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भिवानी

हरियाणा रोडवेज : सरकार ने दी कर्मचारियों को राहत, 18 दिन की हड़ताल का वेतन देने का लिया फैसला

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हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के वेतन का मामला सुलझ गया है। पिछले दिनों ह‍ड़ताल करने वाले रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल की अवधि का वेतन भी मिलेगा। हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद हड़ताल के दौरान का वेतन जारी करने से इनकार कर रहे परिवहन विभाग ने आखिर रोडवेज कर्मचारियों को राहत दी है। एडवोकेट जनरल से रायशुमारी के बाद परिवहन निदेशक ने सभी महाप्रबंधकों को कर्मचारियों का रोका गया वेतन जारी करने का आदेश दिया है।

परिवहन निदेशक ने सभी महाप्रबंधकों को दिया वेतन जारी करने का आदेश

हरियाणा के महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट के 2 नवंबर के आदेश का निरीक्षण करने के बाद पाया कि अगर सरकार ने ‘नो वर्क नो पे’ के आदेश पारित किए हों तो भी हड़ताल अवधि का वेतन देना होगा। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, जनहित याचिका पर अंतिम निर्णय होने तक हड़ताल के दौरान सरकार द्वारा की गई सभी तरह की कार्रवाई निलंबित रहेंगी।

हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के निपटारे तक सभी तरह की कार्रवाई पर लगा रखी रोक

दूसरी ओर, 31 अक्टूबर को भिवानी से गिरफ्तार किए 15 कर्मचारी नेताओं को अभी तक जमानत नहीं मिली है। इसके चलते इन्हें दीपावली भिवानी जेल में ही मनानी पड़ेगी। सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा और प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से इनकी रिहाई कराए। हड़ताल अवधि का वेतन जारी करने के आदेश को सकारात्मक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में बदले की भावना से पांच कर्मचारी नेताओं को मेन से सिटी डिपो में ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे डिपो कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

वेतन न जारी करने के मामले ने पकड़ लिया था तूल

इससे पहले , हाई कोर्ट के आदेश पर हड़ताल वापस लेने के बावजूद जेल में बंद कर्मचारी नेताओं को रिहा नहीं करने और हजारों रोडवेज कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं करने का मामला तूल पकड़ लिया था। जेल में बंद कर्मचारियों के मुद्दे पर शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। दूसरी तरफ परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सरकार किलोमीटर स्कीम से पीछे नहीं हटेगी।

दूसरी ओर, सर्व कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भिवानी जेल में बंद नेताओं को रिहा कराने की मांग की थी, ताकि वह अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर दीपावली का त्योहार मना सकें। संघ के प्रधान धर्मबीर फोगाट, महासचिव सुभाष लांबा व रोडवेज तालमेल कमेटी के दलबीर किरमारा, इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि परिवहन मंत्री 14 नवंबर से पहले रोडवेज कर्मचारियों से कोई बात नहीं करने की बात कहकर उन्हें उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 12 नवंबर को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से बैठक होनी है, इसके बावजूद परिवहन मंत्री लगातार विरोधाभाषी बयान दे रहे हैं। यह एक तरह से हाई कोर्ट की अवमानना है।

मंजूरी बगैर सेवा विस्तार देने पर सख्त हुई सरकार

सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को सेवा विस्तार में विभागों की मनमानी पर सरकार सख्त हो गई है। वित्त विभाग से मंजूरी लिए बगैर रिटायर्ड कर्मचारियों को एक्सटेंशन को लेकर मुख्य सचिव ने सभी महकमों को लिखित आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों को साफ निर्देश है कि सेवा विस्तार केवल वित्त विभाग की पूर्व अनुमति या सहमति से ही दिया जाए।

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भिवानी

थाने पहुंचने से पहले ही हादसा

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भिवानी में रविवार की सुबह बाइक पर सवार तीन लोग ट्रक की चपेट में आ गए, जिससे तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में ट्रक भी खेतों में पलट गया। वहीं ट्रक चालक मौके से भाग निकला। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्‍जे में ले पोस्‍टमार्टम के लिए भिवानी अस्‍पताल में पहुंचा दिया है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

परिजनों ने बताया कि मृतकों में पपोसा गांव निवासी 32 वर्षीय बलजीत , 28 वर्षीय लाभो देवी दंपती है। वहीं इनके साथ बाइक पर उनका 20 वर्षीय भतीजा अतर सिंह भी था। किसी बात को लेकर तीनों ही बाइक पर सवार हो बवानीखेड़ा पुलिस चौकी जा रहे थे। पपोसा गांव से जमालपुर और बवानी खेड़ा रोड पर बने टी प्‍वाइंट के पास बाइक ट्रक की चपेट में आ गई। हालांकि बाइक को ज्‍यादा नुकसान नहीं पहुंचा मगर तीनों ही बाइक सवार ट्रक के टायर के नीचे आ गए। हादसे में तीनों की जान नहीं बच सकी। वहीं एक साथ तीन मौत होने से गांव में मातम पसर गया है।

पुलिस के अनुसार मृतक दंपती के दो बच्‍चे हैं। वहीं मृतक अतर सिंह भी विवाहित था मगर अभी उसकी कोई संतान नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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भिवानी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़ेमस हुआ हरियाणा के खेत का साधारण विडियो

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रियली इंडिया इज ग्रेट कंट्री एंड कलरफुल। हरियाणा इज क्लचरफुल। यह कहना है मेक्सिको के प्रोग्रेसिव फार्मर निकोल्स हेमर्लीन का जो बहल के गांव हरियावास में प्रगतिशील किसान रामफल गुलिया के फार्म हाउस पर उनके द्वारा प्राकृतिक तरीके से की जा रही खेती को देखने आए थे।

मैक्सिको के निकोल्स हेमर्लीन, रोड्रिगो हेमर्लीन, स्टेफिन  व इस्बल के साथ आए इन दिनों भारत भ्रमण पर आए हुए हैं। इन सेलानियों ने किसान रामफल गुलिया की बालू रेत के टीलों पर ऑर्गेनिक खेती का यूट्यूब पर वीडियो देखकर संपर्क सूत्र निकाला और किसान के एमबीए पुत्र संजीत गुलिया से मैक्सिको में इस पर जानकारी ली। संजीत गुलिया के साथ  मैक्सिको के ये चारों किसान चंडीगढ़ से हरियावास पहुंचे तो ग्रामीण इनको देखने को गुलिया फार्म हाउस में जुट गये। ग्रामीणों ने अपने अपने तरीके से विदेशी मेहमानों से बात की। किसी ने हिंदी-अंग्रेजी मिक्स करके बातें की तो किसी ने संकेतों में मेहमानों को समझाने की कोशिश की। ये वाकया इतना रोमांच भरा था कि सभी के हंसी के मारे ठहाके फूट रहे थे।

ऊंट गाड़ी और ट्रैक्टर की सवारी का लिया आनंद

ग्रामीणों ने अंग्रेज मेहमानों को ऊंट गाड़ी, ट्रैक्टर की सवारी करवाई और हरियाणवी व्यंजनों को बनाने की विधि से भी अवगत कराया। मेहमानों को गाजर के हलवे को पसंद किया तो  गाय के दूध व मक्खन को भगवान कृष्ण का प्रसाद बताया।  मेहमानों ने अगले वर्ष फिर आने का न्यौता स्वीकार किया। मेहमानों को किसान रामफल गुलिया की ओर से गाय का घी मेहमान नवाजी में भेंट किया और मेहमानों ने गुलिया को मैक्सिको आने का प्रस्ताव दिया।

बोले- बालू मिट्टी पर फसल उगाने का हम करेंगे प्रयास

मैक्सिकों के किसानों ने किसान रामफल गुलिया की प्राकृतिक खेती तकनीक को अंग्रेजों ने खूब सराहा। फार्म हाउस पर लगे जलदूत वाटर कंडीशनर की  क्रियाओं पर जानकारियां ली और उसके फंक्शन व तकनीक  पर अध्ययन किया। किसान की सरसों व गेहूं की फसल पर भी जानकारियां जुटाई। उन्होंने बताया कि मैक्सिको में इस तरह की फसलें  नहीं उगाई जाती है। लेकिन  बालू रेत के टीलों पर लगी इस तरह की तकनीक के माध्यम से वे अपने खेतों में भी ट्राई करेंगे। किसानों ने गाय व ऊंट,भेड़, बकरी  आदि के बारे में भी स्थानीय लोगों से  कई तरह की जानकारियां ली।

फर्टिलाइजर और पेस्टीसाइड के प्रयोग पर जताई चिंता

निकोल्स ने फार्म हाउस पर लगी खेती की जानकारी ली और इसके उपयोग व पैदावार के साथ मार्केटिंग पर बात की। मैक्सिको के किसानों ने उपयोग हो रहे फर्टिलाइजर पर चिंता व्यक्त की और कहा कि पेस्टीसाइड का बहुतायत में हो रहा उपयोग सीधे तौर पर जनजीवन पर विपरीत प्रभाव डालता है। इससे अनाज की पौष्टिकता से क्षीण हो रही है और इससे शरीर में रोग प्रतिरोधकता बहुत ही अल्प होती जा रही है। निकोल्स ने यह भी कहा कि इस तरह से रासायनिक उपयोग स्वस्थ व हष्ट-पुष्ट भारत के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

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चंडीगढ़

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, गांवों में अब लाल डोरा खत्म, होंगी जमीन की रजिस्ट्री

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हरियाणा के पांच नगर निगमों में भारी जीत से उत्साहित भाजपा अब ग्रामीणों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुट गई है। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और शहरी निकाय मंत्री कविता जैन की सदस्यता वाली कैबिनेट सब कमेटी गांवों का लाल डोरा खत्म करने के हक में है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाले मंत्री समूह में जब यह प्रस्ताव आया तो पूरी सरकार इससे सहमत नजर आई।

कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंत्री समूह सहमत, -जींद उपचुनाव के बाद लग सकती मुहर

जींद उपचुनाव के मद्देनजर सरकार फिलहाल गांवों का लाल डोरा खत्म करने का विधिवत एेलान तो नहीं कर पा रही, लेकिन इस पर लगभग सहमति बन चुकी है। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के सदस्यों ने गांवों की तमाम जमीनें लाल डोरे के दायरे से बाहर निकालने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उपचुनाव के बाद मंत्रिमंडल की बैठक में इसको विधिवत मंजूरी दी जा सकती है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी के नाते सबसे पहले राजीव जैन ने गांवों का लाल डोरा खत्म करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। उनके पत्र को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सब कमेटी बनाई। इसके बाद एक के बाद एक हुई बैठकों में लाल डोरा खत्म करने पर सहमति बनी। बैठक में हालांकि यह प्रस्ताव भी आया कि लाल डोरे का दायरा बढ़ा दिया जाए, लेकिन सहमति तमाम प्रॉपर्टी को लाल डोरे के दायरे से बाहर करने पर बनी।

क्या होता है लाल डोरा

जब गांव बसता है तो लाल डोरे की लाइन खींच दी जाती है। इसके अंदर ही घर बनाना होता है यानी कि इस लाल डोरे के अंदर आबादी होती है। डोरे के अंदर रहने वाले लोगों को अगर जमीन की रजिस्ट्री करानी होती है तो सरपंच उन्हें लिखवाना होता है। इसके बाद ही इंतकाल होता है। अगर किसी व्यक्ति ने लाल डोरे की लाइन (फिरनी) के बाहर जमीन खरीदनी है तो उसकी सीधी रजिस्ट्री हो जाती है।

लाल डोरा खत्म होने से होंगी जमीन की रजिस्ट्री

लाल डोरा खत्म करने से करीब 70 फीसद गांव में बसने वाली आबादी को सीधा फायदा होगा। लाल डोरे के दायरे में आने वाली तमाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी और भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त शुरू होने के साथ ही जमीन की मार्केट वेल्यू में इजाफा होगा।

गांव में सुधरेगा शिक्षा का स्तर, मिलेंगे लोन

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की शिक्षा बड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों को अब बच्चों की उच्च शिक्षा और नौकरियों के लिए एजुकेशन के लिए प्रॉपर्टी पर लोन मिल सकेंगे। राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मंत्री समूह की बैठक में हुई लाल डोरा खत्म करने की चर्चा की पुष्टि करते हुए कहा कि देश के इतिहास में यह आज तक का बहुत बड़ा फैसला होगा।

प्रॉपर्टी बाजार में आएगी तेजी, रुकेंगे अवैध निर्माण

गांव में अवैध निर्माण और उन्हें नियमित कराना बड़ी समस्या थी। गांवों के लोग लाल डोरा बढ़ाने का दबाव सरकार पर लंबे समय से बना रहे थे। इस दबाव और लोगों की जरूरत को समझते हुए कैबिनेट सब कमेटी ने राजीव जैन के प्रस्ताव पर मुहर लगाई और मंत्री समूह ने सिफारिशों को मान लिया। अब अवैध निर्माण बंद होंगे और प्रापर्टी का बाजार गर्माएगा।

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