशा की ड्यूटी आईसीयू में थी। वह स्टाफ नर्स थी। वह यहां पर शादी से पहले से ही लगी हुई है। डॉक्टर के दिए गोबिंदपुरी स्थित क्वार्टर में रहती थी।

यमुनानगर की गोबिंदपुरी कॉलोनी में रहता था दंपती 
यमुनानगर के गोबिंदपुरी स्थित डॉक्टर गाबा के जिस मकान में आशा रहती थी, वहां 8 परिवारों के 30 लोग रहते हैं। सोमवार की रात आशा और उसके बेटे सार्थक की हत्या का किसी को नहीं पता चला। जबकि दंपती के बीच विवाद हुआ था। इसका अंदाजा कमरे में बिखरे सामान को देखकर लगता है। इन परिवारों का कहना है कि अनिल शराब पीता था। जबकि साले सुभाष का कहना है कि वह शराब नहीं पीता था। अनिल के साथ डायलसिस यूनिट में काम करने वाले अभिलाश ने बताया कि अनिल ने कभी अपनी प|ी के साथ झगड़े की कोई बात उन्हें शेयर नहीं की। अस्पताल संचालक डॉ. बीएस गाबा ने बताया कि दोनों के बीच कोई झगड़ा था, यह उनके कभी नॉलेज में नहीं आया।

गुस्से ने परिवार को सुला दिया सदा के लिए 
तस्वीर में मां-बेटा सोते दिखाई दे रहे हैं। ये नींद कभी न खुलने वाली है। ऐसी दर्दनाक वारदात करने वाला कोई गैर नहीं महिला का पति और बेटे का पिता ही है।

8 साल पहले की थी लव मैरिज, दूर की रिश्तेदारी से थे दोनों 
आशा के चचेरे भाई सुभाष ने बताया कि आशा ने अनिल से 7-8 साल पहले लव मैरिज की थी। अनिल की बुआ उनके गांव बंासेवाला में है। अनिल उसके साले का बेटा है। दोनों परिवारों का आना जाना था। शादी के बाद दोनों को बेटी हुई थी। वह अपने दादा-दादी के पास हल्दरी में ही है। वहीं बेटे को अनिल और आशा ने साथ रखा हुआ था।

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