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करनाल

सहम गया करनाल, सबने देखा वो शू’टआऊट, ताबड़तोड़ गो’लियां बरसीं, ह’त्‍याकांड का वीडियो….

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हाईवे पर जिंदगी सुरक्षित नहीं है। ब’दमाश इतने बेखौफ हैं कि मुख्‍यमंत्री का जिला करनाल तक सेफ नहीं। ह’त्‍यारों ने पहले दामाद को मार डाला। इसके बाद उस परिवार के बेटे की सरेराह ह’त्‍या कर दी। ताबड़तोड़ गो’लियां बरसाईं। इस ह’त्‍याकांड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहा है। ह’त्‍या के वक्‍त किसी ने मोबाइल फोन से यह वीडियो बना लिया था। ह’त्‍यारे आराम से फरार भी हो जाते हैं।

करनाल में जीटी रोड पर ग्रीन वैली पंजाबी ढाबे के निकट कार सवार तीन ब’दमाशों ने डेयरी संचालक विकास को दिनदहाड़े गो’लियों से भून डाला। दादूपुर का विकास उर्फ पिंटू अंजनथली रोड स्थित डेयरी पर जाने के लिए घर से कार में सवार होकर निकला। जीटी रोड पर पीछे से क्रेटा कार में सवार होकर आए तीन ब’दमाशों ने विकास की कार को ओवरटेक कर गो’लियां बरसानी शुरू कर दी। आरोपितों ने 10 राउंड फायर किए।

वा’रदात को अंजाम दे ब’दमाश फरार होने लगे तो उनकी क्रेटा कार अनियंत्रित हो नाले में जा गिरी। इसके बाद आरोपितों ने जीटी रोड पर पिस्तौल के बल पर रविंद्र नाम व्यक्ति से स्कूटी लूट ली। रविंद्र के साथ एक बुजुर्ग महिला भी थी। तीनों हमलावर स्कूटी छीन कर पधाना गांव की ओर फरार हो गए।रवींद्र और महिला ने स्कूटी लूटने की जानकारी उचानी के समीप पुलिस बूथ में तैनात राइडर को दी।

कई खोल बरामद हुए 

जानकारी मिलने के तुरंत बाद हरकत में आए राइडरों ने आरोपितों का पीछा किया। उधर, वा’रदात की जानकारी मिलने के बाद एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल की टीम ने मौके से गो’लियों के कई खोल बरामद किए हैं। पुलिस ने ब’दमाशों की क्रेटा कार को बरामद कर लिया है। पुलिस ने शव को मर्चरी हाउस में भिजवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जीजा की ह’त्या के मुकदमे की कर रहा था पैरवी

पुलिस का कहना है कि विकास उर्फ पिंटू के जीजा अंजनथली के बबली की ह’त्या कृष्ण और जबरा ने कर दी थी। विकास उस मुकदमे की पैरवी कर रहा था। इसी के चलते विकास को गो’लियों से भून डाला।

vikas father

पुलिस की मुस्तैदी पर उठ रहे सवाल 

ह’त्यारे की मौजूदगी का पता तक नहीं चला पुलिस को 

बबली ह’त्याकांड के बाद भी पुलिस आरोपितों को पकडऩे में कामयाब नहीं हो सकी। आरोपितों की कई मामलों में पुलिस को तलाश है। इसके बाद भी वीरवार को आरोपित हाइवे पर कार से आते हैं। विकास का पीछा करते हैं। हाइवे पर जहां एक सेकेंड पांच वाहन गुजर रहे, वहां कार पर गोली चला विकास की कार रूकवाते हैं। फिर भीड़ के सामने गोली मारते हैं। ह’त्याकांड को अंजाम दे साफ बच निकलते हैं। मोस्ट वांटेड की मौजूदगी से लेकर फरार होने तक पुलिस का पता ही नहीं
हाइवे पर तैनात थे पुलिसकर्मी, फिर भी ह’त्यारे फरार  

हाईवे पर ही तरावड़ी में नए थाने का उद्धाटन हो रहा था। एडीजीपी नवदीप विर्क कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। इस वजह से हाईवे पर कई जगह  पुलिस कर्मी  तैनात थे। इतना होने के बाद भी न सिर्फ ब’दमाश वा’रदात को अंजाम दे गए, बल्कि साफ बच कर निकल भी गए। गुस्साए ग्रामीणों ने बताया कि इससे साफ पता चल रहा है कि ह’त्यारों को पुलिस का कतई भय नहीं था। ग्रामीण रामकुमार ने बताया कि पुलिस पर ब’दमाश भारी पड़ रहे हैं। यह घ’टना इसका बड़ा उदाहरण है।

न नाकाबंदी, न ह’त्यारों की तलाश की रणनीति 

ह’त्याकांड के बाद बादमाश गांव में घिर गए थे, लेकिन तब राइडर कर्मियों के पास हथियार नहीं थे। ब’दमाशों ने हथियार दिखा पुलिसकर्मियों को धमका पधाना गांव की गलियों से भाग रहे थे। तभी उनकी स्कूटी फंस गई। ब’दमाश पैदल भाग निकले। वह पकड़े जा सकते थे, यदि पुलिस ठोस रणनीति अपनाती। लेकिन वा’रदात के बाद पुलिस ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस का न सिर्फ कम्यूनिकेशन सिस्टम बेहद कमजोर है बल्कि ऐसी वा’रदात से निपटने, आरोपियों को पकडऩे की भी कोई रणनीति नहीं है।

ह’त्यारे गो’लियां मा;रते रहे तमाशबीन बनाते रहे वीडियो  

ह’त्यारों इतने बेखौफ थे कि उन्हें इस बात का भी डर नहीं था कि हाइवे पर भारी भीड़ जमा है। उन्होंने एक के बाद एक गो’लियां चला विकास की ह’त्या कर दी। उस वक्त हाइवे थम गया। वाहन चालक वाहनों से बाहर आ गए। कुछ लोगों ने घ’टना की वीडियो बनाई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सोशल मीडिया पर यह वीडियो अपलोड भी हो गया था। वहां मौजूद एक भी व्यक्ति ने तो  पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया न ही ब’दमाशों को पकडऩे की कोशश की।
vikas murder jaam

गुस्से में रोड़ बिरादरी, सोशल मीडिया पर जताया रोष 

बबली और विकास दोनो ही रोड बिरादरी से है। विकास की ह’त्या के बाद रोड बिरादरी से गहरा रोष जताया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने जम कर घ’टना की निंदा की है। इसके लिए सरकार और प्रशासन की भी जम कर आलोचना की है। बिरादरी के लोगों का कहना है कि ब’दमाश उनके बच्चों को गो’लियों का निशाना बना रहे हैं, लेकिन पुलिस चुपचाप तमाशा देख रही है।

vikas murder case
एक्टिवा पर फरार हुए।

ह’त्याकांड की कहानी वक्त की जुबानी…
हाईवे पर ब’दमाशों ने पहले विकास की कार को ओवरटेक किया। कोशिश की कि कार के टायर पर गोली मारे। बचने के लिए विकास ने गाड़ी ढाबे की तरफ मोड़ी, लेकिन गाड़ी भगा नहीं पाया। तब तक ब’दमाशों ने उस पर ताबड़ तोड़ फायर कर दिए। एक गोली विकास को लगी। तब ब’दमाश अपनी कार से उतरकर विकास की कार के नजदीक आए और 12 फायर किए। इनमें पांच गो’लियां विकास को लगीं।

समय… 11:32 
वा’रदात के दो मिनट बाद ही ब’दमाश अपनी कार की ओर लपके। लेकिन गाड़ी निकाल नहीं पाए, घबराहट में उनकी कार पास के नाले में फंस गई। इस पर तीनों ब’दमाशों ने अपनी कार से छलांग लगा सड़क पर खड़े एक युवक व बुजुर्ग महिला की स्कूटी छीनी, उसी पर सवार होकर भाग निकले।

समय… 11:40
वार’दात स्थल से भाग ब’दमाश तरावड़ी की तरफ गए, यहां तरावड़ी फ्लाईओवर के पास ड्यूटी दे रहे दो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने इनका पीछा करना शुरू कर दिया। उन्हें ब’दमाशों की जानकारी स्कूटी के मालिक ने दी थी, क्योंकि स्कूटी छीन जाने के बाद वें भी ब’दमाशों का पीछा कर रहे थे। काफी दूरी तक पुलिसकर्मियों ने भी राइडर बाइक से उनका पीछा किया। लेकिन ब’दमाशों ने पुलिस को चकमा देकर निकलने में सफलता पाई।

गली में ब’दमाश घिरे तो निकाली रिवाल्वर

हुआ यूं कि जब ब’दमाशों का पीछा करते हुए दोनों ट्रैफिक पुलिसकर्मी सुखदेव और मनीष पधाना गांव तक पहुंच गए। रास्ता न पता होने के कारण ब’दमाश एक बंद गली में घुस गए, लेकिन यहां दोनों पुलिसकर्मी उन्हें दबोचने के बजाय उनका बंधक बन कर रह गए। क्योंकि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास सिवाए वीटी सेट के कुछ नहीं था। जबकि ब’दमाश अपने हाथ में रिवाल्वर लिए हुए थे। यहां अपना बचाव करते हुए ब’दमाशों ने रिवाल्वर पुलिस के आगे तान दिया। ब’दमाशों ने उनसे राइडर बाइक की चाबी व वीटी सेट भी छीन लिया।

फिर भी नहीं हारी पुलिस ने हिम्मत 
ब’दमाशों ने रिवाल्वर की नोक पर पुलिस की बाइक की चाबी तो छीन ली। लेकिन ये उनके ध्यान में नहीं रहा कि पुलिस की बाइक तो स्टार्ट ही है। ऐसे में बिना हिम्मत हारे दोनों पुलिसकर्मियों ने फिर से उनका पीछा किया।

तो ब’दमाश निकल गए खेतों के रास्ते 

पधाना गांव से निकल ब’दमाश स्कूटी से शमशान घाट रोड तक पहुंचे, यहां आगे रास्ता बंद था। तो उन्होंने खेतों में स्कूटी छोड़, पैदल भाग निकले। यहां पुलिस छीनी हुई स्कूटी ले लौट आई।

परिवार में कोई जिंदा बचेगा तो इंसाफ दोगे ना
बबली जिनकी 29 जुलाई को इसी तरह से ह’त्या कर दी थी। उसकी पत्नी सुमन को जब पुलिस कर्मियों ने आश्वासन देना चाहा कि इंसाफ मिलेगा तो उसका दर्द कुछ यूं था। भाई विकास की मौत के बाद वह भी हाईवे पर विरोध जताने पहुंची थी।

source : jagran

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