Connect with us

चंडीगढ़

हरियाणा में उभरा नया सियासी समीकरण, राजकुमार सैनी करेंगे ‘हाथी’ की सवारी

Published

on

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हरियाणा में नया सियासी समीकरण उभरकर सामने आया है। दरअसल, राजकुमार सैनी ने ‘हाथी’ की सवारी स्वीकार कर ली है। बसपा ने इनेलो से गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया है। साथ ही बीजेपी के बागी सांसद राजकुमार सैनी की अगुवाई वाली लोकतन्त्र सुरक्षा पार्टी से गठबंधन कर लिया है। शनिवार दोपहर को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक संयुक्त प्रेस वार्ता बुलाई गई, जिसमें गठबंधन का एलान किया गया। नए गठबंधन के तहत दोनों पार्टियां मिलकर हरियाणा में 10 लोकसभा की और 90 विधानसभा की सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। बीएसपी लोकसभा की 8 और विधानसभा की 35 सीट पर चुनाव लड़ेगी। बाकी बची विधानसभा की 55 और लोकसभा की 2 सीट पर राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी चुनाव लड़ेगी।

हरियाणा में उभरा नया सियासी समीकरण

17 फरवरी को नए गठबंधन का एक संयुक्त सम्मेलन पानीपत में रखा गया। गौरतलब है कि जींद उपचुनाव में सैनी की पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था। बता दें कि जींद उपचुनाव के बाद से दोनों दलों में खटास आ गई थी। मायावती ने चौटाला परिवार को विवाद सुलझाकर एक होने की बात कही थी, लेकिन ऐसे आसार नजर नहीं आए। इस कारण बसपा सुप्रीमो ने गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया है।

यमुनानगर में बसपा की प्रदेश कार्यकरिणी की बैठक में बसपा प्रदेश प्रभारी डॉ. मेघराज ने पार्टी पदाधिकारियों को बताया की गठबंधन अब खत्म हो गया है।

Source Amarujala

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चंडीगढ़

राजनीति में आया चौटाला परिवार का एक और संगठन, INSO को टक्कर देगा ISO?

Published

on

By

21 दिन की फरलो पर बाहर आए इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने बुधवार को इनेलो के यूथ विंग का गठन किया है। इस यूथ विंग का नाम आईएनएलडी स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (आईएसओ) रखा गया है। अभय चौटाला के छोटे बेटे अर्जुन चौटाला को इसकी कमान सौंपी गई है। संगठन की शुरुआत के दौरान करण चौटाला, इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

अर्जुन चौटाला। (फाइल)
बता दें कि इनेलो ने यूथ विंग की स्थापना इनसो को टक्कर देने के लिए की है। चौटाला परिवार में दोफाड़ होने से पहले इनसो को इनेलो का यूथ विंग माना जाता था।

जैसे ही दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला को इनेलो से निष्कासित किया गया तो अभय चौटाला ने इनसो को भंग करने की घोषणा की थी। इसके तत्काल बाद दिग्विजय चौटाला ने घोषणा की थी कि इनसो को भंग नहीं किया जा सकता है।

इनसो उनके पिता अजय चौटाला द्वारा स्थापित किया गया अलग संगठन है। इसे भंग करने का अधिकार अजय चौटाला या इनसो की कार्यकारिणी को है।

Continue Reading

चंडीगढ़

इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला 21 दिन के फरलो पर तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं। (इनेलो) और (जेजेपी) के बीच राजनीति गर्माने की संभावना है

Published

on

By

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला 21 दिन की फरलो पर तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं। जींद उपचुनाव से पहले ओमप्रकाश चौटाला की फरलो रद कर दी गई थी और उन्हें दिल्ली के अस्पताल से वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। चौटाला के बाहर अाने के बाद इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच राजनीति गर्माने की संभावना है।

जींद उपचुुनाव के दौरान अपना फरलो रद होने के बाद ओमप्रकाश चौटाला बेहद नाराज हो गए थे और उन्‍होंने इसके लिए अपने पोतों दुष्‍यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को जिम्‍मेदर ठहराया था। उन्होंने पोतों दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को गद्दार तक करार दे दिया था। इनेलो की सियासी लड़ाई तो पहले ही जग जाहिर हो चुकी थी, लेकिन ये लड़ाई इतना गंभीर रूप लेगी ये किसी ने नहीं सोचा था। सारी लड़ाई इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला की फरलो रद होने के बाद ही शुरू हुई थी।

तिहाड़ जेल से बाहर आए ओमप्रकाश चौटाला, अब गरमाएगा इनेलाे और जेजेपी की राजनीति

हरियाणा विधानसभा में नेता विपक्ष अभय चौटाला और इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने भी उस समय कहा था कि दिग्विजय और दुष्यंत की वजह से ओपी चौटाला आहत हुए हैं। जेजेपी और आप की मिलीभगत से उनकी फरलो रद हुई है। अब ओपी चौटाला के बाहर आने के बाद एक बार फिर से हरियाणा की सियासत गरमाने की संभावना है। ओपी चौटाला अपने विरोधियों पर क्या रुख अपनाएंगे ये देखने होगा। इसके साथ ही पिछले दिनों अभय चौटाला द्वारा अपने बड़े भाइ्र अजय चाैटाला पर लगाए गए अारोपों को लेकर भी माहौल एक बार फिर गर्माने की संभावना है।

Image result for ओमप्रकाश चौटाला

समाज से संबंध जोड़ने के लिए दिया जाता है फरलो

फरलो सजायाफ्ता कैदियों के मानसिक संतुलन बनाए रखने और समाज से संबंध जोड़ने के लिए दिया जाता है। जिस सजायाफ्ता मुजरिम को पांच साल या उससे अधिक की सजा हुई हो और वह तीन साल की सजा काट चुका हो, तो उसे एक साल में सात सप्ताह का फरलो दिया जा सकता है। इसके लिए शर्त है कि उसका आचरण जेल में सही हो। वह आदतन अपराधी न हो, भारत का नागरिक हो और गंभीर अपराध में दोषी न हो। फरलो के लिए आवेदन डीजी (जेल) के पास भेजा जाता है और वहां से आवेदन गृह मंत्रालय को भेजा जाता है। 12 सप्ताह के अंदर इस पर फैसला हो जाता है।

Continue Reading

अंबाला

हरियाणा के शहरों में शिमला वाला नज़ारा अभी और भी देखने मिलेगा, जाने मौसम का हाल (तस्वीरें)

Published

on

By

मौसम ने गुरुवार को करवट ली। तेज हवा के साथ प्रदेश में कुछ जगह बारिश हो रही है। कुरुक्षेत्र, अम्बाला, यमुनानगर, पंचकूला और चंडीगढ़ में सुबह 6 बजे से तेज बारिश जारी है। कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, जींद, अम्बाला और पंचकूला में ओले गिरने की भी सूचना है। पानीपत, करनाल में बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिम विक्षोभ का असर है।

'Manali In Noida': Twitter In Tizzy After Thick Cover Of Hail Near Delhi

24 घंटे प्रदेशभर में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना

पहाड़ों में बर्फबारी होने से अब फिर से कुछ ठंडक बन सकती है। वहीं अगले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज बरसात की संभावना अभी भी बनी हुई है। क्योंकि पश्चिम विक्षोभ कुछ मजबूत हो सकता है। जबकि आठ फरवरी से फिर गहरी धुंध का असर देखने को मिल सकता है।

आठ व नौ फरवरी को प्रदेश के कई इलाकों में गहरी धुंध पड़ सकती है। साथ ही रात का तापमान भी पहले की अपेक्षा तीन से चार डिग्री तक कम हो सकता है। यानी ठंड ने फिलहाल पूरी तरह से विदाई नहीं ली है और यह फरवरी के अंत तक जारी रह सकती है।

जींद में बारिश के साथ गिरे ओले।

15 को फिर बरसात के आसार

मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम विक्षोभ लगातार आ रहे हैं। 15 व 16 फरवरी को पश्चिम विक्षोभ के असर से फिर प्रदेश में बरसात हो सकती है। यानी ठंडक बनी रह सकती है।

रात का पारा तीन डिग्री अधिक

रात का तापमान हिसार में 11.6 डिग्री हो गया। यह सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक रहा। नारनौल में 11.5 डिग्री, जबकि दिन का पारा 23.8 डिग्री रहा। करनाल में रात का तापमान 10.0, अम्बाला में 10.6 व दिन का पारा 23.9 डिग्री पर पहुंच गया।

अभी 28 फीसदी कम बरसात

प्रदेश में एक जनवरी से छह फरवरी तक 15.1 एमएम बरसात हुई है, जबकि 21.1 एमएम बरसात सामान्यत: इस अवधि में होती है। भले ही अबकी बार 28 फीसदी बरसात की कमी सर्दियों के महीनों मंे बनी हुई है, लेकिन तीन जिलों में सामान्य बरसात हुई है। सबसे अधिक फरीदाबाद में 36.2 एमएम, कैथल में 31.3, मेवात में 30 एमएम, यमुनानगर में 29.2 एमएम जबकि करनाल में अब तक 25.7 एमएम बरसात हो चुकी है।

Continue Reading

Trending