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सीवर की सफाई के लिए मशीन तक नहीं

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सीवर की सफाई को लेकर पब्लिक हेल्थ विभाग व जिला प्रशासन किस तरह सचेत है- इसका एक उदाहरण हम दिखा रहे हैं। उदाहरण जरूरी है, क्योंकि इसी से आप समझेंगे कि कैसे सिस्टम में भांग घुली पड़ी है। सनौली रोड पर मार्बल मार्केट के पास विद्यानंद कॉलोनी की ओर से सीवर का पानी 2 साल से मुख्य सड़क पर बह रहा है। उग्राखेड़ी की ओर जाने वाली सड़क सीवर के पानी के कारण डूबी रहती है।

लोगों ने यहां से आना-जाना ही बंद कर दिया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इतने समय में तो बहुत कुछ हो सकता था, लेकिन किसी के पास कोई रोडमैप नहीं। इसलिए शहर की दुर्गति बनी हुई है। पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन खुद मानते हैं कि मशीन न होने से ठीक करने में परेशानी हो रही है। 1.10 करोड़ रुपए में दो छोटी मशीनें आएंगी। इसके लिए रिफाइनरी के सामने हाथ फैलाया गया है। मशीनें आएंगी तो सीवर की सफाई होगी। तब तक ऐसे ही बद हालात रहेंगे।

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बेफिक्री : ड्रेन-1 ओवरफ्लो होते ही बैक मारने लगता है पानी

करीब-करीब पूरे शहर का बरसाती और नालियों का पानी ड्रेन-1 में जाता है। लालबत्ती चौक से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस तक का पानी ड्रेन-1 में रेस्ट हाउस के पास ही उतरता है। इसी तरह से लालबत्ती चौक से लेकर गोहाना रोड तक का पानी मलिक पेट्रोल पंप से होते हुए ड्रेन-1 में जाता है। इसलिए जब ड्रेन-1 ओवरफ्लो होती है तो पानी बैक मारने लगता है और जीटी रोड पर दो-दो घंटे तक पानी जमा रहता है। इसलिए ड्रेन-1 का साफ होना बहुत जरूरी है।

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पानीपत. सनाैली राेड से उग्राखेड़ी गांव जाने वाली सड़क पर बह रहा सीवर का पानी। - Dainik Bhaskar

लोगों ने घरों के पास नाली में लगाए जाल

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मेयर अवनीत कौर और सीनियर पार्षद अशोक कटारिया वार्ड-7 में सफाई का निरीक्षण करने बुधवार को पहुंचे थे। महावीर कॉलोनी में नालियां बंद पड़ी हैं। नाले की सफाई नहीं होती। इसलिए, लोगों ने अब अपने घर के पास नाली में जाल लगा दिया है, ताकि कूड़े से उनके पास नाली जाम न हो। यह व्यवस्था है नाली सफाई की।

बेपरवाही : जो पानी 10 मिनट में उतरना था, उसमें लग रहे 2 घंटे

आपको याद होगा कि जीटी रोड पर सेक्टर-11 यूटर्न के पास कैसे सड़क दो बार धंस गई थी। 4 माह तक जीटी रोड बंद था। तब जाकर सीवर लाइन बंद की गई और संजय चौक से मलिक पेट्रोल पंप के सामने दिल्ली-पानीपत लेन में पाइप डाली गई। फिर, जीटी रोड क्रॉस करके वही पाइप मलिक पेट्रोल पंप से ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए ड्रेन-1 में कनेक्ट की गई। इसका 2.50 करोड़ का बजट था। 3 साल बीत गए, लेकिन आज तक सफाई नहीं हुई। रिजल्ट- जो पानी 10 मिनट में खाली होना था, उसमें 2 घंटे लगते हैं।

मशीन की कमी है। एक सुपर शकर मशीन है, जो हर जगह नहीं जा सकती। दो छोटी मशीनें रिफाइनरी से मिलने वाली हैं। अभी भी जहां से शिकायत आती है एक-दो दिन में सफाई करवा रहे हैं। सनौली रोड का मामला भी जल्द हल हो जाएगा।-संजीव शर्मा, एक्सईएन पब्लिक हेल्थ, सीवर मामले

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