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चंडीगढ़

हरियाणा के लोगों को नए साल की शुरूआत में ही कर्मचारियों की हड़ताल से मुसीबत उठानी पड़ेगी

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हरियाणा के लोगों को नए साल की शुरूआत में ही सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल का सामना करना पड़ेगा। सरकारी विभागों के कर्मचारी 8 व 9 जनवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे। रोडवेज के कर्मचारी भी इसमें शामिल होंगे और बसों का चक्‍का जाम करेंगे। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और विभागीय यूनियनों ने अलग-अलग टीमें गठित कर कर्मचारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। मांगों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की 8 और 9 जनवरी की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियनें भी एक हो गई हैं। रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने हड़ताल के लिए कर्मचारियों का समर्थन जुटाने के लिए फील्ड में चार जीप जत्थे उतारे हैं जो पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा के अनुसार प्रधान धर्मबीर फौगाट व कोषाध्यक्ष राजेंद्र बाटू के नेतृत्व में चल रहा जत्था बुधवार को हिसार, सुभाष लांबा व नरेश कुमार शास्त्री के नेतृत्व वाला जत्था करनाल, वीरेंद्र सिंह डंगवाल व सुरेश नोहरा के नेतृत्व वाला जत्था गुरुग्र्राम, इंद्र सिंह बधाना व सतीश सेठी के नेतृत्व में चल रहा जत्था अंबाला में कर्मचारियों को संबोधित करेगा।

इस अभियान में पुरानी पेंशन व एक्सग्र्रशिया रोजगार स्कीम बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम के लिए समान वेतन, एचआरऐ में जनवरी, 2016 से बढ़ोतरी करने व रोडवेज, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य विभागों का निजीकरण रोकने के मुद्दे उठाए जाएंगे। धर्मवीर फौगाट ने नई नेशनल पेंशन स्कीम से प्रभावित तमाम विभागों के कर्मचारियों से इस हड़ताल में शामिल होने का आह्वïन किया है। संघ के महासचिव सुभाष लांबा के अनुसार सरकार पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने को तैयार नहीं है

रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने भी हड़ताल के लिए कर्मचारियों का समर्थन जुटाने के लिए फील्ड में चार जत्थे उतारे हैं जो पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे। तालमेल कमेटी के पदाधिकारियों इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर सिंह किरमारा और अनूप सिंह सहरावत को इन जीप जत्थों की कमान सौंपी गई है।

इंद्र सिंह ने बताया कि रोड ट्रांसपोर्ट एवं सेफ्टी बिल को निरस्त करके मोटर वाहन अधिनियम को सुदृढ़ बनाने की मांग मुख्य है। हड़ताल के दौरान 720 निजी बसों को रोडवेज में शामिल करने, जन सेवाओं का निजीकरण, आंदोलनकारी कर्मचारियों पर दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाई जाएगी।

इसके अलावा बढ़ती आबादी के अनुसार विभाग में 14 हजार सरकारी बसें शामिल कर 84 हजार बेरोजगारों को पक्का रोजगार देने, पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, वर्ष 2016 में भर्ती 365 चालकों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम के लिए समान वेतन, पंजाब के समान वेतनमान की मांग मुख्य है।

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