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हिसार : मेहंदी रची, दुल्हन बनी…पर ऐन मौके पर हो गया कुछ ऐसा, जेल जाने से बची बारात

Advertisement मेहंदी रची, दुल्हन बनी…लेकिन सात फेरे लेने से ठीक पहले हो गया कुछ ऐसा कि उसके मां-बाप और पूरी बारात के जेल जाने की नौबत आ गई, देखिए। Advertisement मामला हरियाणा के हिसार का है। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी बुधवार को पुलिस के साथ अंबेडकर बस्ती में तेलूराम के घर पहुंची। […]

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मेहंदी रची, दुल्हन बनी…लेकिन सात फेरे लेने से ठीक पहले हो गया कुछ ऐसा कि उसके मां-बाप और पूरी बारात के जेल जाने की नौबत आ गई, देखिए।

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मामला हरियाणा के हिसार का है। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी बुधवार को पुलिस के साथ अंबेडकर बस्ती में तेलूराम के घर पहुंची। वहां तेलूराम की बेटी पिंकी का शादी समारोह चल रहा था। बारात पहुंचने वाली थी। पंडाल में पुलिस देखकर तेलूराम के आधे रिश्तेदार और परिचित समारोह से खिसक गए और बारात रास्ते में ही रोक दी गई। पुलिस को अचानक घर में आया देखकर दुल्हन रोने लगी और उसकी मां बेसुध हो गई।

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आखिर छह घंटे बाद दुल्हन के बालिग होने का सबूत मिला तो सूचना देने पर नाममात्र बाराती पहुंचे। टीम लौटने के बाद फीके माहौल में बिना ढोल-नगाड़े के शादी की रस्में निभाई गईं। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी बुधवार सुबह 10 बजे पुलिस बल के साथ अंबेडकर बस्ती में तेलूराम के घर पहुंचीं। वहां तेलूराम की बेटी पिंकी का शादी समारोह चल रहा था। बारात हांसी की दयाल सिंह कॉलोनी से पहुंचने वाली थी। उस समय बारात बीच रास्ते में मय्यड़ गांव के पास थी।

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प्रशासन की टीम ने पंडाल में मौजूद तेलूराम और रिश्तेदारों को बताया कि हमें सूचना मिली है कि आप नाबालिग लड़की की शादी कर रहे हैं। तेलूराम ने बेटी को बालिग बताया तो टीम ने उनसे कोई ऐसा दस्तावेज पेश करने के लिए कहा, जो उनकी बेटी को बालिग साबित कर सके। टीम ने कहा कि पहले दस्तावेज पेश करें, उसके बाद ही शादी करें। यह सुनकर परिवार वालों के हाथ-पांव फूल गए। उनके पास कोई ऐसा दस्तावेज नहीं था, जो दुल्हन को बालिग दर्शाता हो।

बालिग होने का सबूत देख लौटी टीम
फतेहाबाद निवासी दुल्हन के मामा संदीप कुमार ने बताया कि एक पुलिसकर्मी ने कहा कि नाबालिग लड़की की शादी करने वाले परिजनों और रिश्तेदारों को सजा के साथ 1000 रुपये का जुर्माना होने का प्रावधान है। यह बात सुनकर आधे रिश्तेदार और परिचित समारोह से खिसक गए। इस पर दुल्हन रोने लगी। उसके आंसू नहीं थम रहे थे। दुल्हन की मां बेहोश हो गई। महिलाओं ने उसके पैरों के तलवे मसले, उसे तब होश आया। पंडाल में तब तक डीजे की आवाज बंद हो चुकी थी।

बारातियों को फोन कर स्थिति से अवगत करा दिया था। बारातियों ने वाहन मय्यड़ के पास ही रोक लिए थे। कुछ परिजनों को तेलूराम के गांव शाहपुर में भेजा गया। वे गांव के आंगनबाड़ी केंद्र से पिंकी का जन्म प्रमाण पत्र लेकर चार बजे लौटे। प्रमाण पत्र के अनुसार पिंकी की उम्र 18 साल 28 दिन है। प्रशासन की टीम प्रमाण पत्र देखने के बाद वापस गई। बारात में हांसी से वाहनों में 100 लोग चले थे। झमेले के चलते बाद में दूल्हे समेत 20 बाराती ही पहुंचे। नाममात्र लोगों ने खाना खाया।

हमारे पास चाइल्ड हेल्पलाइन से ई-मेल के जरिये शिकायत आई थी। उस आधार पर हम अंबेडकर बस्ती में गए थे। वे दुल्हन का बालिग होने संबंधी प्रमाण पत्र देखकर पांच मिनट में ही लौट आए थे।

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