Connect with us

पानीपत

सरदार भूपेंद्र सिंह ने किया बड़ा खुलासा || जेबीएम कंपनी ने लगाया सरकार को करोड़ों का चूना || सफाई के नाम पर करोड़ों का घोटाला

कूड़ा उठाने में फर्जीवाड़ा हो रहा है। कूड़े के बजाय ईंटों का वजन कराया जा रहा है। कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेबीएम के ट्रैक्टर ड्राइवर ने जिमखाना क्लब के पास ट्रॉली में ईंटें भरकर ऊपर से कूड़ा डाला फिर सनौली रोड स्थित धर्मकांटे पर तुलवाया। फिर निंबरी जाने के बजाय ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर सेक्टर-24 आते […]

Published

on

कूड़ा उठाने में फर्जीवाड़ा हो रहा है। कूड़े के बजाय ईंटों का वजन कराया जा रहा है। कूड़ा उठाने वाली कंपनी जेबीएम के ट्रैक्टर ड्राइवर ने जिमखाना क्लब के पास ट्रॉली में ईंटें भरकर ऊपर से कूड़ा डाला फिर सनौली रोड स्थित धर्मकांटे पर तुलवाया। फिर निंबरी जाने के बजाय ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर सेक्टर-24 आते वक्त पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने पकड़ा तो सेक्टर-24 उग्राखेड़ी रोड पर ही ईंटों से भरी ट्रॉली पलटकर भाग गया। पूर्व मेयर ने इसकी शिकायत चांदनी बाग थाना पुलिस को दी है। मेयर अवनीत कौर ने कहा कि कंपनी पर नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।

साथ ही प्रयास होगा कि हाउस में चर्चा कर इस कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया जाए। पूर्व मेयर ने बताया कि गुरुवार शाम 4.30 बजे ट्रॉली का पीछा करते धर्मकांटा तक गए। उनके साथ वार्ड-8 से पार्षद चंचल सहगल के पति विजय सहगल, वार्ड-10 के पार्षद रविंद्र भाटिया और सहयोगी हिमांशू भी थे। वजन कराने के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर ड्राइवर निंबरी जाने के बजाय शहर की ओर मुड़ गया। विजय सहगल ने बताया कि धर्मकांटा संचालक से वजन की पर्ची मांगी तो उसने यह कहकर इनकार कर दिया, इससे वह मुश्किल में आ जाएगा।

‘सब फड़े जाणगे’… भूपेंद्र बाेले-कंपनी के खेल में निगम भी शामिल

पूर्व मेयर ने कहा-फर्जीवाड़े में निगम के अफसर, धर्मकांटा संचालक भी मिला है।

सरदार भूपेंद्र सिंह ने किया बड़ा खुलासा

1. सरदार भूपेंद्र सिंह ने किया बड़ा खुलासा 2. जेबीएम कंपनी ने लगाया सरकार को करोड़ों का चूना 3. सफाई के नाम पर करोड़ों का घोटाला

Gepostet von Panipat LIVE am Donnerstag, 24. Januar 2019

कूड़ा उठ नहीं रहा और Rs. 1.58 करोड़ महीना कमा रही कंपनी 


पूर्व मेयर ने कहा कि शहर में कूड़ा सही से उठाया नहीं जा रहा और कंपनी रोजाना 518 टन की पर्ची बना रही है। दिसंबर में 1.58 करोड़ रुपए निगम से लिया है। इस खेल में जेबीएम कंपनी के साथ नगर निगम अफसर और धर्मकांटा संचालक भी शामिल है। जो ट्रॉली पकड़ी गई, उसमें 13.73 टन कूड़ा वजन कराया गया था।

कैसे होता है कूड़े का वजन 


  • सनौली रोड स्थित नरेंद्र धर्मकांटा को कूड़ा तोलने की जिम्मेदारी है।
  • यहां निगम का कर्मचारी बैठता है। उसकी निगरानी में तुलाई होती है।
  • सबसे पहले कूड़ा भरी ट्रैक्टर ट्रॉली का वजन होता है। इसके बाद ट्रॉली निंबरी जाती है। वहां खाली करने के बाद फिर से धर्मकांटा पर खली ट्रैक्टर ट्रॉली का वजन किया जाता है।

 

पूरे सिस्टम के तीन जिम्मेदार 

ट्रॉली नहीं लौटी तो पर्ची कैंसिल की 

इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। ट्रॉली वापस नहीं आई, इसलिए पर्ची कैंसिल कर दी। मैं कोई ट्रैक्टर ट्रॉली के अंदर झांककर देखता हूं कि अंदर क्या है और क्या नहीं। -नरेंद्र मान, धर्मकांटा संचालक

जांच कर रहे हैं ट्रॉली किसकी थी 

कूड़े की जगह मलबा तुलवाने के विरोध करने का मामला पता चला है। जांच करा रहे हैं कि ट्रैक्टर ट्रॉली किसकी थी और मलबा कहां से उठाया था। इसके बाद ही पता चलेगा। – मुकुल तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, जेबीएम

हाउस करेगा कंपनी का निर्णय 

यह बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। सफाई के नाम पर भी इस तरह से फर्जीवाड़ा हो रहा है। यह नहीं होने दूंगी। नगर निगम हाउस में यह उठाऊंगी साथ ही निगम कमिश्नर से इस बारे में बात करूंगी। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो अफसर इसमें शामिल हैं, उस पर भी कार्रवाई की मांग होगी। –अवनीत कौर, मेयर

 

Source DB

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *