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चंडीगढ़

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, गांवों में अब लाल डोरा खत्म, होंगी जमीन की रजिस्ट्री

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हरियाणा के पांच नगर निगमों में भारी जीत से उत्साहित भाजपा अब ग्रामीणों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुट गई है। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और शहरी निकाय मंत्री कविता जैन की सदस्यता वाली कैबिनेट सब कमेटी गांवों का लाल डोरा खत्म करने के हक में है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाले मंत्री समूह में जब यह प्रस्ताव आया तो पूरी सरकार इससे सहमत नजर आई।

कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंत्री समूह सहमत, -जींद उपचुनाव के बाद लग सकती मुहर

जींद उपचुनाव के मद्देनजर सरकार फिलहाल गांवों का लाल डोरा खत्म करने का विधिवत एेलान तो नहीं कर पा रही, लेकिन इस पर लगभग सहमति बन चुकी है। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के सदस्यों ने गांवों की तमाम जमीनें लाल डोरे के दायरे से बाहर निकालने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उपचुनाव के बाद मंत्रिमंडल की बैठक में इसको विधिवत मंजूरी दी जा सकती है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी के नाते सबसे पहले राजीव जैन ने गांवों का लाल डोरा खत्म करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। उनके पत्र को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सब कमेटी बनाई। इसके बाद एक के बाद एक हुई बैठकों में लाल डोरा खत्म करने पर सहमति बनी। बैठक में हालांकि यह प्रस्ताव भी आया कि लाल डोरे का दायरा बढ़ा दिया जाए, लेकिन सहमति तमाम प्रॉपर्टी को लाल डोरे के दायरे से बाहर करने पर बनी।

क्या होता है लाल डोरा

जब गांव बसता है तो लाल डोरे की लाइन खींच दी जाती है। इसके अंदर ही घर बनाना होता है यानी कि इस लाल डोरे के अंदर आबादी होती है। डोरे के अंदर रहने वाले लोगों को अगर जमीन की रजिस्ट्री करानी होती है तो सरपंच उन्हें लिखवाना होता है। इसके बाद ही इंतकाल होता है। अगर किसी व्यक्ति ने लाल डोरे की लाइन (फिरनी) के बाहर जमीन खरीदनी है तो उसकी सीधी रजिस्ट्री हो जाती है।

लाल डोरा खत्म होने से होंगी जमीन की रजिस्ट्री

लाल डोरा खत्म करने से करीब 70 फीसद गांव में बसने वाली आबादी को सीधा फायदा होगा। लाल डोरे के दायरे में आने वाली तमाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी और भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त शुरू होने के साथ ही जमीन की मार्केट वेल्यू में इजाफा होगा।

गांव में सुधरेगा शिक्षा का स्तर, मिलेंगे लोन

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की शिक्षा बड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों को अब बच्चों की उच्च शिक्षा और नौकरियों के लिए एजुकेशन के लिए प्रॉपर्टी पर लोन मिल सकेंगे। राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मंत्री समूह की बैठक में हुई लाल डोरा खत्म करने की चर्चा की पुष्टि करते हुए कहा कि देश के इतिहास में यह आज तक का बहुत बड़ा फैसला होगा।

प्रॉपर्टी बाजार में आएगी तेजी, रुकेंगे अवैध निर्माण

गांव में अवैध निर्माण और उन्हें नियमित कराना बड़ी समस्या थी। गांवों के लोग लाल डोरा बढ़ाने का दबाव सरकार पर लंबे समय से बना रहे थे। इस दबाव और लोगों की जरूरत को समझते हुए कैबिनेट सब कमेटी ने राजीव जैन के प्रस्ताव पर मुहर लगाई और मंत्री समूह ने सिफारिशों को मान लिया। अब अवैध निर्माण बंद होंगे और प्रापर्टी का बाजार गर्माएगा।

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चंडीगढ़

हादसाः नवविवाहित जोड़े की गाड़ी ने सात लोगों को कुचला, दो की मौके पर मौत

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नवविवाहित जोड़े की गाड़ी ने दो लोगों की जान ले ली। गाड़ी ने सात लोगों को कुचल दिया था। हादसा पंजाब के मोगा से करीब 4 किमी की दूरी पर गांव सिंघावाला के पास हुआ। हादसे की वजह धुंध बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कार सवारों ने दो बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में चार लोग घायल हो गए। इन्हें बचने के लिए लोग आए तो पीछे से आ रही स्विफ्ट कार ने उन्हें कुचल दिया। 20 साल की लड़की और अन्य शख्स की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्विफ्ट कार सवार नवविवाहित जोड़ा फरार हो गया।

थाना चड़िक के एएसआई कुलवंत सिंह के अनुसार हादसे के चश्मदीद चरनजीत सिंह निवासी गांव फतेहगढ़ कोरोटाणा ने बताया कि वह अपनी मां हरपाल कौर और मौसी के बेटे थाना सिंह के साथ बाइक पर कस्बा बाघापुराना की ओर जा रहा था। घनी धुंध होने के कारण गांव सिंघावाला से पहले एक कार ने दो बाइक को टक्कर मार दी। वहीं कार के पीछे आ रहे एक कैंटर ने कार को टक्कर मार दी।

मोगा में सड़क हादसा

हादसे के दौरान दोनों बाइक पर सवार दो युवतियों समेत चार लोग मामूली घायल हो गए। बाइक को टक्कर मारने वाला कार चालक कार समेत मौके से फरार हो गया। जब आसपास मौजूद लोग घायलों को उठाने के लिए बीच सड़क पर आए तो इसी दौरान बाघापुराना की ओर से मोगा आ रही एक स्विफ्ट कार ने घायलों समेत सात लोगों को कुचल दिया।

हादसे में हरप्रीत सिंह (33) निवासी गांव चंदपुराना और पूजा शर्मा (20) निवासी गांव सिंघावाला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पूजा का भाई अभिषेक (18), सिमरनजीत कौर (20) निवासी सिंघावाला, राम कुमार निवासी बाघापुराना, गुरप्रीत सिंह, थाना सिंह निवासी फतेहगढ़ कोरोटाणा गंभीर रूप से घायल हो गए।

जांच अधिकारी का कहना है कि फिलहाल चश्मदीद चरनजीत सिंह के बयान पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं अभिषेक उसकी बहन पूजा शर्मा और पड़ोस में रहने वाली सिमरनजीत कौर मोगा में एक हेल्थ क्लब में नौकरी करते थे।

हालत गंभीर होने पर सिमरनजीत कौर को फरीदकोट और अभिषेक को लुधियाना रेफर कर दिया गया। इन चारों के अलावा इनकी मदद के लिए बीच सड़क आए राहगीर थाना सिंह, राम कुमार और घटनास्थल के निकट टायरों का काम करने वाले गुरप्रीत सिंह को मोगा के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।

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चंडीगढ़

बाबा के लिए जेल में तड़प रही हनीप्रीत के लिए खुशखबरी-काफी सोचने के बाद कोर्ट ने दे ही दी मंजूरी

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हनीप्रीत को बात करने की अनुमति तो मिल गई है लेकिन इन दोनों नंबर पर कॉल के दौरान जेल विभाग की नजर रहेगी। हनीप्रीत की तरफ से कोर्ट में भी आश्वासन दिया गया कि फोन पर किसी तरह की कोई गैरकानूनी बात नहीं होगी।

हनीप्रीत ने जेल में फोन की सुविधा न देने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि जब अन्य कैदियों को बात करने इजाजत है तो उसको क्यों नही। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि जेल नियमों के अनुसार कैदी दो नंबर पर बातचीत कर सकते हैं। ऐसे में हनीप्रीत को भी बात करने की इजाजत मिलनी चाहिए। हनीप्रीत ने हाईकोर्ट में वे दो नंबर भी दे दिए थे जिन पर बात करना चाहती है।

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने नियमों के अनुसार हनीप्रीत को जेल से फोन पर बात करने की इजाजत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि जेल मैनुअल में जब प्रावधान है तो किसी कैदी को उसके माता-पिता से बात करने से नहीं रोका जाना चाहिए।

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चंडीगढ़

सरकार अगर रोडवेज़ में पारदर्शी तरीक़े से खोलें नौकरी का पिटारा तो युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर

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हरियाणा रोडवेज कर्मियों ने अब विभाग में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मचारियों का कहना है कि इसी वजह से बरसों से उनकी प्रमोशन भी लटकी पड़ी है।उन्होंने बेड़े में शामिल होने वाली नई 367 बसों की खरीद पर फिलहाल रोक लगाए जाने के फैसले का भी विरोध किया है। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार रिक्त पदों को नहीं भरती और नई सरकारी बसें नहीं खरीदती तो उन्हें मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।

ऑल हरियाणा रोङवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा व महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने संयुक्त ब्यान जारी करते हुए बताया कि हरियाणा रोङवेज में सभी श्रेणी के पद खाली पड़े हैं, लेकिन परिवहन अधिकारियों की लापरवाही के चलते  लंबे अरसे से किसी भी पद पर प्रमोशन नहीं हो रही।

शर्मा व दोदवा ने बताया कि अभी तक परिवहन विभाग में स्टेशन सुपरवाइजर के 58, मुख्य निरीक्षक के 52, निरीक्षक के 450, उप निरीक्षक के 160, अधीक्षक के 22 व वर्कशॉप में एसएसआई के सभी पद खाली पड़े हुए हैं।

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों का 4 साल का बोनस व अन्य बहुत सी विभागीय मांगें भी एक लंबे अरसे से बकाया पड़ी हैं।

उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार काफी समय से रोडवेज के बेड़े में 367 नई बसें लाने का दावा कर रहे थे। लेकिन अब अचानक इन बसों की खरीद पर रोक लगाने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है।

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