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11 की उम्र में पिता ने बेचा,7 बच्‍चों की बनी मां,लड़की की बदनसीबी की कहानी सुनकर रो पड़ेंगे आप

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धरती पर माता-पिता ईश्वर का रूप होते हैं, लेकिन हर किसी को माता-पिता का प्यार नसीब नहीं हो पाता है। आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने वाले हैं जिसे उसके ही पिता ने पैसों की लालच में 11 साल की उम्र में बेच दिया था। पिता ने बेटी को एक बार नहीं बल्कि बार-बार बेचा। इस तरह वह तीन अलग-अलग पुरुषों के साथ रही और सात बच्‍चों को जन्‍म दिया।

इस कहानी ने हर किसी को दंग कर दिया है। तीनों आदमियों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। अब यह महिला मध्‍य प्रदेश के मंदसौर में महिला एवं बाल विकास के वन स्‍टेप सेंटर में रह रही है। यहां भी उसे 10 दिन से ज्यादा नहीं रखा जा सकता है। पिता ने जिस शख्स को सबसे पहले अपनी बेटी बेची थी उसका नाम नाहर सिंह से। नाहर सिंह को 5 हजार में पिता ने बेटी बेच दी थी, उस वक्त वह सिर्फ 11 साल की थी। 8 साल तक वह नाहर के साथ रही। 8 साल में तीन बच्चों को जन्म दिया। तीनों लड़कियां ही पैदा हुईं, लड़का पैदा ना होने की वजह से नाहर ने धक्के मारकर घर से बेदखल कर दिया।

घर से बेदखल किए जाने के बाद वह सहारा ढूंढने पिता के पास आई, लेकिन उसे क्या पता था कि वह दोबारा नर्क की तरफ आ रही है। हालाकि, बेटी को वापस आता देख पिता ने उसे घर पर जगह दे दी, लेकिन 21 साल की उम्र में उसे दोबारा बेच दिया। इस बार उसने देवास के रहने वाले राकेश थापा को बेटी बेच दी। महिला राकेश के साथ रहने लगी और इस बार उसने दो बेटों को जन्‍म दिया, लेकिन किस्‍मत को कुछ और ही मंजूर था। महिला ने बेटों को जन्‍म दिया पर वे जीवित नहीं रह सके। दोनों बच्‍चों की जान चली गई और राकेश भी मारपीट शुरू कर दिया।

अब दूर का एक रिश्‍तेदार जिंदगी में आया और उसे साथ ले गया अब शाजापुर का रहने वाला देवेंद्र उसे यह कहकर अपने साथ ले गया, वह उससे शादी करेगा। इस बार जब वह प्रेग्नेंट थी तो देवेंद्र अबॉर्शन चाहता था। इस बात से दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। लेकिन एक महिला के सपोर्ट से उसने बच्चे को जन्म दिया। सबसे हैरान की बात ये है कि जिस महिला ने लड़की का साथ दिया वह भी उसे बेचना चाहती थी। लेकिन अस्पताल के बाकी मरीजों ने उसका साथ दिया और पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अनामिका को महिला के बारे में जानकारी मिली और उन्‍होंने उसे सहारा देने का फैसला किया। वन स्‍टेप सेंटर में महिला को 10 दिन से ज्‍यादा नहीं रखा जा सकता, इसलिए अनामिका ने महिला को अपने साथ ले जाने का फैसला किया है।

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जम्मू-दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस में लू’ट: समय सुबह 3.30, नींद की आगोश में थे यात्री, हथियार संग चढ़े 5-10 ब’दमाश, और करने लगे लू’टपाट

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जम्मू-दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस (duronto express) में यात्रियों से लू’ट का मामला सामने आया है. दिल्ली में हथियारबंद बदमशों ने जम्मू-दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस की दो कोच को निशाना बनाया और यात्रियों से लू’टपाट की. हैरान करने वाली बात है कि ब’दमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिल्ली के बादली में दिया है. बताया जा रहा है कि वारदात के समय बोगी में न तो सुरक्षाकर्मी थे और न ही ट्रेन स्टाफ मौजूद थे. बता दें कि पिछले सप्ताह बिहार में ही ट्रेन लू’टने की बड़ी घटना सामने आई थी.

दरअसल, सुबह के 3.30 बजे सभी यात्री सो रहे थे. मगर अचानक सिग्नल से छेड़छाड़ कर 5 से 10 की संख्या में ब’दमाशों ने ट्रेन रोकी और हथियारों से लैस होकर बोगी में घुसे. ब’दमाशों को देखते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया. यात्रियों ने आवाज भी लगाई, मगर सब बेकार. ब’दमाशों ने चाकुओ और अन्य हथियारों के दम पर दुरंतो ट्रेन की दो एसी बोगियों को निशाना बनाया है. ब’दमाशों ने दो कोच के यात्रियों से लू’टपाट की. ब’दमाशों ने यात्रियों से कैश, मोबाइल और गहने भी छीन लिए.

 

एक यात्री ने कहा कि ब’दमाशों ने करीब 10 से 15 मिनट तक लू’टपाट किया. वहीं, उत्तरी रेलवे ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल इस मामले को देख रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ब’दमाशों की संख्या 5 से 10 के बीच बताई जा रही है. शिकायतकर्ता के मुताबिक, 5 से 10 ब’दमाश ट्रेन के बी-3 और बी-7 कोच में घुस गए और पैसेंजरों के गले पर चाकू रखकर लू’टपाट शुरू कर दी. बाहर बिल्कुल अंधेरा और एसी कोच से बाहर आवाज भी नहीं जा पा रही थी.

 

इससे पहले 10 जनवरी को बिहार के क्यूल और जमालपुर स्टेशन के बीच धनौरी स्टेशन (लखीसराय) के पास ट्रेन में लू’टपाट की घटना सामने आई थी. नई दिल्ली से भागलपुर जा रही ट्रेन संख्या 12350 को घंटे भर से ज्यादा रोककर ब’दमाशों ने मुसाफिरों से लू’टपाट की और उनसे पास से सभी कीमती सामान छीन लिए. बताया जा रहा है कि करीब 15 की संख्या में ब’दमाश थे, जिन्होंने मास्क पहन रखा था और सबके हाथों में बंदूक थे. ब’दमाशों ने तीन एसी और एक स्लीपर कोच को निशाना बनाया और इस तरह से चार कोच में लू’टपाट की. कोच में मौजूद एक भी मुसाफिर को ब’दमाशों ने नहीं छोड़ा.

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ट्रेन की A 1 (2nd एसी), B2,B3 (3rd एसी) और s9 (स्लीपर) कोच में ब’दमाशों ने इस लू’टपाट की घटना को अंजाम दिया. ब’दमाशों ने लू’टपाट के क्रम में यात्रियों को मारा-पीटा भी है, जिसमें कुछ यात्रियों को चोटें भी आई हैं. बताया जा रहा है कि करीब 200 से ज़्यादा मुसाफिरों से लू’ट पाट हुई है. दरअसल, ट्रेन 12350 वीकली ट्रेन है, जो नई दिल्ली से भागलपुर जाती है.

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स्कूल वैन चला रहे ड्राइवर की हार्टअटैक से मौत, पेड़ से टकराई 13 बच्चों से भरी गाड़ी

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दलमीरागढ़ के पास मॉर्डन पब्लिक स्कूल से बच्चों को लेकर आ रही क्रूसर पेड़ से टकरा गई। जिसमें सवार 14 बच्चे चोटिल हो गए। इनमें से पांच बच्चों को गंभीर चोट आई है। हादसे के दौरान ड्राइवर की मौत शमीम निवासी नौशहरा जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश की मौत हो गई।

खिजराबाद थाना प्रभारी लज्जाराम ने बताया कि चालक का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। शुरूआती जांच में यह सामने आ रहा है कि चालक को हार्ट अटैक हुआ होगा, क्योंकि गाड़ी की स्पीड अधिक नहीं थी। उससे गाड़ी अनियंत्रित हुई है।

उत्तर प्रदेश के बच्चे भी आते हैं यहां
मॉर्डन पब्लिक स्कूल खिजराबाद में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की सीमा से लगता है। इस स्कूल में उत्तर प्रदेश के आसपास के गांवों से काफी बच्चे आते हैं। बुधवार को भी स्कूल से क्रूसर गाड़ी में शमीम बच्चों को छोडऩे के लिए जा रही थी।

14 बच्चे थे क्रूजर में
क्रूजर में 14 बच्चे थे। बताया जाता है कि जब क्रूजर दलमीरागढ़ के पास पहुंची, तो उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से जा टकराई। टक्कर लगते ही क्रूसर का आगे का शीशा टूट गया। उसमें सवार बच्चे भी इधर उधर जा गिरे। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। चालक शमीम की मौत हो चुकी थी। जबकि बच्चे चोटिल हो गए थे।

बच्चों के सिर पर आई चोट
राहगीरों ने एंबुलेंस को मौके पर बुलवाया। इनमें से पांच बच्चों की हालत गंभीर थी। उनके सिर में चोट लगी थी। तुरंत उन्हें अस्पताल में भिजवाया गया। बच्चों के अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अपने बच्चों का आसपास के चिकित्सकों के पास प्राथमिक उपचार करवाया।

ये हुए हादसे में गंभीर घायल 
कक्षा सात से शोहेब निवासी खेड़ी उत्तर प्रदेश, कक्षा छह से मुमताज निवासी ढाबा उत्तर प्रदेश, कक्षा दस से पुरेश नौशहरा, कक्षा दस से सहद व कक्षा सात से मुदस्सिर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका इलाज निजी नर्सिंग होम में चल रहा है।

बस में कोई अटेंडेंट नहीं
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही साफ उजागर हो रही है। नियमानुसार बच्चों के साथ गाड़ी में अटेंडेंट होना जरूरी है, लेकिन इस क्रूसर में कोई भी अटेंडेंट नहीं था। जिस समय हादसा हुआ, उस समय गाड़ी में बच्चे व चालक ही था। ऐसे में यदि राहगीर नहीं आते, तो बच्चों की जान पर बन सकती थी। स्कूल के चेयरमैन विमल कांबोज का पक्ष जानने के लिए कोशिश की गई, लेकिन उनसे इस बारे में बात नहीं हो सकी।

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बर्फीली हवाओं से ठिठुरा मैदानी इलाका, विशेषज्ञ बोले- 24 से 36 घंटे में तीखे होंगे मौसम के तेवर

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बूंदाबांदी के बाद प्रदेश में दिन-रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में रविवार रात न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, सोमवार को दिन का पारा ज्यादातर जिलों में 18 से 20 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार 8-9 जनवरी को कुछ इलाकों में धुंध छाने की संभावना है। शीतलहर भी चल सकती है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। 10 जनवरी को पश्चिम विक्षोभ आएगा। इससे 11-12 जनवरी को जीटी बेल्ट में कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने के आसार हैं।

पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में बढ़ने लगा है। वहीं रविवार को बूंदाबांदी के बीच गिरे ओलों और तेज रफ्तार हवाओं के चलते ठंड के तेवर तीखे हुए। मौसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटे में ठंड के तेजी से बढ़ने के आसार जताए हैं। सोमवार सुबह भी लोग ठिठुरने को मजबूर हुए।

इसके पहले, सुबह से ही बादलों की आवाजाही लगी रही। 8-20 किमी. की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। इस बीच धूप निकली तो पर सर्द हवाओं के आगे बेअसर साबित हुई। दोपहर होते-होते बूंदाबांदी शुरू हुई  इस बीच चंद सेकंड के लिए ही हजरतगंज समेत नदी के किनारे वाले इलाकों व इटौंजा में ओले पड़े। ओले इतने छोटे थे कि बारिश में लोग उन्हें बूंदे ही समझते रहे।

गिरेगा पारा, बढ़ेगा कोहरा

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, अब आने वाले दिनों में बर्फीली ठंड बढ़ेगी। विंड पैटर्न बदलने के बाद सोमवार की देर रात से पछुआ हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। पहाड़ी हवाओं से पारा गिरेगा और कोहरा सुबह व शाम बढ़ेगा। सोमवार को सुबह बादलों की आवाजाही रहेगी।

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